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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 04, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Herpes वायरस से बढ़ रहा है अल्जाइमर का खतरा, Study से हुआ चौंकाने वाला खुलासा

    Updated: Sat, 04 Jan 2025 11:12 AM (IST)

    अल्जाइमर रोग से पीड़ित लोगों के मस्तिष्क के नमूनों की तुलना में अल्जाइमर से पीड़ित नहीं लोगों के मस्तिष्क के नमूनों की तुलना में (Herpes Virus) हर्पीस ...और पढ़ें

    Herpes Virus से स्किन से जुड़ी समस्याएं होती है। ( Pic Courtesy : Freepik)
    Herpes Virus से स्किन से जुड़ी समस्याएं होती है। ( Pic Courtesy : Freepik)

    HighLights

    1. हर्पीस बीमारी का असर पड़ रहा दिमाग पर
    2. स्किन पर होने लगती हैं फुंसियां
    3. अल्जाइमर से दिमाग की कोषिकाओं को करता है नष्ट

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। Herpes Virus स्किन से जुड़ी समस्याओं का होना आम बात है। कई बार स्किन से जुड़ी समस्या की वजह एलर्जी हो सकती है। इनमें वायरल, बैक्टीरियल, फंगल आदि बीमारी शामिल हैं। शरीर की साफ सफाई नहीं करने की वजह से ऐसा होता है।

    चूंकि अब हवा इतनी दूषित हो गई है कि ये बीमारियां आम हो गई हैं। अब एक स्टडी में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। वो यह कि हर्पीज बीमारी अल्जाइमर का कारण बन रही है। हममें से कुछ लोग न तो हरपीज बीमारी के बारे में जानते हैं और न ही अल्जाइमर। इसलिए आज हम आपको इन बीमारियों के बारे में बताएंगे। क्योंकि कई लोग अभी इन बीमारियों को सही तरह से नहीं जानते हैं और न ही उनको इन बीमारियों से जुड़े लक्षणों के बारे में पता है। 

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    जानिए क्या है हर्पीस बीमारी

    हर्पीस लंबे समय तक रहने वाली (Skin disease) स्किन से जुड़ी समस्या है। जो हर्पीस सिम्प्लेक्स वायरा (HSV) के कारण होता है। यह वायरस मुंह या जननांग क्षेत्र या शरीर के अन्स भागों की त्वचा को प्रभावित करता है। बता दें कि इसके कारण आपकी स्किन में छोटी-छोटी फुंसियां या घाव होने लगते है। इसमें खुजली, दर्द जलन इत्यादि महसूस हो सकती है। यह दाग फिर धीरे-धीरे बढ़ते भी रहते हैं।   

    हर्पीस बीमारी से हो सकता है अल्जाइमर 

    सबसे पहले यह जानना जरूरी है कि अल्ज़ाइमर रोग, मस्तिष्क की कोशिकाओं को नष्ट करने वाली एक क्रॉनिक न्यूरोडीजेनेरेटिव बीमारी है। इससे इंसान धीरे-धीरे चीजों को भूलने भी लगता है। डॉक्टरों के अनुसार ये एक प्रगतिशील बीमारी है यानि के इसके लक्षण धीरे-धीरे विकसित हो जाते हैं और फिर गंभीर रूप धारण कर लेते हैं।

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    पिट्सबर्ग विश्वविद्यालय के ओर शेमेश के नेतृत्व में हाल ही में किए गए एक अध्ययन के अनुसार, सामान्य हर्पीस सिम्प्लेक्स वायरस टाइप 1 (एचएसवी-1), जिसे वायरस के रूप में जाना जाता है, जो सर्दी-जुकाम के लिए जिम्मेदार है, अल्जाइमर के पीछे का कारण हो सकता है।

    29 लोगों पर की गई रिसर्च 

    अध्ययन तीन समूहों में 29 व्यक्तियों पर आयोजित किया गया था। इनमें बिना अल्जाइमर वाले, बीमारी के हल्के रूप वाले और उन्नत स्तर के अल्जाइमर वाले। शोधकर्ताओं ने हिप्पोकैम्पस और एंटेरहिनल कॉर्टेक्स सहित कई क्षेत्रों से मस्तिष्क के ऊतकों के नमूनों का अध्ययन किया, ये क्षेत्र आमतौर पर अल्जाइमर रोग से सबसे अधिक प्रभावित होते हैं।

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