Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 14, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Muscle Pain: ट्रैकिंग या हाइकिंग के बाद न हो जाए पैरों की हालत बुरी, इसके लिए पहले से कर लें ये तैयारी

    Updated: Wed, 14 Feb 2024 08:19 AM (IST)

    पहाड़ या सीढ़ियां चढ़ने के बाद पैरों में भयंकर दर्द होता। खासतौर से उन लोगों को जो पहली बार इस एक्टिविटी को ट्राई करते हैं। थाइज़ से लेकर पिंडलियों मे ...और पढ़ें

    मांसपेशियों में क्यों होता है दर्द और इसे दूर करने के उपाय
    मांसपेशियों में क्यों होता है दर्द और इसे दूर करने के उपाय

    HighLights

    1. पहाड़ या सीढ़ियां चढ़ते नहीं बल्कि उतरते वक्त पैरों में ज्यादा दर्द होता है।
    2. इस स्थिति को डिलेड ऑसेट मसल सोरनेस (DOMS) कहा जाता है।
    3. इन उपायों की मदद से पा सकते हैं इस दर्द से राहत।

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। ट्रैकिंग एक अलग तरह का एडवेंचर है, जिसमें आपको प्रकृति के करीब जाने और नई यादें बनाने का मौका मिलता है, लेकिन जहां कुछ लोगों इस एक्टिविटी के दौरान जिंदगी भर की यादें लेकर लौटते हैं, तो वहीं कुछ लोग मसल्स पेन और घुटनों में दर्द लेकर। 

    पहाड़ या सीढ़ियां चढ़ते वक्त पैरों में इतना तेज दर्द होता कि इससे चलना-बैठना तक दूभर हो जाता है। दवाइयां खाने और तेल-मालिश के बाद ही कुछ आराम मिलता है, लेकिन इस दर्द से मन में ऐसा डर बैठ जाता है कि अगली बार ऐसे एडवेंचर को ट्राई करने से पहले चार बार सोचना पड़ता है। इस तरह की एक्टिविटी में सबसे ज्यादा दर्द जांघों में होता है। इसलिए बहुत जरूरी है इस तरह के एडवेंचर पर जाने से पहले कुछ जरूरी तैयारियां कर लेना। जान लें यहां इसके बारे में।

    मांसपेशियों में दर्द की वजह

    पहाड़ पर चढ़ने और फिर उतरने के दौरान घुटनों पर दो से तीन गुना ज्‍यादा प्रेशर पड़ता है। जिस वजह से सिर्फ घुटने ही नहीं बल्कि मांसपेशियों में भी दर्द होता है। इसके अलावा सही जूते न पहनने, बहुत भारी वजन लेकर चलने, खराब तरीके से चलने की वजह से भी ये प्रॉब्लम हो सकती है। 

    मांसपेशियों में दर्द को कम करने के तरीके

    हाइड्रेटेड रहें

    लंबी और ऊंची जगहों पर पैदल यात्रा करके आप डिहाइड्रेट हो सकते हैं। खासतौर से तक जब आप बीच बीच में कैफीन का सेवन करें। इससे मांसपेशी में और घुटनों में दर्द बढ़ सकता है। इसलिए यात्रा के दौरान अच्‍छी मात्रा में पानी पीते रहें।

    खबरें और भी

    प्रोटीन का सेवन करें

    ट्रैकिंग, हाइकिंग का प्लान है, तो कार्बोहाइड्रेट नहीं, बल्कि डाइट में प्रोटीन की मात्रा बढ़ाएं। एक तो इससे बॉडी को एनर्जी मिलती है। चढ़ाई के दौरान बार-बार भूख नहीं लगती और सबसे जरूरी मसल्स पेन की प्रॉब्लम नहीं होती। 

    ट्रैकिंग करें सपोर्ट के साथ 

    आपने नोटिस किया होगा, ट्रैकिंग या हाइकिंग के दौरान स्थानीय लोग डंडों का इस्तेमाल करते हैं, तो ये एक अच्छा तरीका है मसल्स पेन और इंजुरी से बचने का। 

    मैग्नीशियम रिच फूड्स लें

    मांसपेशियों में हो रहे दर्द को दूर करने में मैग्नीशियम का भी बहुत बड़ा रोल होता है। इससे मसल्स में होने वाली ऐंठन और दूर होती है। इसके लिए मैग्‍नीशियम रिच फूड्स लें वैसे इसके पाउडर और कैप्सूल भी आते हैं और ये भी बहुत फायदेमंद होते हैं।

    स्‍ट्रेचिंग करें

    ट्रैकिंग या हाइकिंग से पहले शरीर की थोड़ी-बहुत स्ट्रेचिंग कर लेने से मसल्स की जकड़न दूर होती है, जिससे इस तरह के दर्द की संभावना काफी हद तक कम हो जाती है। 

    ये भी पढ़ेंः- अकेले हो या ग्रूप में, ट्रैकिंग के इन बेसिक फंडों के बारे में जानना है जरूरी

    Pic credit- freepik