क्या 'Foam Roller' वाकई असरदार है या सिर्फ एक दिखावा? जानें इसके पीछे का सच
जिम में अक्सर लोग रोलर पर एक्सरसाइज करते दिखते हैं, जिसे 'फोम रोलिंग' कहा जाता है। यह सिर्फ एक ट्रेंड नहीं, बल्कि मांसपेशियों की अकड़न और दर्द से राहत ...और पढ़ें

फोम रोलिंग के इन फायदों को जानकर रह जाएंगे दंग (Picture Credit- AI Generated)
HighLights
फिट और हेल्दी रहने के लिए एक्सरसाइज करना जरूरी है
इन दिनों फोम रोलिंग काफी ट्रेंड में है
फोम रोलिंग करने शरीर और सेहत को मिलते हैं ये फायदे
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। ज्यादातर लोग खुद को फिट और हेल्दी रखने के लिए जिम जाकर एक्सरसाइज करना पसंद करते हैं। जिम में एक्सरसाइज के लिए कई तरह चीजों का इस्तेमाल किया जाता है, जिनमें से एक फोम रोलर भी है। इन दिनों इसका ट्रेंड काफी ज्यादा देखने को मिल रहा है।
हालांकि, कई लोगों के मन में यह सवाल जरूर आता है कि क्या फोम रोलर सच में दर्द कम करता है और चोट से बचाता है या फिर यह सिर्फ एक नया फिटनेस ट्रेंड है? आइए जानते हैं इसके बारे में।
फोम रोलिंग क्या है?
फोम रोलिंग एक तरह की सेल्फ मसाज है, जिसमें व्यक्ति अपने शरीर के वजन से मांसपेशियों पर दबाव डालता है। इससे मांसपेशियों के आसपास मौजूद टिश्यू यानी फेशिया को आराम मिलता है। जिन भी लोगों के शरीर के किसी भी हिस्सों में जकड़न या अकड़न रहती है, उनके लिए फोम रोलिंग फायदेमंद हो सकता है।
फोम रोलिंग के फायदे
कई हेल्थ रिसर्च में फोम रोलिंग को फायदेमंद बताया गया है। अगर आप वर्कआउट के बाद फोम रोलिंग करते हैं, तो मांसपेशियों में होने वाले दर्द से काफी हद तक राहत पा सकते हैं। खासतौर पर वह दर्द, जो एक्सरसाइज के एक-दो दिन बाद शुरू होता है।
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साथ ही, फोम रोलिंग से शरीर की फ्लेक्सिबिलिटी अस्थायी रूप से बढ़ सकती है। इससे स्ट्रेच करना और मूवमेंट आसान हो जाता है। रोलिंग के दौरान दबाव और मूवमेंट से ब्लड सर्कुलेशन भी बेहतर होता है, जिससे थकी हुई मांसपेशियों तक पोषण पहुंचने में मदद मिलती है।
क्या चोट से बचाव में मददगार है?
अगर मांसपेशियां ज्यादा टाइट न हों और उनमें फ्लेक्सिबिलिटी बनी रहे, तो खिंचाव और ओवरयूज इंजरी का खतरा कम हो सकता है। ऐसे में फोम रोलिंग को चोट से बचाव के लिए सही माना जाता है, लेकिन यह वॉर्म-अप, कूल-डाउन और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग की जगह नहीं ले सकता।
फोम रोलिंग करना कितनी सही?
कई लोगों को लगता है कि फोम रोलिंग हमेशा आरामदायक होती है, लेकिन यह सच नहीं है। कई बार आपको किसी गांठ या सख्त जगह पर रोल करने से दर्द भी हो सकता है। ध्यान रखें कि रोलिंग धीरे-धीरे करें, सांस पर ध्यान दें और जरूरत से ज्यादा दबाव न डालें। अगर आप बहुत ज्यादा जोर लगाते हैं, तो इससे आपको चोट या जलन भी हो सकती है।
जो लोग रनिंग, वेटलिफ्टिंग या हाई-इंटेंसिटी वर्कआउट करते हैं, उनके लिए फोम रोलर ज्यादा फायदेमंद हो सकता है। वहीं, हल्की-फुल्की एक्सरसाइज करने वालों के लिए यह सिर्फ दिनभर की थकान उतारने का अच्छी तरीका है।
फोम रोलिंग एक रिकवरी टूल की तरह काम करता है, जो सही खानपान, पर्याप्त नींद, दर्द कम करने, स्ट्रेचिंग, मूवमेंट सुधारने और रिकवरी में मदद कर सकता है। इस एक्सरसाइज को करके से कुछ ही मिनटों में आपका शरीर रिलैक्स महसूस करने लगेगा।
फोम रोलर का इस्तेमाल कैसे करें?
- जांघ, ग्लूट्स, हैमस्ट्रिंग और पीठ जैसे बड़े मसल ग्रुप्स पर फोकस करें
- हर मांसपेशी पर 30 से 60 सेकंड तक रोल करें
- रोलिंग के साथ स्ट्रेचिंग और मोबिलिटी एक्सरसाइज भी करें
- अगर ज्यादा या चुभने वाला दर्द हो, तो तुरंत रुक जाएं
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Disclaimer: लेख में उल्लेखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो, तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।