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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 21, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Oral Health को नुकसान पहुंचा सकती है Vaping, ये समस्याएं आपको कर सकती हैं परेशान

    Updated: Thu, 21 Mar 2024 01:38 PM (IST)

    इन दिनों लोगों के बीच वेपिंग यानी ई-सिगरेट का चलन काफी बढ़ गया है। कई लोग इसे स्मोकिंग का एक हेल्दी ऑप्शन मानते हैं। हालांकि यह पूरी तरह सच नहीं है। V ...और पढ़ें

    जानें ओरल हेल्थ को कैसे नुकसान पहुंचाती है वेपिंग
    जानें ओरल हेल्थ को कैसे नुकसान पहुंचाती है वेपिंग

    HighLights

    1. इन दिनों लोगों के बीच वेपिंग का चलन तेजी से बढ़ गया है।
    2. कई लोग इसे स्मोकिंग का हेल्दी ऑप्शन मानते हैं।
    3. हालांकि,यह शरीर के साथ ही ओरल हेल्थ को भी नुकसान पहुंचाता है।

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। हाल के कुछ वर्षों में, लोगों के बीच ई-सिगरेट यानी वेपिंग (Vaping) ने काफी लोकप्रियता हासिल कर ली है। यह पारंपरिक सिगरेट के विकल्प के रूप में काफी प्रचलित हो चुकी है। लोगों का ऐसा मानना है कि यह स्मोकिंग का एक सुरक्षित विकल्प है, लेकिन सच इसके बिल्कुल विपरीत है। वेपिंग न सिर्फ आपकी सेहत, बल्कि आपकी ओरल हेल्थ (Oral Health) को भी बुरी तरह प्रभावित करता है।

    अगर आप भी उन लोगों में से एक है, जो वेपिंग को स्मोकिंग का सुरक्षित ऑप्शन मानते हैं, तो आइए आपको बताते हैं इससे ओरल हेल्थ से जुड़ी होने वाली कुछ समस्याओं के बारे में-

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    ड्राई माउथ

    ड्राई माउथ वेपिंग का एक सामान्य दुष्प्रभाव है। जब आप वेप करते हैं, तो आपका शरीर कम लार का उत्पादन करता है, जो आपकी ओरल हेल्थ पर बुरा प्रभाव डाल सकता है। ड्राई माउथ के लक्षणों में हर समय प्यास लगना, निगलने में कठिनाई और मुंह में चिपचिपापन महसूस होना शामिल है। मुंह में लार के बिना, कैविटीज और मसूड़ों की बीमारी का खतरा काफी बढ़ जाता है।

    मसूड़ों की सूजन

    वेप एरोसोल में मौजूद केमिकल आपके ओरल टिश्यू को खराब कर सकते हैं, जिससे मसूड़ों में सूजन हो सकती है। मसूड़ों की सूजन की वजह से रेडनेस और कोमलता हो सकती है। जैसे-जैसे मसूड़ों की बीमारी बढ़ती है, आपके मसूड़े आपके दांतों से दूर हो सकते हैं, जिससे जड़ें एक्सपोज हो सकती हैं और दांतों में संवेदनशीलता हो सकती है, जिससे दांतों में सड़न का खतरा बढ़ सकता है।

    घाव भरने में देरी

    वेपिंग में मौजूद निकोटीन ब्लड वेसल्स को सिकोड़ सकता है और मसूड़ों में ब्ल फ्लो को कम कर सकता है। इस संकुचन की वजह से दांत निकलवाने या मसूड़ों की सर्जरी जैसे ट्रीटमेंट के बाद हीलिंग में देरी हो सकती है। अगर आप देखते हैं कि दांतों के उपचार के बाद आपके मसूड़ों को ठीक होने में सामान्य से ज्यादा समय ले रहे है, तो यह वेपिंग के कारण ब्लड फ्लों में गड़बड़ी का संकेत हो सकता है।

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    दांत की सेंसिटिविटी

    वेपिंग दांतों के इनेमल को भी कमजोर कर सकती है, जिससे दांत सेंसिटिविटी के प्रति ज्यादा संवेदनशील हो जाते हैं। इसकी वजह से आपको गर्म, ठंडा या मीठा खाने या पीने पर आपको दर्द या परेशानी का अनुभव हो सकता है। दांतों की सेंसिटिविटी कई समस्याओं जैसे इनेमल इरोजन या कैविटीज का संकेत दे सकती है, जो वेपिंग से खराब हो सकती है।

    सांसों से बदबू आना

    वेपिंग एयरोसोल में मौजूद केमिकल के कारण वेपिंग से सांसों में बदबू आ सकती है। इससे लगातार मुंह से दुर्गंध आने की समस्या हो सकती है और वेपिंग के कारण मुंह सूखने की समस्या और भी बढ़ सकती है। यह ध्यान रखना जरूरी है कि अगर ओरल हाइजीन की अच्छी आदतें बनाए रखने के बावजूद आपकी सांस से बजबू आ रही है, तो यह वेपिंग से जुड़ी ओरल समस्याओं का संकेत हो सकता है।

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    Picture Courtesy: Freepik