यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 01, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
डिप्रेशन (Depression)
डिप्रेशन दैनिक दिनचर्या में होने वाले मूड में बदलाव और रोजमर्रा की जिंदगी में गुजरने वाले भावनाओं से अलग होता है। जानें इस समस्या से जुड़ी सभी बातें इ ...और पढ़ें

अवसाद, जिसे डिप्रेसिव डिसऑर्डर या डिप्रेशन के नाम से जानते हैं एक सामान्य मानसिक विकार है। इस दौरान लंबे समय तक व्यक्ति उदास मनोदशा से जूझता है। डिप्रेशन दैनिक दिनचर्या में होने वाले मूड में बदलाव और रोजमर्रा की जिंदगी में गुजरने वाले भावनाओं से अलग होता है। यह विकार मनुष्य के जीवन के हर पहलू को प्रभावित करता है, इसमें परिवार, दोस्त और सामाजिक समुदाय भी शामिल है।
डिप्रेशन किसी को भी हो सकता है। जो लोग दुर्व्यवहार, गंभीर नुकसान या फिर किसी तनाव से गुज़रते हैं उनमें डिप्रेशन की संभावना अधिक होती है। पुरुषों की तुलना में महिलाओं में डिप्रेशन होने की संभावना अधिक होती है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी डब्ल्यूएचओ (WHO) के मुताबिक कुल जनसंख्या की 3.8% आबादी डिप्रेशन का अनुभव करती है। इसमें 5% वयस्क (पुरुषों में 4% और महिलाओं में 6%) है, तो वहीं 5.7% 60 वर्ष से अधिक उम्र के वयस्क शामिल हैं। दुनिया में लगभग 280 मिलियन लोगों को डिप्रेशन है। पुरुषों की तुलना में महिलाओं में अवसाद लगभग 50% अधिक आम है। दुनिया भर में, 10% से अधिक गर्भवती महिलाएं और माताएं अवसाद का अनुभव करती हैं। आत्महत्या के कारण हर साल 7,00,000 से अधिक लोग मर जाते हैं। 15-29 वर्ष के बच्चों में आत्महत्या मृत्यु का चौथा प्रमुख कारण है।
डिप्रेशन के लक्षण और पैटर्न
उदास मनोदशा
चिड़चिड़ापन
खाली महसूस करना
किसी गतिविधियों में आनंदित न महसूस करना
किसी काम में रुचि न महसूस करना
एकाग्रता में कमी
खुद को कम आंकना
भविष्य के बारे में निराशा
मरने या आत्महत्या के बारे में विचार
नींद न आना
भूख या वजन में परिवर्तन
बहुत थकान हुआ महसूस करना
डिप्रेशन के कारण और रोकथाम
- डिप्रेशन का कारण हर व्यक्ति में अलग-अलग हो सकता है। किसी को सामाजिक तनाव होता है, तो कोई मनोवैज्ञानिक परेशानी से जूझ रहा होता है, तो वहीं कुछ लोगों में ये बायोलॉजिकल कारणों के चलते हो सकता है।
- बेरोजगारी, शोक, दर्दनाक घटनाओं ऐसे कुछ मुद्दे हैं, जो किसी व्यक्ति में अवसाद विकसित करने की संभावना रखते हैं। डिप्रेशन के चलते तनाव और थकान का अहसास होता है, जिसकी वजह से शारीरिक गतिविधि की कमी के कारण स्वास्थ्य पर असर पड़ता है।
खबरें और भी
- मानसिक स्वास्थ्य का शारीरिक स्वास्थ्य से करीबी रिश्ता है। इसके चलते हृदय रोग, कैंसर, मधुमेह और सांस की समस्या जैसे कई रोगों का खतरा बढ़ जाता है।
निदान और उपचार
-मनोवैज्ञानिक उपचार और दवाएं
-अवसाद के लक्षणों को पहचानकर सावधानी बरतें।
-थेरेपिस्ट (टॉक थेरेपी)
डिप्रेशन से बचाव के लिए प्रभावी मनोवैज्ञानिक उपचार
व्यवहारिक रूप से सक्रिय हो
शारीरिक और सामाजिक गतिविधि को बढ़ाएं
इंटरपर्सनल साइकोथेरेपी
समस्या निवारण चिकित्सा
डॉक्टर की सलाह से एंटीडिप्रेसेंट दवाएं
सेल्फ केयर
आप क्या-क्या कर सकते हैं
उन गतिविधियों को जारी रखने की कोशिश करें जिनमें आपको आनंद आता था
दोस्तों और परिवार से जुड़े रहें
नियमित रूप से व्यायाम करें, भले ही वह थोड़ी देर टहलना ही क्यों न हो
जितना हो सके नियमित खाने और सोने की आदतों का पालन करें
शराब से बचें
अवैध दवाओं का उपयोग न करें, इससे डिप्रेशन और भी बदतर बन सकता है
किसी ऐसे व्यक्ति से बात करें, जिस पर आप भरोसा करते हों
चिकित्सकीय सहायता लें