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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 07, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Cancer 5 Myths: एक्सपर्ट से जानें कैंसर से जुड़े 5 कॉमन मिथक और उनकी हक़ीक़त!

    By Ruhee ParvezEdited By:
    Updated: Thu, 07 Apr 2022 01:57 PM (IST)

    Cancer 5 Myths आपकी बीमारियों से जुड़े मिथक कई सुनने को मिल जाएंगे। इन्हीं में एक बीमारी है कैंसर जिसके बारे में कई तरह की बातें सुनने को मिल जाएंगी। ...और पढ़ें

    Cancer 5 Myths: कैंसर से जुड़े 5 कॉमन मिथक और उनका सच
    Cancer 5 Myths: कैंसर से जुड़े 5 कॉमन मिथक और उनका सच

    नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। Cancer 5 Myths: आज दुनियाभर में विश्व स्वास्थ्य दिवस मनाया जा रहा है। यह दिन लोगों में सेहत के महत्वता के प्रति जागरुकता बढ़ाने के लिए मनाया जाता है। इसे हर साल 7 अप्रैल को ही मनाया जाता है। हालांकि, पिछले दो सालों में सेहत की एहमियत सभी को अच्छी तरह मालूम हो गई है। कोरोना वायरस महामारी ने हमें यह बताता कि सेहत सबसे ज़रूरी है। अब सभी अपनी डाइट और लाइफस्टाइल को लेकर सतर्क हो गए हैं।

    लेकिन विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी WHO साल 1950 से लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरुक कर रहा है। उसकी कोशिश है कि दुनिया के सभी क्षेत्रों के लोगों को उनकी उम्र, जाति, धर्म और सामाजिक-आर्थिक स्थिति की परवाह किए बिना अच्छा स्वास्थ्य हासिल हो।

    भारत उन्नत स्वास्थ्य देखभाल वितरण में एक आदर्श बदलाव देख रहा है। बीमारियों का निदान हो या फिर मरीजों की देखभाल कैसे की जाए, इसको लेकर नई-नई टेक्नोलॉजीज़ धीरे-धीरे आ रही हैं। हालांकि, जब भी कैंसर जैसी बीमारी की बात आती है, तो इसे लेकर अज्ञानता, सामाजिक रूढ़ियां और इससे जुड़े मिथकों की वजह से निदान और उपचार में देर हो जाती है, जिसका ख़ामियाज़ा मरीज़ और उसके परिवार को उठाना पड़ता है।

    सीनियर ऑन्कोलॉजिस्ट, डॉ.संदीप नेमानी का कहना है, "चिकित्सा क्षेत्र में तरक्की होने के बावजूद, कई लोग कैंसर को मौत का फरमान मान लेते हैं। कैंसर रोगियों को अक्सर अपने जीवन में नकारात्मकता का सामना करना पड़ता है, जिसकी वजह से उनमें निराशा की भावना आती है और अंतत: वे पूरी तरह टूट जाते हैं।"

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    ऐसे इस बीमारी से जुड़ी जानकारी होना ज़रूरी है। डॉ. नेमानी बता रहे हैं कैंसर से जुड़े कुछ मिथक और उनके सच के बारे में:

    1. मिथक: कैंसर का इलाज नहीं हो सकता।

    सच: अगर समय रहते इसकी पहचान हो जाए, तो ज़्यादातर कैंसर का इलाज अब संभव है।

    2. मिथक: कैंसर की जांच और इलाज बहुत ही महंगा होता है।

    सच: कई सारे कैंसर की पहचान सामान्य क्लीनिकल परीक्षण और बेसिक टेस्ट से हो जाती है। आर्थिक सहयोग के लिए कई सारे सरकारी और गैर-सरकारी संस्थान जरूरतमंद रोगियों की मदद करने के लिए तैयार रहते हैं।

    3. मिथक: बोन मैरो ट्रांसप्लांट (बीएमटी) एक प्रयोगात्मक थैरेपी है।

    सच: बीएमटी ब्लड कैंसर के लिए बहुत ही प्रभावी और उपचारात्मक इलाज है, जो कि दवाओं और कीमोथैरपी से ठीक नहीं होता। थैरेपी का यह प्रकार कई सारे रक्त संबंधी रोगों (गैर-कैंसरकारी भी) के लिए भी एक वरदान है।

    4. मिथक: कैंसर रोगी के संपर्क में आने से यह बीमारी फैल सकती है।

    सच: कैंसर कोई संक्रमण नहीं है और यह संपर्क से नहीं फैल सकता।

    5. मिथक: ब्लड कैंसर, कैंसर के सबसे गंभीर प्रकारों में से एक है और इसका कभी इलाज नहीं हो सकता।

    सच: ब्लड कैंसर एक समावेशी शब्द है, जिसमें ल्यूकेमिया, लिम्फोमा और मल्टीपल मायलोमा शामिल हैं। ब्लड कैंसर के लिए ये उपचार काफी क्रांतिकारी हैं, इनमें से कई को केवल टैबलेट्स से ही काबू किया जा सकता है। अब कई सारे ब्लड कैंसर का इलाज हो सकता है। यहां तक कि बुजुर्ग रोगियों में भी, बेहतर और गुणवत्तापूर्ण जिंदगी के साथ लंबी उम्र भी संभव है।