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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 10, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    बढ़ती उम्र में रखना है Heart Health का ख्याल, तो 40 के बाद जरूर कराएं ये 5 टेस्ट

    Updated: Wed, 10 Apr 2024 07:54 AM (IST)

    सेहतमंद रहने के लिए दिल का ख्याल रखना बेहद जरूरी है। इन दिनों कई वजहों से हमारा दिल बीमारियों का शिकार बनता जा रहा है। ऐसे में कुछ जरूरी है कि Heart H ...और पढ़ें

    40 साल के बाद जरूर कराएं ये 5 टेस्ट
    40 साल के बाद जरूर कराएं ये 5 टेस्ट

    HighLights

    1. सेहतमंद रहने के लिए दिल का ख्याल रखना जरूरी है।
    2. खासकर बढ़ती उम्र में सेहत को लेकर सगज रहना जरूरी है।
    3. ऐसे में कुछ ऐसे टेस्ट हैं, जो आपको 40 साल के बाद जरूर करवाने चाहिए।

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। कम उम्र में तेजी से दौड़ना-भागना या फिर रेस लगाना कितना अच्छा लगता है, लेकिन 40 के बाद अगर हम बहुत तेजी से दौड़ना या फिर भागना चाहें तो ऐसा करने में परेशानी महसूस होती है। ऐसे इसलिए क्योंकि अब हम में पहले जितनी एनर्जी और स्ट्रेंथ नहीं होती। इस उम्र में कई बार जब हम दौड़ते हैं, तो अपना सारा एफर्ट लगा देते हैं, लेकिन जब रुकते हैं, तो बहुत जोर-जोर से हांफने लगते हैं।

    कई बार ऐसे ही चलते हुए या फिर सीढियां चढ़ने और उतरने पर भी अगर आप हांफने लगते हैं, तो ये आपके हार्ट हेल्थ की कमजोरी को दर्शाता है। कई बार मोटापे की वजह से भी हम हांफते हैं, लेकिन मोटापा भी तो हार्ट हेल्थ को ही प्राभावित करता है। ऐसे में हमें 40 के बाद खुद के हार्ट हेल्थ के लिए डॉक्टर से इन पांच टेस्ट को जरूर कराना चाहिए और अपने हार्ट हेल्थ को मजबूत बनाए रखना चाहिए।

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    इकोकार्डियोग्राम

    हार्ट वाल्व के फंक्शन और दिल की धड़कन की जांच के लिए इकोकार्डियोग्राम टेस्ट किया जाता है। ये परीक्षण तब होता है, जब आपकी हार्टबीट तेज हो, जैसे एक्सरसाइज करने के तुरंत बाद। इस टेस्ट में डॉक्टर साउंड वेब की मदद से आपके हार्टबीट किस तरह से हो रही है और साथ ही ब्लड किस तरह मूव कर रहा है, इसका पता लगाते हैं।

    ग्लाइकोसिलेटेड हीमोग्लोबिन टेस्ट

    इस टेस्ट के द्वारा खून में शुगर की मात्रा की जानकारी ली जाती है। डायबिटीज और हार्ट पेशेंट के लिए ये टेस्ट बेहद जरूरी होता है।

    इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम (ईसीजी)

    ये टेस्ट हार्ट बीट में होने वाले बदलाव को मॉनिटर कर हार्ट अटैक की जांच के लिए किया जाता है।

    मैग्नेटिक रेजोनेंस इमेजिंग (एमआरआई)

    हमारा हार्ट वाल्व कैसे काम कर रहा है, हमारे पूरे हार्ट स्ट्रक्चर का आकलन, और हार्ट मसल्स के अंदर स्कार टिश्यू की जांच के लिए ही इस परीक्षण किया जाता है।

    सीटी स्कैन

    सीटी स्कैन कभी भी कोरोनरी आर्टरी में ब्लॉकेज और पूरे हार्ट स्ट्रक्चर का आकलन करने के लिए किया जाता है। इसका उपयोग हार्ट और ब्लड वेसेल्स में होने वाली समस्याओं की जांच की लिए किया जाता है।

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    Picture Courtesy: Freepik

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