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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 12, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Eggs Myths vs Facts: क्या अंडे खाने से बढ़ता है कैंसर का खतरा? जानें अंडों से जुड़े ऐसे ही कुछ मिथ और फैक्ट्स

    By Harshita SaxenaEdited By: Harshita Saxena
    Updated: Wed, 12 Apr 2023 01:22 PM (IST)

    Eggs Myths vs Facts अंडे हमारी सेहत के लिए काफी फायदेमंद होते हैं। लेकिन कई लोग ऐसे भी है जो अंडों से जुड़े कुछ मिथकों की वजह से उनसे दूरी बना लेते है ...और पढ़ें

    अंडे से जुड़े कुछ आम मिथक और इसकी सच्चाई
    अंडे से जुड़े कुछ आम मिथक और इसकी सच्चाई

    नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। Eggs Myths vs Facts: संडे हो या मंडे, रोज खाओ अंडे….हम सभी से बचपन में यह पंक्ति जरूर सुनी होगी। अंडा कई लोगों का पसंदीदा फूड है। हाई प्रोटीन से भरपूर अंडा खाने से सेहत को कई सारे फायदे मिलते हैं। हालांकि, इससे होने वाले फायदों के बाद भी कई लोग अंडे से जुड़ी गलत धारणाओं और मिथकों की वजह से इससे दूरी बनाने लगते हैं। अगर आप भी उन लोगों में से हैं, जो अंडे से जुड़े मिथकों पर भरोसा करते हैं, तो नीचे हम आपको अंडे से जुड़े कुछ ऐसे ही मिथक और इसकी सच्चाई बता रहे हैं।

    मिथक 1- अंडे दिल की सेहत के लिए खराब होते हैं?

    फैक्टः अंडे के बारे में सबसे आम मिथक यह है कि हाई कोलेस्ट्रॉल कंटेंट होने के कारण यह हृदय स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं। हालांकि, अध्ययनों से यह पता चला है कि डाइटरी कोलेस्ट्रॉल खून में कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बढ़ाता नहीं है। इसके अलावा अंडे की जर्दी में मौजूद फैट, एलडीएल (बैड) और एचडीएल (गुड) दोनों कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बढ़ाता है।

    मिथक 2- कच्चे अंडे पके हुए अंडे से ज्यादा पौष्टिक होते हैं।

    फैक्टः कच्चे अंडे का सेवन जोखिम भरा हो सकता है। कच्चे अंडे में साल्मोनेला जैसे हानिकारक बैक्टीरिया हो सकते हैं, जो फूड प्वाइजनिंग की वजह बन सकते हैं, जिससे उल्टी, दस्त और बुखार हो सकता है। अंडे को पकाने से बैक्टीरिया अच्छी तरह से मर जाते हैं और उन्हें खाने के लिए सुरक्षित बना देते हैं।

    मिथक 3- अंडे का सफेद हिस्सा पूरे अंडे से ज्यादा पौष्टिक होता है।

    फैक्टः अंडे को लेकर एक मिथक यह भी है कि सिर्फ अंडे का सफेद भाग ही पौष्टिक होता है, जबकि जर्दी में फैट और कैलोरी अधिक होती है। हालांकि, इसके विपरीत अंडे की जर्दी में विटामिन ए, डी, ई और के सहित कई आवश्यक पोषक तत्व मौजूद होते हैं, जो अंडे के सफेद भाग में नहीं होते हैं।

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    मिथक 4- अंडे से वजन बढ़ाता है।

    फैक्टः कुछ लोगों का मानना ​​है कि अंडे खाने से वजन बढ़ता है, लेकिन शोध कुछ और ही बताते हैं। वास्तव में अंडे प्रोटीन से भरपूर होते हैं, जिसे खाने से पेट भरा हुआ महसूस होता है और इससे लोग अधिक खाने से बच सकते हैं। इसके अलावा, एक प्रोटीन युक्त आहार आपके मेटाबॉलिज्म को बढ़ावा देने में भी मदद कर सकता है।

    मिथक 5- सफेद अंडे की तुलना में ब्राउन अंडे हेल्दी होते हैं।

    फैक्टः बहुत से लोग ऐसा मानते हैं कि भूरे रंग के अंडे सफेद अंडे की तुलना में ज्यादा हेल्दी होते हैं। हालांकि, अंडे के खोल का रंग उसके पोषण मूल्य या गुणवत्ता को प्रभावित नहीं करता है। भूरे और सफेद अंडे के बीच मुख्य अंतर चिकन की नस्ल है, जिसने अंडे दिए हैं।

    मिथक 6- रोजाना अंडे खाने से कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।

    फैक्टः इस दावे का समर्थन करने के लिए कोई सबूत नहीं है कि रोजाना अंडे खाने से कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। इसके विपरीत, अंडे में आवश्यक पोषक तत्व होते हैं, जो कोशिकाओं को क्षति से बचाकर सूजन को कम कर सकते हैं। इसके अलावा, अंडे का सेवन महिलाओं में स्तन कैंसर के खतरे को कम करता है।

    मिथक 7- डायबिटीज वाले लोगों को अंडे से बचना चाहिए।

    फैक्टः अंडे से जुड़ा एक और मिथक यह है कि डायबिटीज के मरीजों को अंडों के सेवन से बचना चाहिए, क्योंकि उनमें कोलेस्ट्रॉल की मात्रा होती है। हालांकि, अध्ययनों से यह पता चला है कि डायबिटीज में अंडे के सीमित सेवन से हृदय रोग का खतरा नहीं बढ़ता है। इसके अलावा, अंडे ब्लड शुगर के स्तर को नियंत्रित करने में भी मदद कर सकते हैं।

    Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।

    Picture Courtesy: Freepik