Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 19, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    बुढ़ापे में नहीं होना चाहते Alzheimer's का शिकार, तो आज ही लाइफस्टाइल में कर लें 6 बदलाव

    Updated: Thu, 19 Sep 2024 09:54 AM (GMT+05:30)

    अल्जाइमर (Alzheimers Disease) एक लाइलाज बीमारी है जो ज्यादातर बढ़ती उम्र में व्यक्ति को अपना शिकार बनाती है। इसमें व्यक्ति की याददाश्त और सोचने की क्ष ...और पढ़ें

    Alzheimer's से बचने के लिए अपनाएं ये टिप्स (Picture Courtesy: Freepik)
    Alzheimer's से बचने के लिए अपनाएं ये टिप्स (Picture Courtesy: Freepik)

    HighLights

    1. अल्जाइमर डिजीज का कोई इलाज नहीं है।
    2. इस बीमारी से बचने के लिए लाइफस्टाइल में सुधार करना जरूरी है।
    3. अल्जाइमर आमतौर पर बुजुर्गों में होने वाली बीमारी है।

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। अल्जाइमर डिजीज (Alzheimer's Disease) एक प्रोग्रेसिव न्यूरोडिजेनेरेटिव बीमारी है, जो याददा्श्त, सोच, फैसले लेने की क्षमता और व्यक्ति के व्यवहार को प्रभावित करती है। ये बीमारी आमतौर पर बुढ़ापे में व्यक्ति को अपना शिकार बनाती है। इस बीमारी में दिमागी फंक्शन प्रभावित होने की वजह से, मरीज रोजमर्रा के छोटे-मोटे काम, जैसे सड़क पार करना, बाजार से सामान लाना आदि भी ठीक से नहीं कर पाता। हालांकि, अभी तक अल्जाइमर डिजीज का कोई इलाज नहीं है, लेकिन लाइफस्टाइल में कुछ बदलाव (Lifestyle Changes to Prevent Alzheimer's Disease) करके इसके रिस्क को कम किया जा सकता है।

    कैसे करें अल्जाइमर से बचाव? (How To Prevent Alzheimer's Disease?)

    हेल्दी डाइट

    • फल और सब्जियां- अपने डाइट में अलग-अलग और रंग-बिरंगे फल और सब्जियां शामिल करें। इनमें एंटीऑक्सिडेंट होते हैं, जो ब्रेन सेल्स को नुकसान से बचाते हैं।
    • साबुत अनाज- साबुत अनाज जैसे ब्राउन राइस, ओट्स और क्विनोआ दिमाग के स्वास्थ्य के लिए आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करते हैं। इससे अल्जाइमर जैसी बीमारियों का खतरा कम होता है।
    • ओमेगा-3 फैटी एसिड्स- मछली, अलसी के बीज और अखरोट में पाए जाने वाले ओमेगा-3 फैटी एसिड्स ब्रेन सेल्स को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं।
    • सेचुरेटेड और ट्रांस फैट्स कम खाएं- सेचुरेटेड और ट्रांस फैट्स से भरपूर फूड आइटम्स को कम से कम मात्रा में डाइट में शामिल करें, क्योंकि ये दिमाग के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकते हैं।

    यह भी पढ़ें: दिन में क्या आपको भी अकसर आ जाती है नींद, तो जानें किस बीमारी की वजह बन सकती है ये आदत

    नियमित एक्सरसाइज

    • कार्डियोवैस्कुलर एक्सरसाइज- चलना, दौड़ना, स्वीमिंग और साइकिलिंग जैसी कार्डियोवैस्कुलर एक्सरसाइज दिमाग के स्वास्थ्य को बढ़ावा देते हैं।
    • स्ट्रेंथ ट्रेनिंग- वेटलिफ्टिंग, योग और पिलाटेस जैसी स्ट्रेंथ ट्रेनिंग मांसपेशियों को मजबूत बनाने और संतुलन को सुधारने में मदद करते हैं।
    • सप्ताह में कम से कम 150 मिनट- सप्ताह में कम से कम 150 मिनट मॉडिरेट इंटेंसिटी की एक्सरसाइज करने की कोशिश करें।

    भरपूर नींद लें

    • 7-9 घंटे की नींद- रोज रात 7-9 घंटे की नींद लेने की कोशिश करें। अच्छी नींद दिमाग के स्वास्थ्य के लिए जरूरी है।
    • नींद की गुणवत्ता- नींद की गुणवत्ता में सुधार करने के लिए बेडरूम में आरामदायक वातावरण बनाएं।

    स्ट्रेस मैनेज करें

    • स्ट्रेस मैनेजमेंट तकनीकें- योग, ध्यान, गहरी सांस लेने और नेचर में समय बिताने जैसी स्ट्रेस मैनेजमेंट तकनीकों की प्रैक्टिस करें।
    • पॉजिटिव सोच- पॉजिटिव सोच तनाव को कम करने और दिमाग के स्वास्थ्य को बढ़ावा देने में मदद करती है।

    सोशल कनेक्शन

    • संबंधों को मजबूत करें- दोस्तों और परिवार के साथ समय बिताएं और सोशल कनेक्शन को मजबूत करें।
    • कम्युनिटी की एक्टिविटीज में शामिल हों- सोसायटी में होने वाली अलग-अलग एक्टिविटीज और फंक्शन में शामिल होने से सोशल कनेक्शन बढ़ाने और मानसिक स्वास्थ्य को सुधारने में मदद मिलती है।

    स्मोकिंग न करें और शराब न पिएं

    • स्मोकिंग छोड़ें- स्मोकिंग ब्रेन सेल्स को नुकसान पहुंचाता है और अल्जाइमर डिजीज के जोखिम को बढ़ाता है।
    • शराब न पिएं- शराब पीना भी दिमागी स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह है।

    यह भी पढ़ें: युवा पीढ़ी के दिमाग का आकार बढ़ा, लेकिन IQ हो रहा कम, जानिए क्या कुछ कहती है इससे जुड़ी स्टडी