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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 31, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

इस चीज का सेवन करना कर दीजिए शुरू, कभी नहीं होगी डिमेंशिया की बीमारी- Study में हुआ खुलासा

Published: Fri, 31 Jan 2025 11:30 AM (IST)

डिमेंशिया एक तरह से दिमाग से जुड़ी बीमारी है। इसमें दिमाग की कोशिकाएं कमजोर होने लगती है। इसका असर यह ...और पढ़ें

डिमेंशिया में दिमाग की याददाश्त कमजोर होने लगती है। ( Pic Courtesy : Freepik)
डिमेंशिया में दिमाग की याददाश्त कमजोर होने लगती है। ( Pic Courtesy : Freepik)

लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। डिमेंशिया एक दिमाग से जुड़ी बीमारी है। यह बीमारी काफी घातक होत है। बता दें कि डिमेंशिया दिमाग की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचने के कारण होता है। इस बीमारी में इंसान के संवाद करने यानि बोलने की ताकत कम हो जाती है।

विशेषज्ञ कहते हैं कि अल्जाइमर रोग डिमेंशिया का सबसे प्रमुख कारण है। कहा जाता है कि 60 से 70 फीसद  मामलों के लिए अल्जाइमर बीमारी डिमेंशिया का कारण बनती है।

वहीं बात अगर अन्य कारणों की करें तो  इसमें संवहनी डिमेंशिया, लेवी बॉडी डिमेंशिया और फ्रंटोटेम्पोरल डिमेंशिया शामिल होती है। हालांकि अब वैज्ञानिकों ने एक नई स्टडी में चौंकाने वाला खुलासा किया है कि अगर इंसान ऑलिव ऑयल यानि की जैतून के तेल का सेवन करने लगे तो उसे डिमेंशिया की बीमारी नहीं होगी।

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हावर्ड यूनिवर्सिटी की स्टडी में हुआ खुलासा 

हावर्ड यूनिवर्सिटी की स्टडी में यह खुलासा हुआ है कि जैतून का तेल डिमेंशिया की बीमारी को रोकने में काफी कारगर साबित हो रहा है। स्टडी के अनुसार 92 हजार से ज्यादा लोगों पर यह रिसर्च की गई। जिसमें पाया गया कि 92 हजार लोगों में जो लोग हर रोज अपनी डाइट में 7 ग्राम जैतून तेल का सेवन कर रहे थे उनमें डिमेंशिया बीमारी होने के लक्षण केवल 28 प्रतिशत थे। 

जैतून का तेल दिमाग के लिए बेहतरीन 

हावर्ड यूनिवर्सिटी के डॉक्टर एश ने अपनी स्टडी में बताया कि जैतून का तेल दिमाग के लिए बेहतरीन विकल्प है। उन्होंने कहा कि जैतून का तेल इंसान की दिमाग की कोशिकाओं को मजबूत करता है। उन्होंने अपनी स्टडी में बताया कि जैतून तेल में मैनसैचुरेटेड फैट होता है जो दिमाग को मजबूत रखने में काफी मदद करता है।

बता दें कि वर्तमान में डिमेंशिया का कोई इलाज नहीं है। अधिकांश प्रकार के डिमेंशिया लाइलाज ही होते हैं और समय के साथ बिगड़ते जाते हैं। वर्तमान दवाएं लक्षणों का उपचार कर सकती हैं और कभी-कभी प्रगति को धीमा कर सकती हैं, लेकिन वे प्रभावों को रोक या उलट नहीं सकती हैं। डिमेंशिया के लिए नए उपचार और संभावित इलाज खोजने के लिए शोध चल रहा है। हालांकि अभी तक डिमेंशिया का पूर्ण रूप से इलाज नहीं आया है। 

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