यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 13, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
शरीर के इन हिस्सों में होने लगा है दर्द, तो समझ जाएं बढ़ रहा है Cholesterol; तुरंत करवा लें जांच
कोलेस्ट्रॉल लेवल अगर नॉर्मल रेंज पार कर जाए तो हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा काफी बढ़ जाता है। इसलिए कोलेस्ट्रॉल लेवल नियमित रूप से चेक करवाना जरूरी ह ...और पढ़ें

HighLights
- Cholesterol बढ़ने के कारण शरीर के कुछ हिस्सों में दर्द होता है
- कोलेस्ट्रॉल बढ़ने की वजह से हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है
- हाई कोलेस्ट्रॉल के कारण आर्टरीज ब्लॉक हो जाती हैं
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। हमारे शरीर में दो प्रकार के कोलेस्ट्रॉल पाए जाते हैं- गुड कोलेस्ट्रॉल और बैड कोलेस्ट्रॉल। एक तरफ जहां गुड कोलेस्ट्रॉल सेल फॉर्मेशन, हार्मोन सीक्रेशन आदि के लिए जरूरी है। वहीं बैड कोलेस्ट्रॉल (LDL) शरीर को नुकसान पहुंचाता है। शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ने (High Cholesterol) की वजह से आर्टरीज ब्लॉक हो सकती हैं।
इसकी वजह से ब्लड फ्लो रुक सकता है और स्ट्रोक, हार्ट अटैक आदि का रिस्क बढ़ सकता है। इसलिए शरीर में कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करना जरूरी है। कोलेस्ट्रॉल बढ़ने पर शरीर के कुछ खास हिस्सों में दर्द होने लगता है, जो इसके खतरनाक लेवल तक पहुंचने का संकेत (High Cholesterol Symptoms) देता है। इनकी मदद से आप वक्त रहते इसका पता लगा सकते हैं। आइए जानें।
शरीर में कोलेस्ट्रॉल बढ़ने के संकेत (Signs of High Cholesterol)
सीने में दर्द (एनजाइना)
कोलेस्ट्रॉल बढ़ने से आर्टरीज में प्लाक जमा हो जाता है, जिससे दिल तक भरपूर ऑक्सीजन वाला ब्लड नहीं पहुंच पाता। इस स्थिति में सीने में दबाव, जकड़न या तेज दर्द हो सकता है, जिसे एनजाइना कहते हैं। यह दर्द छाती के बीच में शुरू होकर गर्दन, जबड़े या बाएं कंधे तक फैल सकता है।
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पैरों में दर्द (पेरिफेरल आर्टरी डिजीज- PAD)
जब कोलेस्ट्रॉल पैरों की आर्टरीज को संकरा कर देता है, तो पैरों में खून कम सर्कुलेट होता है। इससे चलते समय पैरों में दर्द, ऐंठन या थकान महसूस होती है, जिसे क्लॉडिकेशन कहा जाता है। यह दर्द आराम करने पर कम हो जाता है, लेकिन गंभीर मामलों में पैरों में घाव भी बन सकते हैं।
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गर्दन और कंधे में दर्द
कोलेस्ट्रॉल के कारण गर्दन की आर्टरीज में ब्लॉकेज हो सकती है, जिससे गर्दन और कंधों में अकड़न और दर्द होने लगता है। कई बार यह दर्द सिरदर्द या चक्कर के साथ भी हो सकता है।
पीठ दर्द
हाई कोलेस्ट्रॉल की वजह से रीढ़ की हड्डी तक ब्लड सर्कुलेशन बाधित होने लगता है, जिससे पीठ के निचले हिस्से में दर्द होता है। यह दर्द आमतौर पर लंबे समय तक बैठने या खड़े होने पर बढ़ जाता है।
सिरदर्द और चक्कर आना
जब दिमाद तक खून पहुंचाने वाली आर्टरीज में कोलेस्ट्रॉल जमा हो जाता है, तो सिरदर्द, चक्कर आना या याददाश्त कमजोर होने जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। यह स्ट्रोक का संकेत भी हो सकता है।
कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल करने के उपाय
- हेल्दी डाइट- फाइबर से भरपूर डाइट, हरी सब्जियां, ओमेगा-3 फैटी एसिड और कम तेल-मसाले वाला खाना खाएं।
- नियमित एक्सरसाइज- रोजाना 30 मिनट की वॉक, योग या कार्डियो एक्सरसाइज करें।
- स्मोकिंग और शराब से परहेज- ये कोलेस्ट्रॉल को और बढ़ाते हैं।
- नियमित जांच- 30 साल के बाद साल में एक बार कोलेस्ट्रॉल लेवल जरूर चेक करवाएं।
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Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।