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    सोने की इस एक आदत से कम हो सकता है हार्ट अटैक का खतरा, ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने में भी मिलती है मदद

    Updated: Tue, 19 Aug 2025 03:44 PM (IST)

    आजकल हार्ट अटैक के मामले काफी तेजी से बढ़ रहे हैं। कमजोर होता दिल और हाई ब्लड प्रेशर जैसी परेशानियां हमारे लिए घातक साबित हो सकती हैं। हालांकि अच्छी ल ...और पढ़ें

    हार्ट अटैक का खतरा कम करने के लिए नींद पर दें ध्यान (Picture Courtesy: Freepik)
    हार्ट अटैक का खतरा कम करने के लिए नींद पर दें ध्यान (Picture Courtesy: Freepik)

    HighLights

    1. हार्ट अटैक के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं
    2. ब्लड प्रेशर दिल की बीमारियों का एक बड़ा कारण है
    3. इन परेशानियों से बचने के लिए सोने की आदतों पर ध्यान देना जरूरी है

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोगों के सोने की आदतें (Sleeping Habits) काफी अनियमित हो जाती हैं। देर रात तक काम करना, मोबाइल या लैपटॉप पर समय बिताना, तनाव और अनहेल्दी लाइफस्टाइल के कारण नींद पूरी नहीं हो पाती।

    लेकिन क्या आप जानते हैं कि सोने की एक आदत न सिर्फ आपकी एनर्जी को बनाए रखती है, बल्कि ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने और दिल के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में भी मदद करती है? आइए जानते हैं किस एक आदत (Sleep Habit to Prevent Heart Attack) को अपनाकर आप ब्लड प्रेशर कंट्रोल कर सकते हैं और हार्ट अटैक के रिस्क को भी कम कर सकते हैं।

    दिल की बीमारियों का खतरा कम करती है ये आदत

    नींद हमारे शरीर के लिए सिर्फ आराम का समय नहीं है, बल्कि यह एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें हमारा शरीर खुद को रिपेयर करता है। जब हम नियमित रूप से पूरी नींद लेते हैं, तो हमारा दिल बेहतर तरीके से काम करता है। वहीं, अनियमित नींद या नींद की कमी से हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट डिजीज और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए हार्ट हेल्थ को बेहतर बनाने और दिल को हेल्दी रखने के लिए सोने और जागने का एक फिक्स समय तय करना काफी जरूरी है।

    ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में मदद

    जब हम सोते हैं, तो हमारा ब्लड प्रेशर स्वाभाविक रूप से कम हो जाता है, जिससे दिल और आर्टरीज को आराम मिलता है। अगर नींद पूरी न हो, तो ब्लड प्रेशर लंबे समय तक हाई रह सकता है, जिससे हाइपरटेंशन की समस्या हो सकती है। नियमित नींद लेने से शरीर का सर्केडियन रिदम सही रहता है, जिससे बीपी कंट्रोल में रहता है

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    हार्ट डिजीज का खतरा कम होता है

    जो लोग रोजाना 7-8 घंटे की गहरी नींद लेते हैं, उनमें हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा कम हो जाता है। नींद की कमी से कोर्टिसोल हार्मोन का स्तर बढ़ता है, जो दिल के लिए हानिकारक है। नियमित नींद लेने से कोलेस्ट्रॉल और ब्लड शुगर लेवल भी कंट्रोल में रहते हैं, जो दिल को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं।

    तनाव और सूजन कम करने में सहायक

    अनियमित नींद से शरीर में सूजन बढ़ सकती है, जो आर्टरीज को नुकसान पहुंचाती है। नियमित नींद लेने से इंफ्लेमेशन कम होता है और दिल की काम करने की क्षमता बेहतर होती है। साथ ही, इससे मानसिक तनाव भी कम होता है, जो हाई बीपी का एक अहम कारण है।

    कैसे बनाएं नियमित नींद लेने की आदत?

    • फिक्स्ड स्लीप शेड्यूल बनाएंरोजाना एक ही समय पर सोएं और उठें, चाहे वीकेंड हो या वर्कडे।
    • बेडरूम का माहौल शांत रखेंकमरे में अंधेरा और ठंडक बनाए रखें।
    • सोने से पहले स्क्रीन टाइम कम करेंमोबाइल और लैपटॉप की नीली रोशनी नींद में बाधा डालती है।
    • कैफीन और हैवी मील से बचेंसोने से 2-3 घंटे पहले चाय-कॉफी या हैवी खाना न खाएं।
    • रिलैक्सेशन तकनीक अपनाएंमेडिटेशन, डीप ब्रीदिंग या हल्की स्ट्रेचिंग करें।

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    Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।