यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 06, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
आपकी सॉफ्ट स्किन को बिगाड़ सकता है सड़कों पर भरा पानी, इन्फेक्शन से बचने के लिए करें ये काम
बरसात के मौसम में पानी भरने की समस्या आम है जिससे स्किन इन्फेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। गंदे पानी में मौजूद बैक्टीरिया और कीटाणु कई तरह की बीमारियों का ...और पढ़ें

HighLights
- बरसात के मौसम में कई सारी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
- खासकर सकड़ों पर पानी जमा होने से स्किन इन्फेक्शन का खतरा बढ़ जाता है।
- इनसे बचने के लिए कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी होता है।
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। बरसात के दिनों कई तरह की समस्याएं लोगों के लिए परेशानी जगह बनी रहती है। इस दौरान फैलने वाले इन्फेक्शन तो लोगों को परेशान करते ही हैं, लेकिन बारिश की वजह से जगह-जगह भरने वाला पानी भी चिंता का कारण बना रहता है। बरसात में अक्सर पानी भरने की समस्या होती है, जो न सिर्फ रोज के कामकाज को प्रभावित करती है, बल्कि हमारी स्किन को भी नुकसान पहुंचाती है।
सड़कों पर जमा यह पानी आपकी स्किन को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है और कई तरह की स्किन से जुड़ी समस्याओं का कारण बन सकता है। ऐसे में आप इस आर्टिकल में शारदा हॉस्पिटल में इंटरनल मेडिसिन के सीनियर कंसल्टेंट डॉ. श्रेय श्रीवास्तव से जानेंगे स्किन से जुड़ी इन्हीं समस्याओं के बारे में और इनसे बचने का तरीका-
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स्कैबीज
बरसात में जमा होने वाले गंदे पानी की वजह से अक्सर स्कैबीज की समस्या हो सकती है। यह स्किन से जुड़ी एक संक्रामक बीमारी है, जो माइक्रोस्कोपिक नाम के कीड़े (Mites) के कारण होती है। बारिश के दिनों में गंदे कपड़े, तौलिए या बिस्तर शेयर करने से यह बीमारी फैल सकती है।
कैसे करें बचाव
- अपनी पर्सनल चीजें शेयर न करें।
- बिस्तर और कपड़े को गर्म पानी से साफ करें।
- डॉक्टर से पूछकर एंटी-पैरासिटिक क्रीम लगाएं।
लेप्टोस्पायरोसिस
बारिश के पानी से होने वाली एक और स्किन डिजीज बेहद कॉमन है। यह लेप्टोस्पायरोसिस है, जो एक तरह का बैक्टीरियल इन्फेक्शन है। यह गंदे पानी में मौजूद चूहे के यूरिन से फैलता है। आपकी त्वचा में मौजूद किसी चोट या कट की वजह से यह कीटाणु शरीर में चले जाते हैं, जिससे यह समस्या होती है।
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कैसे करें बचाव
- बारिश के दौरान खासतौर पर खुले घाव को कवर करें।
- जितना संभव हो गंदे पानी में चलने से बचें।
- जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से मिलने में देरी न करें।
कॉन्टैक्ट डर्मेटाइटिस
यह एक आम स्किन रिएक्शन है, जो बारिश के मौसम में कई लोगों के लिए परेशानी की वजह बनी रहती है। दरअसल, बारिश के पानी में मौजूद गंदगी, डिटर्जेंट, सीवेज और पेट्रोल जैसे तत्वों के संपर्क में आने की वजह से यह समस्या शुरू होती है। इसकी वजह से अक्सर स्किन पर लाल चकत्ते, खुजली, सूजन और जलन जैसी परेशानी हो सकती है।
कैसे करें बचाव
- गंदे पानी में चलने से बचें।
- वॉटरप्रूफ फुटवियर और फुल पैंट का इस्तेमाल करें।
- अगर गंदे पानी के संपर्क में आए हैं, तो एंटीसेप्टिक से स्किन साफ करें।
फोलिकुलिटिस
यह बालों की जड़ों में होने वाला एक तरह का इन्फेक्शन है। जब बारिश का गंदा पानी शरीर के संपर्क में आता है, जो नमी की वजह से यह इन्फेक्शन तेजी से फैलता है। इसके मुख्य लक्षणों में लाल दाने, जलन और खुजली शामिल हैं।
कैसे करें बचाव
- फोलिकुलिटिस से बचने के लिए रोजाना नहाएं।
- बरसात के दिनों में सिंथेटिक कपड़े पहनने से बचें।
- साफ-सुथरे तौलिए का इस्तेमाल करें।
एथलीट फुट
बरसात के दिनों फंगल इन्फेक्शन होना आम है और एथलीट फुट इन्हीं में से एक है, जो आमतौर पर गीले पैरों की वजह से होता है। बरसात में अक्सर भीगने के कारण मोजे या जूते गीले हो जाते हैं, जिन्हें ज्यादा देर तक पहनने की वजह से उंगलियों के बीच खुजली, स्किन छिलना और जलन हो सकती है, तो एथलीट फुट के लक्षण है।
कैसे करें बचाव
- अपने पैरों को हमेशा साफ-सुथरा और साफ रखें।
- अगर जूते-मोजे गीले हैं, तो तुरंत इसे बदलें।
- इन्फेक्शन से बचने के लिए एंटी-फंगल पाउडर का इस्तेमाल करें।
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