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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 26, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Pregnancy Tips: प्रेग्नेंसी के दौरान बातों का ध्यान रखें बनाएं अपने थर्ड ट्राइमेस्टर को आरामदायक

    Updated: Fri, 26 Apr 2024 02:39 PM (IST)

    मां बनना हर महिला के लिए एक सुखद एहसास होता है। इस दौरान उन्हें कई तरह के शारीरिक और मानसिक बदलावों का सामना करना पड़ता है। प्रेग्नेंसी (Pregnancy Tip ...और पढ़ें

    इन टिप्स से बनाएं प्रेग्नेंसी के थर्ड ट्राईमेस्टर को आसान
    इन टिप्स से बनाएं प्रेग्नेंसी के थर्ड ट्राईमेस्टर को आसान

    HighLights

    1. मां बनना सुखद एहसास होने के साथ ही चुनौतीपूर्ण भी होता है।
    2. इस दौरान एक महिला को शारीरिक और मानसिक बदलावों का सामना करना पड़ता है।
    3. खासकर थर्ड ट्राईमेस्टर के दौरान महिलाओं को अपना खास ख्याल रखना चाहिए।

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। मां बनना हर महिला के लिए एक खास एहसास होता है। प्रेग्नेंसी के तीन ट्राइमेस्टर के अपने अलग-अलग महत्व हैं। पहले ट्राइमेस्टर में प्रेग्नेंसी (Pregnancy Tips) का इतना एहसास नहीं होता है, लेकिन ये बहुत ही महत्वपूर्ण चरण होता है। जब बच्चे के सभी अंग निर्मित होना शुरू होते हैं। दूसरे चरण में थोड़ा आराम रहता है और बच्चे के अंग विकसित होना शुरू होते हैं। तीसरे ट्राइमेस्टर में बच्चे का वजन और कद बढ़ना शुरू होता है। ये एक चुनौती भरा चरण होता है, जिसमें बढ़े हुए वजन के साथ नियमित दिनचर्या भी कठिन लगने लगती है।

    इस दौरान शारीरिक रूप से सबसे अधिक थकान, काम करने में परेशानी और बेचैनी होती है। हर समय डिलीवरी की चिंता और डिलीवरी के बाद स्वस्थ बच्चे की चिंता एक मां को अंदर ही अंदर परेशान करते रहती है। इसी कारण इस दौरान शारीरिक ही नहीं मानसिक थकान भी हो जाती है। ऐसे में तीसरे ट्राइमेस्टर को जितना हो सके आरामदायक बना कर रहना चाहिए, लेकिन किन्हीं कारणों से ऐसा संभव नहीं हो पाता है। अगर आप भी इन दिनों अपनी प्रेग्नेंसी एंजॉय कर रही हैं, तो आइए जानते हैं कि कैसे बनाएं अपने थर्ड ट्राइमेस्टर को आरामदायक-

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    मदद लें

    सबसे पहला स्टेप यही है कि थर्ड ट्राइमेस्टर के दौरान आप अपने पार्टनर, अपने किसी करीबी फैमिली मेंबर या फिर किसी केयर टेकर की मदद लें। इस दौरान अकेले न रहें और किसी से भी मदद मांगने में संकोच न करें।

    खानपान रखें स्वस्थ

    तला भुना या मसालेदार खाने से इस दौरान एसिडिटी, गैस या कब्ज की समस्या को बढ़ा सकता है, जो कि आपके लिए बहुत ही परेशानी भरा हो जाएगा। भारी वजन के साथ ये बढ़ी हुई समस्याएं आपको हर तरह से बेचैन कर देंगी। इनसे बचने के लिए हेल्दी खानपान रखें, जिससे आपके साथ बच्चे को भी पोषण मिले और बिना कारण अनावश्यक बीमारियां गले न पड़ें।

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    डिलीवरी के लिए जागरूक रहें

    कई महिलाएं डिलीवरी के वीडियो देख कर डर सहम जाती हैं और अपना थर्ड ट्राइमेस्टर इस चिंता में गंवा देती हैं। इस दौरान डरने की नहीं, बल्कि जागरूक रहने की जरूरत है। ऐसे में ब्रेस्टफीड, फॉर्मूला फीड, नवजात का रोना, उनको डकार दिलाना, अपनी शरीर का ख्याल रखना, इन बातों से संबंधित वीडियो देखें और खुद को एजुकेट करें। अनावश्यक डराने वाले वीडियो देख कर भ्रमित न हों। डिलीवरी के दौरान सबकी शरीर और सभी के अनुभव अलग होते हैं। किसी से तुलना कर चिंता करना नादानी है।

    सक्रिय रहें

    डॉक्टर के निर्देश के अनुसार एक्सरसाइज, वॉक, योग और अन्य शारीरिक गतिविधि करें, जिससे आपका शरीर सक्रिय रहे और आसानी से डिलीवरी के लिए खुद को तैयार कर सके।

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    Picture Courtesy: Freepik