डायबिटीज, किडनी और लिवर की बीमारी से बचने के लिए आयुर्वेदिक रूटीन कैसा होना चाहिए?
भारत में डायबिटीज, किडनी और लिवर की बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं, जिसके चलते लोग आयुर्वेद की ओर रुख कर रहे हैं।

आयुर्वेद में छिपा है डायबिटीज जैसी बीमारियों से बचाव
HighLights
सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठें, गुनगुना पानी पिएं
योग, प्राणायाम और सात्विक संतुलित आहार अपनाएं
गिलोय, आंवला जैसी आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां शामिल करें
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। आज के समय में भारत में डायबिटीज, किडनी और लिवर की बीमारियों के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। वैश्विक स्तर पर भारत को डायबिटीज कैपिटल कहा जा रहा है। भारत में डायबिटीज, किडनी और लिवर के बढ़ते मामलों को देखते हुए लोग इस तरह की बीमारियों से बचने के लिए आयुर्वेद का रुख कर रहे हैं।
आयुर्वेद के अनुसार शरीर में तीन दोष होते हैं - वात, पित्त और कफ। जब ये संतुलित रहते हैं, तो शरीर स्वस्थ रहता है। लेकिन गलत खानपान और खराब दिनचर्या इन दोषों को असंतुलित कर देती है, जिससे- किडनी, डायबिटीज और लिवर से जुड़ी बीमारियां होती हैं। इन बीमारियों से बचने के लिए आयुर्वेद एक खास प्रकार की दिनचर्या को फॉलो करने की बात करता है। तो चलिए जानते हैं डायबिटीज, किडनी और लिवर की बीमारी से बचने के लिए आयुर्वेदिक रूटीन कैसा होना चाहिए?
- सुबह जल्दी उठें- आयुर्वेद कहता है कि व्यक्ति अगर सुबह ब्रह्म मुहूर्त यानि की सुबह 4 से 5 बजे के बीच उठे, तो इससे शरीर और मन दोनों शांत रहते हैं और हार्मोन संतुलित रहता है। डायबिटीज, किडनी और लिवर से जुड़ी बीमारी से बचने के लिए सुबह जल्दी उठकर शुरू हुए दिन के बारे में सोचना चाहिए।
- गुनगुना पानी पिएं- सुबह उठने के बाद तुरंत गुनगुना पानी पीना चाहिए। इसमें नींबू या 4- 5 बूंद शहद मिलाकर पीने से लिवर डिटॉक्स होता है और पाचन बेहतर बनता है।
- तांबे के पात्र में पानी (Copper water)- जिन लोगों को सुबह गुनगुना पानी पीने में परेशानी होती है, तो वह तांबे के बर्तन में रात भर रखा हुआ पानी पी सकते हैं। यह पानी किडनी और पाचन के लिए लाभकारी माना जाता है।
- जीभ साफ करना (Tongue Cleaning)- आमतौर पर लोग सिर्फ दांतों की सफाई को संपूर्ण मानते हैं, लेकिन आयुर्वेद कहता है, सुबह उठकर सबसे पहले जीभ को साफ करना चाहिए। जीभ साफ करने से शरीर में जमा टॉक्सिन्स को हटाने में मदद मिलती है। जीभ साफ करने से शरीर के बैक्टीरिया खत्म होते हैं और भोजन व पानी का पूरा पोषण आपको मिलता है।
- योग और प्राणायाम- सुबह जीभ साफ करने और पानी पीने के बाद योग और प्राणायाम करना लाभकारी होता है। यह लिवर, किडनी और डायबिटीज के रोगों से बचाव में मदद करता है। योग गुरु रामदेव का कहना है कि सुबह योग, प्राणायाम जैसे कपालभाति, अनुलोम-विलोम, भुजंगासन, धनुरासन करने से डायबिटीज, किडनी और लिवर की बीमारियां दूर होती हैं। जिन लोगों को पहले से यह बीमारी है, वो अगर योग और प्राणायाम करें, तो इससे बीमारियां धीरे-धीरे कम होने लगती हैं।
बीमारियों से बचाव के लिए संतुलित आहार जरूरी है
डायबिटीज, किडनी और लिवर से जुड़ी बीमारियां न हो, इसके लिए आयुर्वेद संतुलित और सात्विक आहार अपनाने की सलाह देता है। आयुर्वेद कहता है कि खाने में हरी सब्जियां जैसे लौकी, तोरी, पालक, मेथी खानी चाहिए। ताजे फल जैसे सेब, पपीता, अमरूद और साबुत अनाज का सेवन करना चाहिए। ये सभी लिवर को साफ रखते हैं, किडनी को सपोर्ट करते हैं और ब्लड शुगर नियंत्रित रखते हैं।
आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां हैं जरूरी कुछ आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां इन बीमारियों से बचाव में मदद करती हैं:
- गिलोय - इम्युनिटी बढ़ाता है और ब्लड शुगर कंट्रोल करता है।
- आंवला- लिवर और त्वचा के लिए लाभकारी होता है।
- त्रिफला -पाचन सुधारता है और बॉडी को डिटॉक्स करता है।
- करेला और मेथी- डायबिटीज में बेहद उपयोगी होता है।
बीमारियों से बचाव के लिए इन आयुर्वेदिक दवाओं को अपनी रोजमर्रा की जीवनशैली में शामिल कर सकते हैं।
नोट- यह आर्टिकल ब्रांड डेस्क द्वारा लिखा गया है।
देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।