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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 04, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    एक्सपर्ट से जानें, पैप टेस्ट से जुड़ी जरूरी बातें और क्यों 21 साल के बाद महिलाओं के लिए ये टेस्ट है जरूरी

    By Priyanka SinghEdited By:
    Updated: Fri, 04 Jun 2021 07:42 AM (IST)

    यह गर्भाशय की ग्रीवा में कैंसर की उपस्थिति का पता लगाने के लिए की जाने वाली जांच प्रक्रिया है। 21 साल उम्र से ऊपर की हर एक महिला को हर तीन साल में एक ...और पढ़ें

    लैब में पैप टेस्ट की एक अनुमानित तस्वीर
    लैब में पैप टेस्ट की एक अनुमानित तस्वीर

    क्या है पैप टेस्ट ?

    पैप टेस्ट या पैप स्मीर टेस्ट का इस्तेमाल सर्वाइकल कैंसर का पता लगाने के लिए किया जाता है। यह आपके गर्भाशय की ग्रीवा में कैंसर की उपस्थिति का पता लगाने के लिए की जाने वाली जांच प्रक्रिया है। 21 साल उम्र से ऊपर की हर एक महिला को हर तीन साल में एक बार पैप टेस्ट कराने की सलाह दी जाती है। कुछ महिलाओं में संक्रमण या कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है। अगर महिला एचआईवी से गुजर रही हो, अंग प्रत्यारोपण या कीमोथेरेपी की वजह से उसकी प्रतिरोधक क्षमता काफी कमजोर हो गई होए तो उसे अक्सर पैप टेस्ट कराने की सलाह दी जाती है।

    इसके लिए कैसे तैयार हों?

    पैप टेस्ट उस दिन किया जाता है जब आप मासिक धर्म से नहीं गुजर रही हों। वरना परिणाम सही नहीं आता। इस टेस्ट से पहले संभोग या गुप्तांगों की साफ.सफाई से परहेज करने की सलाह दी जाती है क्योंकि इससे टेस्ट का परिणाम प्रभावित हो सकता है। पैप स्मीयर टेस्ट के दौरान शांत रहना और गहरी सांसें लेना बेहद जरूरी है।

    पैप टेस्ट के दौरान क्या होता है?

    यह सामान्य तौर पर काफी जल्द हो जाने वाला टेस्ट है। इस प्रक्रिया के दौरान डाॅक्टर स्पेकुलम नाम का डिवाइस आपके वेजाइना में डालेगा जिसकी पहुंच आपके गर्भाशय की ग्रीवा तक होगी। गर्भाशय ग्रीवा से कुछ सेल्स को निकाला जाता है। आप मामूली से चुभन महसूस कर सकती हैं। इन सेल्स लैबोरेटरी में जांच के लिए भेजे जाते हैं।

    इससे जुड़ी जटिलाएं

    पैप स्मीर टेस्ट से किसी तरह का चिकित्सकीय जोखिम या जटिलता नहीं जुड़ी हुई है। इसकी काफी कम आशंका रहती है कि महिला पैप स्मीयर टेस्ट के बाद कुछ असहज महसूस करे।

    इसके परिणाम का क्या मतलब होता है?

    परिणाम सामान्य या असामान्य हो सकता है। नाॅर्मल टेस्ट का मतलब है कि जांच के दौरान कोई असामान्य सेल्स नहीं पाया गया हो। नाॅर्मल टेस्ट को निगेटिव करार दिया जाता है। वहीं दूसरी तरफ असामान्य टेस्ट का मतलब होता है कि आपके गर्भाशय की ग्रीवा में कुछ गड़बड़ी पाई गई है और इनमें से कुछ कैंसर के पूर्व संकेत हो सकते हैं। डाॅक्टर आपके सवाईकल टिश्यू को नजदीकी से देखने के लिए कुछ और टेस्ट कर सकता है और यह आपके पैप टेस्ट पर निर्भर करता है।

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    समीर भाटी, निदेशक (इमेजिंग एंड पैथ लैब) से बातचीत पर आधारित

    Pic credit- freepik