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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 08, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    नए शोध में खुलासा, टाइप 2 डायबीटीज के लिए कारगर दवा है ब्रोकली

    By Umanath SinghEdited By:
    Updated: Fri, 08 Jan 2021 03:50 PM (IST)

    University of Gothenburg और The Faculty of Medicine at Lund University के तत्वाधान में यह शोध किया गया है। इस शोध से पता चला है कि ब्रोकली में एंटीऑक् ...और पढ़ें

    सल्फोराफेन लिवर सेल्स में उत्सर्जित होने वाले शर्करा और ग्लाइकेटेड हीमोग्लोबिन को कम करने में सहायक है।
    सल्फोराफेन लिवर सेल्स में उत्सर्जित होने वाले शर्करा और ग्लाइकेटेड हीमोग्लोबिन को कम करने में सहायक है।

    नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। आधुनिक समय में लोग प्रकार की बीमारियों से जूझ रहे हैं। इनमें डायबिटीज प्रमुख है। डायबिटीज के मरीजों की संख्या भारत में सबसे अधिक है। इसके लिए भारत को डायबिटीज की राजधानी कहा जाता है। विशेषज्ञों की मानें तो डायबिटीज के मरीजों को डाइट में शर्करा मुक्त सब्जियों का सेवन करना चाहिए। सब्जियों में मिनरल्स और विटामिन्स पाए जाते हैं जो बीमारियों के असर को कम करने में सहायक होते हैं। खासकर जब आप किसी बीमारी से पीड़ित हैं, तो डाइट में फल और सब्जियों का महत्व बहुत बढ़ जाता है। अगर आप डायबिटीज से पीड़ित हैं और ब्लड शुगर को कंट्रोल करना चाहते हैं, तो अपनी डाइट में ब्रोकली को जरूर शामिल करें। इसके सेवन से ब्लड शुगर कंट्रोल में रहता है। आइए जानते हैं-

    journal Science Translational Medicine में छपी एक शोध से खुलासा हुआ है कि ब्रोकली पाउडर (अर्क) ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में सक्षम है। इस शोध को कई चरणों में किया गया। पहले चरण में चूहों पर शोध किया गया। इससे पता चला कि सल्फोराफेन लिवर सेल्स में उत्सर्जित होने वाले शर्करा और ग्लाइकेटेड हीमोग्लोबिन को कम करने में सहायक है। वहीं, दूसरे चरण में डायबिटीज से पीड़ित 97 मरीजों को 12 हफ्ते तक ब्रोकली पाउडर के सेवन करने की सलाह दी गई। इसमें पाया गया कि सल्फोराफेन फास्टिंग रक्त शर्करा स्तर को मदद करता है।

    ब्रोकली के फायदे

    ब्रोकली में कई पोषक तत्व पाए जाते हैं। ब्रोकली एस्ट्रोजन हार्मोन को मेंटेन रखता है। इसमें कैल्शियम भी पाया जाता है जो महिलाओं में होने वाले प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम समस्या को दूर करने में सहायता करता है। साथ ही तनाव, चिड़चिड़ापन, बार-बार खाने और थकान की समस्या को भी दूर करता है।

    डिस्क्लेमर: स्टोरी के टिप्स और सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन्हें किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर नहीं लें। बीमारी या संक्रमण के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

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