आखिर क्यों ज्यादातर लेफ्ट साइड में होता है Breast Cancer? शायद ही जानते होंगे वजह
आजकल की अनहेल्दी लाइफस्टाइल के कारण अब लोगाें में कई तरह की बीमारियां बढ़ रहीं हैं। इन्हीं में से एक है ब्रेस्ट कैंसर। ब्रेस्ट कैंसर होने के पीछे क ...और पढ़ें

HighLights
- कैंसर एक जानलेवा बीमारी है।
- ब्रेस्ट कैंसर भी उन्हीं में से एक है।
- इसके लक्षणों को पहचानना जरूरी है।
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। आज के समय में अनहेल्दी लाइफस्टाइल के कारण लोग कई तरह की गंभीर बीमारियों के चपेट में आ रहे हैं। महिलाओं की बात करें तो उनमें भी सेहत से जुड़ी समस्याएं काफी तेजी से बढ़ रही हैं। ब्रेस्ट कैंसर भी उन्हीं में से एक है। कई सेलिब्रिटीज भी इस गंभीर बीमारी से जूझ रहीं हैं और कईयों का इलाज पूरा हो चुका है। अगर समय रहते इस बीमारी की पहचान कर लिया जाए तो इसका इलाज संभव हो सकता है।
इन सबके बीच आपने कभी ये नोटिस किया है कि ब्रेस्ट कैंसर ज्यादातर लेफ्ट साइड ब्रेस्ट में ही क्यों होता है? कुछ लोग मानते हैं कि ये ब्रेस्ट के साइज, ब्रेस्ट फीडिंग की आदतों, खुद से जांच करने या शरीर की बनावट की वजह से हो सकता है। लेकिन नेचर जर्नल में छपी एक रिपोर्ट बताती है कि लेफ्ट ब्रेस्ट में बनने वाले ट्यूमर ज्यादा तेजी से और खतरनाक हो सकते हैं। स्टडी बताती है कि लेफ्ट साइड ब्रेस्ट के ट्यूमर ज्यादा गंभीर हो सकते हैं और कुछ जीन्स (genes) यहां ज्यादा एक्टिव रहते हैं, जो कैंसर सेल्स को बढ़ने में मदद करते हैं।
क्यों ज्यादातर लेफ्ट ब्रेस्ट में होता है कैंसर?
- माना जाता है कि लेफ्ट साइड का ब्रेस्ट थोड़ा सा बड़ा होता है और उसमें ज्यादा टिशू होते हैं, जिससे खतरा थोड़ा बढ़ सकता है।
- कई महिलाएं बच्चे को ज्यादातर राइट ब्रेस्ट से दूध पिलाती हैं। इससे लेफ्ट ब्रेसट पूरी तरह खाली नहीं हो पाता और उसमें गांठ पहचानना मुश्किल हो सकता है।
- रिसर्च बताती हैं कि लेफ्ट साइड के ब्रेस्ट में ऐसे सेल्स ज्यादा होते हैं, जिनमें कैंसर होने की संभावना ज्यादा रहती है।
ब्रेस्ट कैंसर का खतरा कम करने के लिए क्या करें?
- अपने शरीर की बनावट पर ध्यान दें। दोनों ब्रेस्ट हमेशा एक जैसे नहीं लगेंगे।
- समय-समय पर मैमोग्राफी टेस्ट करवाएं।
- अगर किसी गांठ या सूजन का पता चले और वो एक महीने में ठीक न हो, तो डॉक्टर को दिखाएं।
- दोनों स्तनों से बराबर ब्रेस्ट फीडिंग कराएं।
ब्रेस्ट फीडिंग से कम होता कैंसर का खतरा
आपको बता दें कि ब्रेस्ट फीडिंग से कैंसर का खतरा कम होता है। स्टडी के अनुसार, हर बच्चे के जन्म पर महिला में कैंसर का खतरा 7 प्रतिशत तक कम हो जाता है। और हर 12 महीने तक ब्रेस्ट फीडिंग कराने पर खतरा लगभग 4.3% और कम हो जाता है।
ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण
क्लीवलैंड क्लीनिक के मुताबिक, ब्रेस्ट कैंसर होने पर पहले से कुछ लक्षण नजर आने लगते हैं। इन्हें पहचानना जरूरी है-
- ब्रेस्ट का साइज या शेप बदलना।
- छोटा दाना या मटर जैसी गांठ महसूस होना।
- ब्रेस्ट या बगल में मोटापन या गांठ, जो पीरियड्स के बाद भी बनी रहे।
- निप्पल पर बदलाव नजर आना, जैसे- सिकुड़न, खुरदुरापन, लालपन या रंग गहरा होना।
- निप्पल से खून निकलना।
ब्रेस्ट कैंसर क्यों होता है?
ब्रेस्ट कैंसर तब होता है जब स्तन की सेल्स बदलकर कैंसर सेल बन जाती हैं और तेजी से बढ़ने लगती हैं। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं-
खबरें और भी
- 55 साल से ऊपर की उम्र में ज्यादा खतरा।
- महिलाओं में ज्यादा पाया जाता है।
- अगर घर में किसी को ब्रेस्ट कैंसर है तो खतरा बढ़ जाता है।
- स्मोकिंग से कई तरह के कैंसर होते हैं, जिनमें ब्रेस्ट कैंसर भी शामिल है।
- शराब पीने से भी खतरा बढ़ता है।
- मोटापा भी इसके पीछे जिम्मेदार हो सकता है।
- अगर पहले कभी सिर, गर्दन या सीने में रेडिएशन ट्रीटमेंट हुआ है तो भी इसका खतरा ज्यादा होता है।
- हॉर्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी लेने वाली महिलाओं में भी ब्रेस्ट कैंसर का खतरा बढ़ सकता है।
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Source-
- https://pmc.ncbi.nlm.nih.gov/articles/PMC9972148/
- https://www.nature.com/articles/s41598-022-16749-4
- https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/2315217/
- https://my.clevelandclinic.org/health/diseases/3986-breast-cancer