शरीर का रिपोर्ट कार्ड होते हैं नाखून, पोषण की कमी से लेकर गंभीर बीमारी तक; सभी का देते हैं संकेत
आमतौर पर आपके नाखून बता देते हैं कि आप भरपूर पोषण नहीं ले रहे या आपका हाजमा खराब है। नाखूनों की कंडीशन देखकर भी आप अपनी परेशानी का पता लगा सकते हैं और ...और पढ़ें

HighLights
- नाखून हमारी खूबसूरती बढ़ाने के साथ ही सेहत का हाल भी बताते हैं।
- इनमें होने वाले कुछ बदलाव सेहत से जुड़ी समस्याएं बताते हैं
- बस जरूरत है तो समय रहते इन संकेतों की पहचान करने की।
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। आपके नाखूनों का शेप या उनके साइज भले ही अलग-अलग हों, लेकिन उनका बार-बार कमजोर होकर टूटना, उनमें पीलापन या काले-सफेद धब्बे नजर आना किसी बीमारी का संकेत हो सकते हैं। इतना ही नहीं किसी विटामिन की कमी या कमजोरी के लक्षण भी नाखूनों पर दिखाई पड़ते हैं। तो आप भी सतर्क हो जाएं और उनमें आने वाले इन बदलावों पर जरूर गौर करें।
आसानी से टूट जाने वाले नाखून
ऐसा आमतौर पर हाथों के गीले या ज्यादा ड्राई होने की स्थिति में होता है, लेकिन कमजोर होकर टूटने वाले नाखून हाइपोथायरॉइडिज्म या आयरन की कमी की तरफ भी इशारा करते हैं। अगर सामान्य रूप से ऐसा हो रहा है तो पानी का काम करते समय या बरतन साफ करते समय ग्लव्स पहनना ना भूलें और हैंड मॉइश्चराइजर लगाएं।
कटे-फटे नाखून
ऐसा तब होता है जब आप अपने नाखूनों को एक टूल की तरह इस्तेमाल करते हैं या उन्हें बहुत तेज दबाते या तेजी से नेल पेंट रिमूवर इस्तेमाल करते हैं। अगर यह आयरन की कमी की वजह से नहीं हो रहा तो कोई काम करने के बाद नाखूनों पर लोशन लगाना ना भूलें।
आड़ी–तिरछी लाइनें
अगर आपके नाखूनों के क्यूटिल्स के पास आड़ी या तिरछी लकीरें बन रही हैं लेकिन नाखूनों के रंग में कोई बदलाव नहीं आ रहा तो यह सामान्य है। वहीं, सीधी लकीरें किडनी की बीमारी या किसी अन्य बीमारी का संकेत हो सकती हैं। इसके लिए किसी डॉक्टर से बात करें।
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जब बदलने लगे नाखूनों के रंग
- पीला रंग: नाखूनों का यह रंग वैसे तो सामान्य बात है और कई बार इंफेक्शन की वजह से भी ऐसा होता है। नेल पॉलिश में मौजूद केमिकल भी नाखूनों के पीले रंग का कारण बनते हैं। इन बीमारियों का भी संकेत हो सकते हैं।
- थायरॉइड से जुड़ी समस्या
- सोरायसिस
- डायबिटीज
- ऐसे में क्या करें:सामान्य स्थिति में टी ट्री ऑयल या विटामिन ई ऑयल जैसी नेचुरल चीजें नाखूनों के पीलेपन को ठीक करने में कारगर होती हैं।
- काली रेखाएं: इसे स्प्लिंटर हेमरेज कहते हैं। नाखूनों पर कई बार काली-भूरी रेखाएं उभर आती हैं। आमतौर पर नाखूनों पर लगने वाली चोट इसका कारण होती हैं, लेकिन सोरायसिस, नेल मेलानोमा या एंडोकार्डिटिस की वजह से भी ऐसा देखने को मिलता है।
- सफेद धब्बे: नाखूनों पर जहां-तहां नजर आने वाले सफेद धब्बे जिंक की कमी की तरफ इशारा करते हैं। वैसे इन वजहों से भी ऐसा हो सकता है:
- एलर्जिक रिएक्शन।
- फंगल इंफेक्शन।
- नाखून पर लगने वाली चोट।
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