महिलाओं में क्यों देर से पकड़ में आते हैं हार्ट अटैक के लक्षण? पुरुषों से अलग होते हैं संकेत
महिलाओं में हार्ट अटैक के लक्षण पहचानने में अक्सर देर हो जाती है, जो जानलेवा साबित हो सकता है। ...और पढ़ें

सीने में दर्द के बिना भी हो सकता है हार्ट अटैक? (Picture Courtesy: Freepik)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। हार्ट अटैक महिलाओं में मौत के प्रमुख कारणों में से एक है। इसके बावजूद महिलाओं में हार्ट अटैक के लक्षणों को समय पर पहचानने में देर हो जाती है।लेकिन ऐसा क्यों है कि महिलाओं में यह जानलेवा स्थिति अक्सर पकड़ में नहीं आती?
इसके पीछे कई कारण छिपे हैं। आइए जानें क्यों महिलाओं में समय रहते हार्ट अटैक के लक्षण पकड़ में नहीं आते।
पुरुषों से अलग लक्षण
पुरुषों में हार्ट अटैक का सबसे आम लक्षण सीने में तेज दर्द या भारीपन, जैसे- हाथी का छाती पर पैर रखना, होता है। महिलाओं में भी सीने में दर्द हो सकता है, लेकिन वे अक्सर ऐसे लक्षणों का अनुभव करती हैं जिन्हें असामान्य माना जाता है-
- कंधे, पीठ या गर्दन में दर्द- दर्द केवल सीने तक सीमित न रहकर शरीर के ऊपरी हिस्सों में फैल सकता है।
- बहुत थकान- बिना किसी मेहनत के अचानक कमजोरी या भारी थकान महसूस होना।
- सांस फूलना- थोड़ा चलने या बैठे-बैठे भी सांस लेने में तकलीफ होना।
- पाचन संबंधी समस्याएं- पेट खराब होना, मतली या अपच जैसा महसूस होना जिसे अक्सर गैस समझकर नजरअंदाज कर दिया जाता है।
- घबराहट और बेचैनी- बिना किसी कारण के तेज एंग्जायटी या पसीना आना।
ये लक्षण सीने में दर्द के साथ भी हो सकते हैं और उसके बिना भी, जिससे महिला को यह अंदाजा ही नहीं लग पाता कि समस्या दिल से जुड़ी है।
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(AI Generated Image)
कोरोनरी आर्टरी डिजीज का न होना
पुरुषों में हार्ट अटैक अक्सर कोरोनरी आर्टरी डिजीज यानी आर्टरीज में रुकावट के कारण होता है। हालांकि, महिलाओं में कई बार हार्ट अटैक बिना किसी बड़ी आर्टरी की रुकावट के भी हो सकता है। क्योंकि आमतौर पर मेडिकल टेस्ट में भी बड़ी आर्टरीज में ब्लॉकेज ढूंढते हैं, इसलिए महिलाओं में शुरुआती या असामान्य हार्ट अटैक का पता लगाना डॉक्टरों के लिए भी मुश्किल हो जाता है।
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लक्षणों को कम आंकना
सामाजिक और मनोवैज्ञानिक कारणों से महिलाएं अक्सर अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता नहीं देतीं। वे लक्षणों को थकान, तनाव या उम्र का असर मानकर टाल देती हैं। अस्पताल जाने में देरी करना इलाज के गोल्डन आवर को खत्म कर देता है।
बचाव के लिए क्या करें?
- लक्षण अनदेखा न करें- अगर आपको अचानक थकान या दर्द महसूस हो रहा है जो पहले कभी नहीं हुआ, तो उसे नजरअंदाज न करें।
- रिस्क फैक्टर्स को समझें- डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, तनाव और मेनोपॉज के बाद बढ़ता वजन हार्ट डिजीज के खतरे को बढ़ा देता है।
- तुरंत मेडिकल हेल्प- अगर सांस फूलने या पीठ/कंधे में दर्द के साथ बेचैनी हो रही है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।