Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 03, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Foods For Blood Circulation: दिल और शरीर को रखना है स्वस्थ, तो ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाने वाले फूड्स का करें सेवन

    By Ritu ShawEdited By: Ritu Shaw
    Updated: Mon, 03 Apr 2023 09:42 AM (IST)

    Foods For Blood Circulation खराब रक्त प्रवाह की वजह से शरीर में कई समस्याएं विकसित हो सकती हैं। ऐसे में समय रहते इसपर ध्यान देना आवश्यक है। कुछ फूड आ ...और पढ़ें

    दिल और शरीर को रखना है स्वस्थ, तो खाएं ये फूड्स
    दिल और शरीर को रखना है स्वस्थ, तो खाएं ये फूड्स

    नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। Foods For Blood Circulation: खराब ब्लड सर्कुलेशन आज के समय में सामान्य समस्या बनती जा रही है। खराब ब्लड सर्कुलेशन के आम कारणों में मोटापा, धूम्रपान और मधुमेह जैसी बीमारियां शामिल हो सकती है। वहीं खराब रक्त प्रवाह की वजह से शरीर में कई अन्य समस्याएं भी विकसित हो सकती हैं, जैसे दर्द, मांसपेशियों में ऐंठन, पाचन संबंधी समस्याएं, सुन्नता और हाथों और पैरों में ठंडक।

    ऐसी परिस्थिति में डॉक्टर से संपर्क कर दवाओं के जरिए इलाज किया जा सकता है। लेकिन अच्छा होगा कि हम जीवनशैली में कुछ बदलाव करके ऐसी स्थिति बनने ही न दें। कुछ ऐसे फूड आइटम्स हैं जिनके सेवन से शरीर में रक्त के प्रवाह को बढ़ाया जा सकता है।

    ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाने वाले फूड्स

    1. मेवे

    बादाम और अखरोट जैसे मेवे शरीर में सूजन और ऑक्सीडेटिव तनाव को कम करके रक्त प्रवाह में सुधार करने में मदद करते हैं। एल-आर्जिनिन नाइट्रिक एसिड का अग्रदूत है और ये अखरोट में पाया जाता है, जिससे शरीर में ब्लड सर्कुलेश बढ़ाने में मदद मिलेगी।

    2. टमाटर और बेरी

    विशेषज्ञों का मानना है कि टमाटर और जामुन एंजियोटेंसिन-परिवर्तित एंजाइम को रोकते हैं, जो बदले में रक्तचाप को कम करता है और परिसंचरण में सुधार करता है। टमाटर में मौजूद लाइकोपीन किसी भी हृदय रोग से शरीर की रक्षा करता है। टमाटर में मौजूद विटामिन K परिसंचरण में सुधार करते हुए रक्तस्राव और ब्लड क्लॉट बनने से रोकता है। इसके अलावा, ब्लूबेरी और स्ट्रॉबेरी में फ्लेवोनोइड्स होते हैं जो धमनियों को फैलाते हैं, प्लेग बिल्डअप को कम करते हैं और रक्त प्रवाह को बढ़ाते हैं।

    खबरें और भी

    3. ओमेगा -3 फैटी एसिड

    ओमेगा-3 फैटी एसिड वाली वसायुक्त मछली एथेरोस्क्लेरोसिस को कम करती है और परिसंचरण में सुधार करती है। इसके साथ ही इन फैटी एसिड से भरपूर आहार दिल के दौरे और रक्त प्रवाह के जोखिम को कम करने में मदद करते हैं।

    4. फ्लेवोनॉयड्स से भरपूर फूड्स खाएं

    प्याज और अनार जैसे फूड्स फ्लेवोनॉयड्स से भरपूर होते हैं और ब्लड सर्कुलेशन में सुधार करने में मदद करते हैं। प्याज दिल के स्वास्थ्य को लाभ पहुंचाने और रक्त प्रवाह को बढ़ाने के लिए आपकी धमनियों को चौड़ा करके परिसंचरण में सुधार करने के लिए जाने जाते हैं। वहीं अनार का रस भी रक्त वाहिकाओं में बेहतर रक्त प्रवाह के लिए जगह बनाने में मदद करता है। साथ ही यह धमनियों को मोटा और सख्त होने से भी बचाता है।

    5. नाइट्रिक ऑक्साइड से भरपूर फूड्स खाएं

    विशेषज्ञों की मानें तो, लाल मिर्च, लहसुन, दालचीनी, चुकंदर, और हरी पत्तेदार सब्जियों में सही मात्रा में नाइट्रिक ऑक्साइड पाए जाते हैं, जो ब्लड सर्कुलेशन में सुधार करने में कारगर हैं। कर्क्यूमिन के माध्यम से हल्दी भी रक्त परिसंचरण में सहायता करती है।

    6. विटामिन सी से भरपूर फूड्स फायदेमंद

    विटामिन सी फ्लेवोनॉयड से भरपूर खट्टे फलों जैसे संतरे, मौसंबी से मिलता है, जो रक्त वाहिकाओं को चौड़ा करने में मदद करता है। ये आगे शरीर में सूजन को कम करने में मदद करते हैं और रक्त प्रवाह को बढ़ाते हुए धमनियों में रक्तचाप और कठोरता को कम करने में मदद कर सकते हैं। साथ ही, तरबूज रक्त प्रवाह में सुधार के लिए जाने जाते हैं क्योंकि इसमें लाइकोपीन होता है, जो एक प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट है और सर्कुलेशन में सुधार करता है।

    इसके अलावा पानी पीना, चलने की आदत और स्वस्थ जीवन शैली भी जरूरी है। सही भोजन खाने के अलावा, जीवनशैली में कुछ बदलाव करके भी इससे राहत पाया जा सकता है, जो लंबे समय में उपयोगी परिणाम दिखाएगा। वहीं धूम्रपान छोड़ने, तनाव से बचने, तले हुए खाद्य पदार्थों के सेवन रोकने, रोजाना ढेर सारा पानी पीने, फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ खाने और संयम से व्यायाम करने से भी परिसंचरण में सुधार करने में मदद मिलती है।

    Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।