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    वेट लॉस के चक्कर में न करें सेहत से खिलवाड़, पढ़ें किन्हें नहीं करनी चाहिए इंटरमिटेंट फास्टिंग

    Updated: Mon, 12 Jan 2026 12:16 PM (IST)

    आपने इंटरमिटेंट फास्टिंग का नाम तो सुना ही होगा। वेट लॉस के लिए यह पिछले कुछ सालों में खूब चलन में आया है। लेकिन क्या हर किसी के लिए यह समान रूप से फा ...और पढ़ें

    किनके लिए नुकसानदेह हो सकती है इंटरमिटेंट फास्टिंग? (Picture Courtesy: Freepik)

    किनके लिए नुकसानदेह हो सकती है इंटरमिटेंट फास्टिंग? (Picture Courtesy: Freepik)

    HighLights

    1. इंटरमिटेंट फास्टिंग वजन कम करने में असरदार साबित हो सकती है

    2. सभी के लिए इंटरमिटेंट फास्टिंग सुरक्षित नहीं है

    3. इसके कारण सेहत को कुछ नुकसान हो सकते हैं

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। इंटरमिटेंट फास्टिंग पिछले कुछ सालों में फिटनेस और वेट लॉस की दुनिया में खूब प्रचलित हुआ। इसमें लोग कुछ घंटों की लगातार फास्टिंग करते हैं और फिर एक फिक्स समय के दौरान खाना खाते हैं। इसलिए इससे वेट लॉस और मेटाबॉलिज्म में सुधार जैसे फायदे देखने को मिले। लेकिन क्या यह सभी के लिए सुरक्षित है (Who Should Avoid Intermittent Fasting)? 

    इंटरमिटेंट फास्टिंग के फायदों के आगे अक्सर लोग इस सवाल के बारे में भूल जाते हैं कि क्या सभी के लिए यह बराबर फायदेमंद है या इसके भी कुछ नुकसान हो सकते हैं। आइए जानें इन्टरमिटेंट फास्टिंग के क्या नुकसान (Intermittent Fasting Harms) हो सकते हैं और इस दौरान किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है।

    इंटरमिटेंट फास्टिंग के क्या नुकसान हो सकते हैं?

    इंटरमिटेंट फास्टिंग शुरू करने पर शरीर में कई हार्मोनल और शारीरिक बदलाव होते हैं, जिनके कारण कुछ दुष्प्रभाव हो सकते हैं-

    • पाचन संबंधी समस्याएं- फास्टिंग की लंबी अवधि और फिर अचानक बहुत हैवी खाना खाने से दस्त, कब्ज या ब्लोटिंग जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
    • थकान और चिड़चिड़ापन- जब शरीर को समय पर कैलोरी नहीं मिलती, तो ब्लड शुगर लेवल गिर सकता है। इससे आपको थकान, चक्कर आना, सिरदर्द और ‘हैंग्री’ यानी भूख की वजह से गुस्सा आना, महसूस हो सकता है।
    • ईटिंग डिसऑर्डर का खतरा- जो लोग पहले कभी ईटिंग डिसऑर्डर से जूझ चुके हैं, उनके लिए यह तरीका खतरनाक हो सकता है। फास्टिंग के बाद बिंज ईटिंग की आदत पड़ सकती है।
    • हार्मोनल असंतुलन- महिलाओं में ज्यादा लंबे समय तक फास्टिंग करने से पीरियड्स प्रभावित हो सकता है। यह स्ट्रेस हार्मोन को भी बढ़ा सकता है।
    • नींद में कमी- कुछ लोगों को खाली पेट नींद आने में परेशानी होती है, जिससे दिनभर सुस्ती छाई रह सकती है।
    Intermittent Fasting Harms
     
    (Picture Courtesy: Freepik)

    फास्टिंग के दौरान किन बातों का ध्यान रखें?

    अगर आप इंटरमिटेंट फास्टिंग शुरू कर रहे हैं, तो इन 5 बातों का खास ध्यान रखें-

    • हाइड्रेशन है जरूरी- फास्टिंग का मतलब पानी छोड़ना नहीं है। दिनभर खूब पानी पिएं। आप बिना चीनी की ब्लैक कॉफी, हर्बल टी या नींबू पानी भी ले सकते हैं।
    • पोषण पर ध्यान दें- 'ईटिंग विंडो' यानी जिस समय आप खाना खा सकते हैं, में जंक फूड खाने की गलती न करें। अपने खाने में प्रोटीन, हेल्दी फैट्स और फाइबर से भरपूर सब्जियों को शामिल करें, ताकि शरीर को जरूरी पोषण मिले।
    • धीरे-धीरे शुरुआत करें- सीधे 16-18 घंटे की फास्टिंग शुरू न करें। पहले 12 घंटे से शुरू करें और धीरे-धीरे समय बढ़ाएं।
    • अपने शरीर की सुनें- अगर आपको बहुत ज्यादा कमजोरी, चक्कर या बेहोशी महसूस हो, तो तुरंत फास्टिंग तोड़ दें। शरीर पर जबरदस्ती दबाव डालना नुकसानदेह हो सकता है।
    • एक्सरसाइज का तालमेल- भारी वर्कआउट करने वाले लोगों को फास्टिंग और एक्सरसाइज का सही समय चुनना जरूरी है। कोशिश करें कि वर्कआउट के बाद ही आप खाना खाएं।

    किसे यह नहीं करना चाहिए?

    कुछ कंडीशन में इंटरमिटेंट फास्टिंग से बचना चाहिए-

    खबरें और भी

    • प्रेग्नेंट या ब्रेस्टफीड कराने वाली महिलाएं।
    • डायबिटीज के मरीज।
    • दिल की बीमारियों या लो ब्लड प्रेशर के मरीज
    • वे लोग जिनका वजन सामान्य से बहुत कम है।
    • बच्चे और किशोर।


    Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।