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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 16, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    पैरों में तेज दर्द और झनझनाहट की समस्या हो सकती है वेरिकोज़ वेन्स, जानें क्या है इसका इलाज एवं बचाव

    By Priyanka SinghEdited By:
    Updated: Wed, 16 Feb 2022 07:05 AM (IST)

    सेल्स मार्केटिंग और नर्सिंग जैसी हॉस्पिटैलटी इंडस्ट्री से जुड़े लोग अक्सर पैरों में तेज दर्द और झनझनाहट की शिकायत करते हैं। कहीं यह किसी बीमारी का लक् ...और पढ़ें

    पैरों में वेरिकोज़ वेन्स की समस्या को दर्शाती तस्वीर
    पैरों में वेरिकोज़ वेन्स की समस्या को दर्शाती तस्वीर

    सेल्स, मार्केटिंग और नर्सिंग जैसी हॉस्पिटैलटी इंडस्ट्री से जुड़े लोग अक्सर पैरों में तेज दर्द और झनझनाहट की शिकायत करते हैं। कहीं यह किसी बीमारी का लक्षण तो नहीं है? आइए जानते हैं इस बारे में विस्तार से।

    यह वेरिकोज़ वेन्स नामक स्वास्थ्य समस्या का लक्षण हो सकता है। दरअसल ब्लड वेसेल्स द्वारा हार्ट तक अशुद्ध रक्त पहुंचता है, जिसे पंपिंग की प्रक्रिया द्वारा साफ करके हार्ट उसे ब्लड वेसेल्स के जरिए शरीर के अन्य हिस्सों तक पहुंचाता है। हर धड़कन के बाद दिल खाली हो जाता है और अगली धड़कन में वह वापस खून से भर जाता है। यह प्रक्रिया निरंतर चलती रहती है पर लगातार खड़े रहने के वजह से दिल तक अशुद्ध रक्त ले जाने वाली नलियों में सूजन आ जाती है, जिससे रक्त प्रवाह में रूकावट पैदा होती है और उनमें अशुद्ध रक्त का जमाव शुरू हो जाता है।

    कैसे करें वेरिकोज़ वेन्स से बचाव

    1. हर दो घंटे के अंतराल पर ब्रेक लेकर पांच-दस मिनट के लिए बैठ जाएं। इस दौरान कुर्सी पर बैठकर थोड़ी देर के लिए अपने पैरों की हल्की स्ट्रेचिंग करें।

    2. रात को लेटते समय अपने पैरों को किसी ऊंचे तकिए पर रखें, इससे हार्ट तक अशुद्ध रक्त का पहुंचना आसान हो जाएगा।

    ऐसी समस्या से पीड़ित लोगों को ग्रेडुएडेड कॉम्प्रेसन स्टॉकिंग्स पहनने की सलाह दी जाती है।

    3. विशेष तकनीक से बनी ये स्टॉकिंग्स पैरों में ऑक्सीजन रहित रक्त को जमा होने से रोकती है और रक्त प्रवाह को भी सहज बनाती है।

    4. अगर तमाम कोशिशों के बावजूद दर्द और सूजन जैसी समस्याएं हों तो बिना देर किए किसी कॉर्डियो वेस्कुलर सर्जन से सलाह लें।

    5. उपचार के बाद यह समस्या दूर हो जाती है।

    6. गंभीर स्थिति में सर्जरी की जरूरत पड़ सकती है। 

    (डॉ. आशीष अग्रवाल, डायरेक्टर, कार्डियोलॉजी डिपार्टमेंट, आकाश हेल्थ केयर हॉस्पिटल, दिल्ली से बातचीत पर आधारित)

    Pic credit- freepik