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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 19, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    हरदम थकान और नींद न आना करता है इस हार्मोन की कमी का इशारा, समय रहते कर लें इसकी पहचान

    Updated: Sun, 19 Jan 2025 06:07 PM (GMT+05:30)

    हमारे शरीर में कई तरह के हार्मोन पाए जाते हैं। कोर्टिसोल (Low Cortisol) इन्हीं में से एक है जो एक स्टेरॉयड हार्मोन है। इसे स्ट्रेस हार्मोन के नाम से ...और पढ़ें

    कैसे पहचानें शरीर में कोर्टिसोल की कमी (Picture Credit- Freepik)
    कैसे पहचानें शरीर में कोर्टिसोल की कमी (Picture Credit- Freepik)

    HighLights

    1. शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन बेहद अहम भूमिका निभाता है।
    2. हालांकि, कई वजहों से शरीर में इसकी कमी होने लगती है।
    3. ऐसे में कुछ संकेतों की मदद से आप इसकी कर पहचान सकते हैं

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। कोर्टिसोल एक स्टेरॉयड हार्मोन है, जिसे स्ट्रेस हार्मोन भी कहा जाता है। इस हार्मोन के साथ स्ट्रेस शब्द जुड़ने से अक्सर इसकी एक बुरी इमेज बन जाती है। जबकि असल में हमारे शरीर को इस हार्मोन की जरूरत होती है।

    स्ट्रेस की स्थिति में कोर्टिसोल ब्लड ग्लूकोज और फैटी एसिड की उपलब्धता बढ़ाता है, जिससे एनर्जी के रूप में इनका इस्तेमाल किया जा सके। लेकिन जब ये कोर्टिसोल असंतुलित होता है, तो शरीर इसके संकेत देना शुरू करता है। ऐसे में जरूरी है कि शरीर में इस हार्मोन की कमी के संकेत को समय रहते समझा जा सके। आइए जानते हैं शरीर में कोर्टिसोल की कमी के संकेत-

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    • ज्यादा मीठा और नमकीन खाने की क्रेविंग होना
    • वर्कआउट और डाइटिंग करने के बाद भी चेहरे से पफीनेस और पेट की चर्बी खत्म होने का नाम नहीं लेती है
    • पाचन तंत्र संबंधी समस्याएं जैसे ब्लोटिंग, अपच, गैस, सीने में जलन, इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम(IBS) आदि।
    • सोने में समस्या, जल्दी नींद न आना, बीच-बीच में नींद टूटना
    • नींद पूरी होने के बावजूद हर समय थकावट
    • एंग्जायटी, चिड़चिड़ापन का एहसास।
    • ब्रेन फॉग
    • माइग्रेन

    कैसे करें कोर्टिसोल की कमी दूर?

    शरीर में इस कोर्टिसोल की कमी को दूर करने के लिए अपनी लाइफस्टाइल में बदलाव करना जरूरी है। इसके लिए अपनी डाइट में कुछ फूड्स शामिल कर सकते हैं-

    विटामिन सी

    एड्रिनल की फंक्शनिंग के लिए विटामिन सी बेहद जरूरी है। इससे कोर्टिसोल का प्रोडक्शन भी सकारात्मक रूप से प्रभावित होता है, खास तौर से स्ट्रेस की स्थिति में। संतरा, शिमला मिर्च, स्ट्रॉबेरी, कीवी, ब्रोकली, ब्रुसेल स्प्राउट्स को डाइट में शामिल करने से कोर्टिसोल असंतुलन को संतुलित करने में मदद मिलती है।

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    विटामिन बी (खास B5, B6, B12)

    B5 एड्रिनल हार्मोन के प्रोडक्शन को बढ़ावा देता है। वहीं, B6 और B12 एनर्जी प्रोडक्शन और स्ट्रेस के प्रति रिस्पॉन्स देने की क्रिया में मददगार होते हैं। मशरूम, शकरकंद, एवोकाडो, दाल आदि से विटामिन B5, काबुली चना, साल्मन, आलू और केला आदि से विटामिन B6 और लिवर, यीस्ट, फोर्टीफाइड प्लांट बेस्ड मिल्क आदि से विटामिन B12 की कमी पूरी की जा सकती है।

    मैग्नीशियम

    इसे रिलेक्सेशन मिनरल भी कहते हैं। ये नर्वस सिस्टम को शांत करता है और कोर्टिसोल लेवल को संतुलित करता है।

    पोटैशियम

    ये सोडियम लेवल को संतुलित करता है, ब्लड प्रेशर नियंत्रित करता है, जिससे नर्वस सिस्टम स्ट्रेस के दौरान शांत रहता है।

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