यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 25, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Sleep Paralysis: गंभीर रूप ले सकती है स्लीप पैरालिसिस की समस्या, जानें इसके लक्षण, कारण और बचाव
Sleep Paralysis तेजी से बदल रही जीवनशैली का असर हमारी सेहत पर भी नजर आने लगा है। इन दिनों लोग कई तरह की शारीरिक और मानसिक समस्याओं का शिकार होते जा रह ...और पढ़ें

HighLights
- इन दिनों लोगों की लाइफस्टाइल में तेजी से बदलाव हो रहे हैं।
- बदलती जीवनशैली की वजह से लोग कई समस्याओं का शिकार हो रहे हैं।
- स्लीप पैरालिसिस इन्हीं समस्याओं में से है।
नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। Sleep Paralysis: भागदौड़ भरी लाइफ में इन दिनों लोगों की लाइफस्टाइल भी तेजी से बदल रही है। काम का बढ़ता प्रेशर और खानपान की गलत आदतों की वजह से लोग कई समस्याओं का शिकार होते जा रहे हैं। साथ ही इस बदलती जीवनशैली की वजह से अक्सर लोगों की नींद भी पूरी नहीं हो पाती है। नींद की कमी कई स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती है। सेहतमंद रहने के लिए अच्छी नींद बेहद जरूरी होती है।
लेकिन इन दिनों लगातार बढ़ते स्ट्रेस और हमारी आदतों की वजह से स्लीप पैटर्न पूरी तरह बिगड़ चुका है, जिसकी वजह से लोग कई तरह के स्लीप डिसऑर्डर का शिकार हो रहे हैं। स्लीप पैरालिसिस ऐसी ही एक समस्या है, जिससे इन दिनों कई लोग परेशान हैं। आज इस आर्टिकल में हम आपको स्लीप पैरालिसिस से जुड़ी सभी जरूरी बातों के बारे में बताएंगे, तो आइए जानते हैं।
क्या है स्लीप पैरालिसिस?
आपने कभी ऐसा महसूस किया है कि आप नींद से जाग चुके हैं, लेकिन फिर भी बिस्तर से उठ नहीं पा रहे हैं। लाख कोशिश के बाद भी आप न तो हिल पा रहे और न ही कुछ बोल पा रहे हैं। अगर आपने भी यह सब महसूस किया है, तो यही स्लीप पैरालिसिस है। आसान भाषा में कहे को स्लीप पैरालिसिस के व्यक्ति नींद में जागने, उठने और बोलने में असमर्थ हो जाता है। इस दौरान व्यक्ति को यह लगता है कि वह होश में है,लेकिन उसका शरीर हिल-डुल नहीं पा रहा। अक्सर गहरी नींद आने से पहले या नींद खुलने से कुछ देर पहले ये समस्या हो सकती है।
स्लीप पैरालिसिस के कारण क्या है?
सभी उम्र के बच्चों और वयस्कों को स्लीप पैरालिसिस का अनुभव हो सकता है। वहीं, बात करें इसके कारण की, तो इस समस्या की निम्न वजह हो सकती है।
- अनिद्रा
- नार्कोलेप्सी
- एंजाइटी डिसऑर्डर
- डिप्रेशन
- बाइपोलर डिसऑर्डर
- पोस्ट-ट्रॉमैटिक स्ट्रेल डिसऑर्डर (पीटीएसडी)
स्लीप पैरालिसिस के लक्षण क्या हैं?
- बोलने और शरीर को हिलाने में असमर्थ होना
- नकारात्मक शक्ति को महसूस करना
- कमरे में किसी व्यक्ति की मौजूदगी का अहसास होना
- छाती और गले में दवाब और घुटन महसूस करना
- अपने मन मस्तिष्क में किसी काले साए को देखना
स्लीप पैरालिसिस से कैसे बचें?
अभी तक इस समस्या के लिए ऐसा कोई इलाज या थैरेपी नहीं है, जिससे इसका ठीक किया जा सके। ऐसे में अपनी लाइफस्टाइल में छोटे मगर जरूरी बदलाव कर आप इस समस्या को दूर कर सकते हैं। इन बदलावों में निम्न शामिल हैं-
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- अपने जीवन में तनाव कम करें
- नियमित रूप से व्यायाम करें, लेकिन सोने के समय के आसपास नहीं
- पर्याप्त आराम करें
- सही स्लीप साइकिल फॉलो करें
- करवट लेकर सोएं और पीठ के बल सोने से बचें।
- शराब, सिगरेट या दूसरे प्रकार के नशों से बचें
Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।
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