Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 07, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    इस उम्र में मह‍िलाओं में बढ़ जाता है Cervical Cancer का खतरा, यहां जानें कारण और बचाव के तरीके

    Updated: Fri, 07 Mar 2025 09:49 AM (IST)

    खराब जीवनशैली और खानपान में लापरवाही के कारण लोग कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के शिकार होते जा रहे हैं। खासकर महिलाओं में इन दिनों Cervical Cancer की समस्‍ ...और पढ़ें

    35 की उम्र के बाद मह‍िलाओं में बढ़ जाता इस गंभीर बीमारी का खतरा। (Image Credit- Freepik)
    35 की उम्र के बाद मह‍िलाओं में बढ़ जाता इस गंभीर बीमारी का खतरा। (Image Credit- Freepik)

    HighLights

    1. सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाले सबसे गंभीर कैंसर में से एक है।
    2. यह कैंसर का एक गंभीर प्रकार है, जो सर्विक्स में होता है।
    3. इसके लक्षणों की पहचान कर समय से इलाज कराना बेहद जरूरी है।

    लाइफस्‍टाइल डेस्‍क, नई द‍िल्‍ली। आजकल लोगों की लाइफस्‍टाइल बेहद खराब होती जा रही है। जंक फूड, देर रात तक जगना, घंटों स्‍क्रीन पर टाइम बि‍ताना, हाइजीन मेंटेन न करने से लोग कई तरह की बीमार‍ियों की चपेट में आ रहे हैं। उन्‍हीं में से एक कैंसर भी है। कैंसर इन दिनों तेजी से फैलने वाली एक गंभीर समस्या बनता जा रहा है। इसके कई प्रकार होते हैं, जिन्हें शरीर के विभिन्न हिस्सों में होने की वजह से उन्हीं के नामों से जाना जाता है।

    सर्वाइकल कैंसर इस गंभीर बीमारी का ऐसा ही एक प्रकार है जो महिलाओं के लिए काफी घातक होता है। हम आपको International Women's Day के मौके पर इसके र‍िस्‍क फैक्‍टर्स व बचाव के बारे में बताने जा रहे हैं। आइए जानते हैं व‍िस्‍तार से-

    क्‍या है सर्वाइकल कैंसर?

    आपको बता दें क‍ि सर्वाइकल कैंसर महिलाओं के रीप्रोडक्टिव ऑर्गन को प्रभावित करने वाले पांच गंभीर कैंसर में से एक है। जब कैंसर महिलाओं के सर्विक्स (Cervix) में शुरू होता है, तो इसे सर्वाइकल कैंसर कहा जाता है। सर्वाइकल कैंसर ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) नामक वायरस के कारण होता है। एचपीवी से संक्रमित सभी महिलाओं को सर्वाइकल कैंसर का खतरा होता है।

    संकेतों को पहचानें

    कुछ बीमारियां बिना किसी खास लक्षण के शरीर में नजर आती हैं। जब तक हमें पता चलता है, तब तक हालत खराब हो जाती है। सर्वाइकल कैंसर भी ऐसी ही एक बीमारी है। यह धीरे-धीरे बढ़ता है, लेकिन अगर हम शरीर के संकेतों को समझें तो इसे जल्दी पहचानकर इलाज किया जा सकता है। आमतौर पर ये बीमारी मह‍ि‍लाओं में 35 की उम्र के बाद देखी जाती हैं।

    खबरें और भी

    इन सामान्य लक्षणों से करें इस गंभीर बीमारी की पहचान

    • बार-बार यूरिन आना
    • सफेद पानी निकलना
    • सीने में जलन और लूज मोशन
    • असामान्य ब्लीडिंग
    • भूख न लगना या बहुत कम खाना
    • बहुत अधिक थकान महसूस करना
    • पेट के निचले हिस्से में दर्द या सूजन
    • अक्सर हल्का बुखार और सुस्ती रहना
    • सेक्स के दौरान दर्द
    • सेक्‍स के बाद खून निकलना
    • पीरियड्स में सामान्य से ज्यादा खून निकलना
    • पीठ में लगातार दर्द
    • योनि में गांठ या मस्से

    सर्वाइकल कैंसर का कारण

    शरीर में एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) वायरस फैलने की वजह से सर्वाइकल कैंसर की समस्या देखने को मिलती है। इसके अलावा आनुवंशिकता भी इसका प्रमुख कारण है। कई स्टडीज में ऐसा पाया गया है कि फैमिली हिस्ट्री होने पर भी महिलाओं में इस कैंसर की संभावना बढ़ जाती है। इतना ही नहीं सर्वाइकल कैंसर एक सेक्सुअली ट्रांस्मिटेड डिजीज (एसटीडी) भी है। ऐसे में असुरक्षित यौन संबंध से भी यह बीमारी हो सकती है।

    ऐसे करें बचाव

    • इस गंभीर बीमारी को रोकने के लिए ह्यूमन पैपिलोमावायरस (एचपीवी) के खिलाफ वैक्‍सीनेशन करा सकते हैं।
    • वैक्सीनेशन का सबसे सही समय किसी भी संभावित वायरस से संक्रमित होने से पहले का होता है। ह्यूमन पैपिलोमावायरस (एचपीवी) के लिए यह समय आमतौर पर प्रारंभिक किशोरावस्था में होता है।
    • कंडोम का इस्तेमाल सुरक्षित यौन संबंध के दौरान एचपीवी ट्रांसमिशन के जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है। हालांक‍ि इसकी 100 प्रत‍िशत गारंटी नहीं है।
    • फलों और सब्जियों से भरपूर आहार काे डाइट में शामि‍ल करने से भी सर्वाइकल कैंसर के खतरे को कम क‍िया जा सकता है।

    यह भी पढ़ें: Cervical Cancer का खतरा बढ़ा सकते हैं ये रिस्क फैक्टर्स, एक्सपर्ट ने जानें इससे बचाव के तरीके

    यह भी पढ़ें: Cervical Cancer: भारत में हर 8 मिनट में सर्वाइकल कैंसर से होती है एक महिला की मौत, जानें इसके कारण और लक्षण

    यह भी पढ़ें: Cervical Cancer: 35 साल की उम्र के बाद बढ़ जाता है सर्वाइकल कैंसर का खतरा, इन लक्षणों से करें इसकी पहचान

    Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।