यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 07, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Probiotics: पाचन ही नहीं दिमाग भी हेल्दी रखते हैं प्रोबायोटिक्स, जानें क्या हैं इसके अन्य फायदे
प्रोबायोटिक्स हमारे शरीर के लिए काफी आवश्यक होते हैं। इनकी मदद से कई परेशानियों से बचाव करने में भी मदद मिल सकती है। ये आमतौर पर गुड माइक्रोब्स होते ह ...और पढ़ें

HighLights
- प्रोबायोटिक्स गुड बैक्टीरिया और यीस्ट होते हैं।
- ये पाचन तंत्र और दिमाग के लिए काफी फायदेमंद होते हैं।
- इनकी मदद से बैक्टीरियल और फंगल इन्फेक्शन को कम करने में भी मदद मिलती है।
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। Probiotics: क्या आप जानते हैं कि आपका शरीर कई करोड़ माइक्रोब्स का घर है। इनमें से कुछ आपकी सेहत के लिए काफी फायदेमंद होते हैं, तो कुछ आपकी सेहत को नुकसान भी पहुंचा सकते हैं। इसलिए अपने शरीर के गुड माइक्रो बायोम को और बेहतर बनाने की कोशिश करनी चाहिए। इसमें प्रोबायोटिक्स काफी लाभदायक हो सकते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि प्रोबायोटिक्स होते क्या हैं? अगर नहीं तो आइए जानते हैं, क्या हैं प्रोबायोटिक्स और क्यों जरूरी हैं ये हमारी बेहतर सेहत के लिए।
क्या होते हैं प्रोबायोटिक्स?
क्लीवलैंड क्लीनिक के अनुसार, प्रोबायोटिक्स ऐसे बैक्टीरिया और यीस्ट होते हैं, जो हमारी सेहत पर सकारात्मक प्रभाव डालते हैं। ये गुड माइक्रोब्स हमारे शरीर के कई हिस्सों में पाए जाते हैं, जैसे- गट, जेनिटल एरिया, नाक आदि। प्रोबायोटिक्स गुड माइक्रोब्स को बढ़ा कर, बैड माइक्रोब्स से आपके शरीर की रक्षा करता है। ये आपको सेहत से जुड़े कई फायदे दे सकते हैं। इसलिए जरूरी है कि अपनी डाइट में प्रोबायोटिक्स को शामिल किया जाए।
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क्या हैं प्रोबायोटिक्स के फायदे?
एक्न- एक्ने हमारी त्वचा के पोर्स क्लॉग होने और बैक्टीरियल इन्फेक्शन की वजह से होता है। इसलिए प्रोबायोटिक्स इस इन्फेक्शन को रोकने या कम करने में मददगार हो सकते हैं, जिससे एक्ने से राहत मिल सकती है।
यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन- यूरिनरी ट्रैक्ट में फंगल या बैक्टीरियल या फंगल इन्फेक्शन की वजह से खुजली, दर्द जैसी परेशानियां हो सकती हैं। इस परेशानी को दूर करने में प्रोबायोटिक्स मदद कर सकते हैं।
गट हेल्थ- हमारे गट में कई गुड माइक्रोब्स होते हैं, जो खाना पचाने में हमारे पाचन तंत्र की मदद करते हैं। प्रोबायोटिक्स उन गुड माइक्रोब्स को बढ़ाकर हमारी गट हेल्थ को और बेहतर बना सकते हैं।
ब्रेन हेल्थ- हमारे दिमाग के कई न्यूरोट्रांसमिटर आपके दिमाग के साथ सीधे जुड़े होते हैं, जो आपके दिमाग को सिग्नल्स भेजते हैं। इसलिए गट को सेकंड ब्रेन भी कहा जाता है। गट में परेशानी होने पर आपका दिमाग भी परेशान हो सकता है और दिमाग भी अपने सिग्नल्स गट तक भेजता है। इसे आप ब्रेन-गट कनेक्शन समझ सकते हैं। इसलिए प्रोबायोटिक्स की मदद से ब्रेन हेल्थ को भी बेहतर रखा जा सकता है।
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इम्यून सिस्टम- प्रोबायोटिक्स गुड माइक्रोब्स की मात्रा को बढ़ाकर, पैथोजेन्स से आपके शरीर की रक्षा करने में मदद कर सकते हैं। यह इससे इम्यून सिस्टम को पैथोजेन्स पहचानने में भी मदद करते हैं।
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Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।
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