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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 16, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Chickenpox: देश में मिला चिकनपॉक्स का नया वेरिएंट, जानें इसके लक्षण से लेकर बचाव तक सबकुछ

    By Harshita SaxenaEdited By: Harshita Saxena
    Updated: Sat, 16 Sep 2023 01:29 PM (IST)

    Chickenpox निपाह वायरस के आने के बाद से ही देशभर में लोगों की चिंंता बढ़ गई है। इसी बीच अब सामने आए चिकनपॉक्स के नए वेरिएंट ने लोगों को और ज्यादा परेश ...और पढ़ें

    जानें चिकनपॉक्स के नए वेरिएंट के बारे में सबकुछ
    जानें चिकनपॉक्स के नए वेरिएंट के बारे में सबकुछ

    HighLights

    1. देशभर में अलग-अलग तरह की बीमारियां लोगों को अपना शिकार बना रही है।
    2. इसी बीच हाल ही में चिकनपॉक्स का एक नया वेरिएंट सामने आया है।
    3. आइए जानते हैं इस नए वेरिएंट से जुड़ी सभी जरूरी बातें।

    नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। Chickenpox: देश में लगातार कई तरह की बीमारियां फैल रही हैं। कोरोना महामारी के बाद एक तरफ जहां केरल में निपाह वायरस ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है, तो वहीं लगातार सामने आ डेंगू के मामले भी लोगों के लिए परेशानी की वजह बने हुए हैं। इसी बीच अब एक और बीमारी चिंता का विषय बन गई है। दरअसल, हाल ही में देश में चिकनपॉक्स का एक नया प्रकार क्लैड 9 पाया गया है। आइए जानते हैं चिकनपॉक्स के इस नए वेरिएंट के लक्षण से लेकर बचाव तक सबकुछ-

    नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (एनआईवी) ने पहली बार भारत में चिकनपॉक्स फैलाने वाले वेरिसेला-जोस्टर वायरस (वीजेडवी) के क्लैड 9 वेरिएंट की मौजूदगी दर्ज की है। अब तक यह वेरिएंट जर्मनी, यूके और यूएस जैसे देशों में पाया गया है। वेरिसेला-जोस्टर वायरस नौ हर्पीस वायरस में से एक है, जो बच्चों, किशोरों में चिकनपॉक्स और वयस्कों में दाद की वजह बनता है। अब तक भारत में इसके क्लैड 1 और क्लैड 5 वेरिएंट मिल चुके हैं, लेकिन क्लैड 9 पहली बार पाया गया है।

    क्या है क्लैड 9?

    क्लैड 9 वेरिसेला जोस्टर वायरस (वीजेडवी) का एक प्रकार है, जो चिकनपॉक्स का कारण बनता है। यह बीमारी आमतौर पर बचपन होने वाली एक आम बीमारी है। बात करें इस वेरिएंट के प्रभाव की तो, देश में मौजूद इसके पिछले वेरिएंट की तुलना में क्लैड 9 से होने वाले संक्रमण की गंभीरता में कोई अंतर नहीं है।

    क्लैड 9 के लक्षण क्या है?

    चिकनपॉक्स के वायरस के संपर्क में आने के 2-3 सप्ताह बाद इसके लक्षण दिखाई देते हैं। दाने निकलने से पहले, पीड़ित को बुखार, शरीर में दर्द और सिरदर्द होता है। इसके बाद मरीज के शरीर में दाने दिखाई देते हैं जिन्हें पपल्स कहा जाता है। बाद में तरल पदार्थ से भरे छोटे छाले होते हैं, जिन्हें वेसिकल्स कहा जाता है। इसके प्रमुख लक्षणों में

    खबरें और भी

    • दाने
    • बुखार
    • भूख न लगना
    • सिरदर्द
    • थकान
    • खराब स्वास्थ्य की भावना

    यह भी पढ़ें- केरल में बढ़ रहा निपाह वायरस का प्रकोप, सुरक्षित रहने के लिए अपनाएं ये तरीके

    कैसे करें बचाव

    चिकनपॉक्स से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका इसकी वैक्सीन है। हालांकि, कुछ अन्य बातों का ध्यान रख भी व्यक्ति खुद को इससे बचा सकता है।

    खांसी और छींकते समय रखें ध्यान

    वायरस आमतौर पर खांसी और छींकते से फैलते हैं। ऐसे में इस बात का ध्यान रखें कि खांसते या छींकते समय अपने मुंह और नाक को ढकने के लिए रूमाल, टिशू या अपनी कोहनी का इस्तेमाल करें।

    स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं

    एक मजबूत इम्यून सिस्टम कई बीमारियों और संक्रमणों से बचाव में मदद करता है। ऐसे में चिकनपॉक्स से सुरक्षित रहने के लिए जरूरी है कि आप एक स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं। इसके लिए संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और पर्याप्त नींद को अपनी रूटीन का हिस्सा बना सकते हैं।

    पर्सनल चीजें शेयर न करें

    अगर आपके आसपास कोई व्यक्ति चिकनपॉक्स से पीड़ित है, तो उनके साथ तौलिए, कपड़े और बर्तन जैसी अन्य व्यक्तिगत वस्तुओं को शेयर करने से परहेज करें, जब तक वह पूरी तरह ठीक नहीं हो जाते।

    आइसोलेशन

    अगर आपके घर में किसी को चिकनपॉक्स है, तो उन्हें दूसरों से अलग आइसोलेट कर दें। साथ ही पीड़ित को खासतौर पर हाई रिस्क वाले लोग जैसे गर्भवती महिलाएं, नवजात शिशु और कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले व्यक्तियों से दूर करें।

    विशेषज्ञ से सलाह लें

    अगर कोई व्यक्ति चिकनपॉक्स से पीड़ित है या उसमें कोई लक्षण विकसित हो रहे हैं, तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लें। समय रहते सही इलाज के लिए विशेषज्ञ की सलाह आपको गंभीर जोखिम से बचा सकती है।

    यह भी पढ़ें- बच्चों में तेजी से फैल रहे डेंगू के मामले, इन लक्षणों और संकेतों से करें इसकी पहचान

    Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।

    Picture Courtesy: Freepik