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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 19, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    कमजोर हो रहीं नसों से हो सकती है ब्लॉकेज और ऐंठन की परेशानी, इन 5 योगासन से भरें इनमें नई जान

    Updated: Wed, 19 Mar 2025 01:44 PM (IST)

    क्या आपको भी अक्सर झुनझुनी या नसों में ऐंठन होती है? अगर हां तो हो सकता है कि आपकी नसें कमजोर हो रही हैं। पोषण की कमी के कारण नसें कमजोर होने लगती हैं ...और पढ़ें

    Yoga for Nerves: नसों को मजबूत बनाने के लिए करें ये योगासन (Picture Courtesy: Freepik)
    Yoga for Nerves: नसों को मजबूत बनाने के लिए करें ये योगासन (Picture Courtesy: Freepik)

    HighLights

    1. नसों की कमजोरी के कारण ब्लड सर्कुलेशन बिगड़ सकता है।
    2. नसों में नई जान भरने में योग मददगार हो सकता है।
    3. योग करने से नसों की ब्लॉकेज भी दूर होती है।

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। आज की तेज रफ्तार जिंदगी में हम खान-पान पर ज्यादा ध्यान नहीं दे पाते हैं। इसके कारण नसों की कमजोरी (Nerve Weakness) एक आम समस्या बन गई है। यह समस्या फिजिकल और मेंटल हेल्थ दोनों को प्रभावित करती है। नसों की कमजोरी के कारण सुन्नपन (Poor Blood Circulation), ऐंठन और ब्लॉकेज जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

    इन परेशानियों को दूर करने और कमजोर नसों को दोबारा मजबूत बनाने में योग मददगार हो सकता है। योग (Yoga for Nerves) करने से नसों की काम करने की क्षमता बढ़ाने में मदद मिलती है। आइए जानते हैं नसों की कमजोरी दूर करने के लिए 5 योगासनों के बारे में।

    नसों की कमजोरी दूर करने के लिए 5 योगासन (Yoga for Strong Nervous System)

    पश्चिमोत्तानासन (Seated Forward Bend)

    पश्चिमोत्तानासन नसों को मजबूत बनाने और रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाने में मदद करता है। यह आसन नर्वस सिस्टम को शांत करता है और दिमाग को रिलैक्स करने में मदद करता है।

    कैसे करें-

    • जमीन पर पैरों को सीधा फैलाकर बैठें।
    • सांस लेते हुए हाथों को ऊपर उठाएं और सांस छोड़ते हुए आगे की ओर झुकें।
    • हाथों से पैरों के अंगूठे पकड़ने की कोशिश करें।
    • इस पोजिशन में 30 सेकंड से 1 मिनट तक रहें।

    यह भी पढ़ें: ब्लड सर्कुलेशन सुधारने में असरदार हैं 5 योगासन, रोजाना करने से शरीर की ऐंठन होगी दूर

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    भुजंगासन (Cobra Pose)

    भुजंगासन रीढ़ की हड्डी को मजबूत करता है और नसों की फंक्शनिंग को बेहतर बनाता है। यह आसन शरीर में ब्लड सर्कुलेशन (Blood Circulation) को बढ़ाता है और नर्वस सिस्टम को स्वस्थ रखता है।

    कैसे करें-

    • पेट के बल लेट जाएं और हाथों को छाती के पास रखें।
    • सांस लेते हुए छाती को ऊपर उठाएं और सिर को पीछे की ओर झुकाएं।
    • कुछ सेकंड के लिए इस पोजिशन में रहें और फिर सांस छोड़ते हुए वापस आएं।

    वज्रासन (Thunderbolt Pose)

    वज्रासन पाचन तंत्र को मजबूत करने के साथ-साथ नसों को आराम देने में मदद करता है। यह आसन मन को शांत करता है और तनाव को कम करता है।

    कैसे करें-

    • घुटनों के बल बैठें और नितंबों को एड़ियों पर टिकाएं।
    • हाथों को जांघों पर रखें और सीधे बैठें।
    • इस पोजिशन में 5-10 मिनट तक रहें।

    सेतुबंधासन (Bridge Pose)

    सेतुबंधासन रीढ़ की हड्डी और नसों को मजबूत बनाने में मदद करता है। यह आसन थायरॉयड ग्लैंड को एक्टिव करता है और शरीर में एनर्जी बढ़ाता है।

    कैसे करें-

    • पीठ के बल लेट जाएं और घुटनों को मोड़ें।
    • हाथों को शरीर के पास रखें और सांस लेते हुए कूल्हों को ऊपर उठाएं।
    • कुछ सेकंड के लिए इस पोजिशन में रहें और फिर सांस छोड़ते हुए वापस आएं।

    शवासन (Corpse Pose)

    शवासन पूरे शरीर को आराम देने और नर्वस सिस्टम को शांत करने में मदद करता है। यह आसन स्ट्रेस और एंग्जायटी को दूर करता है और नसों को रिजुविनेट करता है।

    कैसे करें-

    • पीठ के बल लेट जाएं और हाथों को शरीर से थोड़ा दूर रखें।
    • आंखें बंद करें और गहरी सांस लें।
    • इस पोजिशन में 10-15 मिनट तक रहें।

    यह भी पढ़ें: शरीर में नजर आने वाले 8 लक्षण देते हैं खराब ब्लड सर्कुलेशन का संकेत, समझें इसके कारण और बचाव के तरीके

    Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।