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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 07, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    प्रेग्नेंसी में Dengue न बन जाए परेशानी की वजह, मां और बच्चे की सुरक्षा के लिए जरूर अपनाएं ये टिप्स

    Updated: Wed, 07 Aug 2024 07:24 AM (IST)

    बरसात के दिनों में Dengue अक्सर लोगों को अपना शिकार बना लेता है। खासकर प्रेग्नेंट महिलाएं इस दौरान कई बीमारियों के प्रति संवेदनशील होती हैं। ऐसे में ज ...और पढ़ें

    प्रेग्नेंसी में ऐसे करें डेंगू से बचाव (Picture Credit- Freepik)
    प्रेग्नेंसी में ऐसे करें डेंगू से बचाव (Picture Credit- Freepik)

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। प्रेग्नेंसी एक ऐसा समय है, जब कई प्रकार की सावधानियां बरतना जरूरी हो जाती हैं। खासकर मानसून आने पर और भी ज्यादा ख्याल रखना पड़ता है, क्योंकि नमी और उमस की वजह से कई प्रकार की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इस दौरान पानी से होने वाली बीमारियां, फंगल इन्फेक्शन, डेंगू और मलेरिया जैसे मच्छर से पैदा होने वाली बीमारियों के मामले तेजी से लोगों को अपना शिकार बनाने लगते हैं।

    ऐसे में प्रेग्नेंट महिलाओं को अलग से कुछ ऐसे कदम उठाने चाहिए, जिससे डेंगू के खतरे से बचाव किया जा सके-

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    प्रेग्नेंसी में ऐसे करें डेंगू से बचाव

    • स्ट्रीट फूड के सेवन से बचें
    • भरपूर पानी पिएं
    • सब्जी और फल को अच्छे से धुल कर खाएं
    • बारिश में न भीगें
    • साफ उबला हुआ पानी पिएं
    • आरामदायक फुल स्लीव के कॉटन कपड़े पहनें
    • पानी में एंटीसेप्टिक सॉल्यूशन मिक्स कर के हफ्ते में एक से दो बार जरूर नहाएं
    • मच्छरदानी लगा कर सोएं
    • प्रेग्नेंसी सेफ मोस्क्विटो रिपेलेंट क्रीम का इस्तेमाल करें
    • कूलर में या बाल्टी में पानी स्टोर कर के न रखें
    • जितना हो सके आराम करें

    प्रेग्नेंसी के दौरान डेंगू से जुड़ी इन बातों का रखें ध्यान-

    • डेंगू वायरस के एंटीबॉडी प्लेसेंटा पार कर के फीटस तक पहुंच सकते हैं। इससे बच्चे को हेमरजिक फीवर या डेंगू शॉक सिंड्रोम हो सकता है।
    • सही इलाज न होने पर या देर से पता चलने पर डेंगू मिसकैरेज, कम वजन का बच्चा, प्रीमेच्योर बर्थ या फिर स्टिल बर्थ का कारण भी बन सकता है।
    • डेंगू के शुरुआती लक्षण जैसे पेट में दर्द, उल्टी मितली और बहुत ज्यादा थकान के साथ मसूड़ों से खून निकलना, शरीर पर रैशेज, सिर और आंखों में दर्द और भूख कम लगना आदि नजर आने पर तुरंत डेंगू का टेस्ट कराएं।
    • प्लेटलेट काउंट बढ़ाने के लिए अनार, हरी पत्तेदार सब्जियां, सूप, ग्रीन टी, दूध का इस्तेमाल करें।

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    Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।