देर रात तक जगना, दर्द की दवाइयां और खराब खानपान, आपकी ये आदतें चुपचाप खराब कर सकती हैं आपकी किडनी
समय पर जांच का अभाव, जागरूकता की कमी और जीवनशैली में बरती जाने वाली लापरवाही से कम उम्र के लोगों में किडनी की समस्या बढ़ रही है। ...और पढ़ें

कैसे रखें अपनी किडनी को स्वस्थ? (Picture Courtesy: Freepik)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। जब भूख लगी कुछ भी खा लिया, देर रात तक जगना, सिरदर्द या शरीर में होने वाले किसी भी दर्द की रोकथाम के लिए झटपट दर्दनिवारक दवाइयों का सेवन, दैनिक जीवन में सक्रियता का अभाव आदि, अनियंत्रित दिनचर्या के ये कुछ संकेत हैं जो संभव है आपके जीवन से भी गहरे जुड़े हों और आप भी किडनी की बीमारी के शिकार हो रहे हों।
डॉ. हिमांशु (विभागाध्यक्ष, नेफ्रोलाजी, वीएमएमसी, सफदरजंग अस्पताल, नई दिल्ली) बताते हैं कि किडनी ठीक तरीके से काम नहीं कर रही है, यह आपको तब तक पता नहीं चलता, जब तक यह पचास प्रतिशत तक खराब न हो जाए। इसका मतलब है कि खराब होती किडनी के शुरुआती लक्षणों का पता करना कठिन होता है। अचानक एक दिन किडनी से जुड़ी कोई गंभीर समस्या खड़ी हो सकती है।
ऐसे में किडनी की बीमारी अधिक बढ़ जाने पर ही लोग इसके उपचार के लिए चिकित्सक से संपर्क करते हैं। किडनी शरीर का एक ऐसा अंग है, जो जीवन भर नई कोशिकाओं का निर्माण नहीं करता, इसलिए इसका विशेष ध्यान रखना होता है। स्वस्थ खानपान और जीवनशैली गत बीमारियों से दूर रहें, ताकि इस महत्वपूर्ण अंग अतिरिक्त भार न पड़े।
पथरी को अनदेखा न करें
पश्चिमी या विकसित देशों की तुलना में भारत में किडनी से जुड़ी बीमारी कम उम्र में ही होने लगती हैं। इसके कई कारणों में सबसे प्रमुख कारण हैं, उचित समय पर जांच का अभाव। समय पर जांच कराने से चिकित्सा शुरू हो जाती है और जीवनशैली में इसके अनुकूल खानपान और सजगता बढ़ा दी जाती है।
खबरें और भी
युवाओं में कामकाज का बढ़ता टेंशन, नींद का अभाव, खानपान में जागरूकता की कमी से मोटापा की समस्या तेजी से बढ़ रही है। इससे कम उम्र में ही हाइपरटेंशन (उच्च रक्त चाप) और मधुमेह बीमारी देखने में आ रही है। इन बीमारियों के कारण किडनी पर बुरा असर पड़ता है।
डायबिटीज किडनी के खराब होने का सबसे बड़ा कारण माना गया है। साथ ही पथरी की समस्या को भी लोग सामान्य मानकर नजरअंदाज कर रहे हैं। यह भी किडनी खराब होने का प्रमुख कारण है, इसलिए पथरी को अनदेखा नहीं करना चाहिए।
पथरी से बचाव के लिए शारीरिक सक्रियता बढ़ाएं। कसरत व प्रतिदिन टहलना सुनिश्चित करें। इसके अतिरिक्त यदि आप जिम जा रहे हैं या शरीर को सुडौल बनाने के लिए स्टारायड, प्रोटीन पाउडर, सप्लीमेंट भी अधिक मात्रा में ले रहे हैं तो यह भी किडनी के लिए जोखिम भरा हो सकता है।

इन बातों का रहे ध्यान
- 30-35 वर्ष की उम्र के बाद वर्ष में एक बार पूरी स्वास्थ्य जांच करा लेनी चाहिए।
- शरीर में पानी की कमी से डिहाइड्रेशन हो सकता है। इससे यूरिन गाढ़ा होगा और पथरी की आंशका रहेगी।
- स्वस्थ किडनी के लिए पानी पर्याप्त पिएं। यूरिन हल्का पीला व सफेद होना चाहिए।
- यूरिक एसिड बढ़ाने वाले खानपान जैसे रेड मीट, अल्कोहल, सी फूड्स आदि से बचें।
- नमक का सेवन नियंत्रित करें। घर पर बने भोजन को प्राथमिकता दें।
- अधिक धूमपान व अल्कोहल के सेवन से किडनी खराब होने की आशंका बढ़ जाती है।
बीमारी अधिक बढ़ने के संकेत
- पैरों व आंखों के आसपास सूजन
- रात में पेशाब के लिए बार-बार जगना
- सामान्य कामकाज से भी थकान
- भूख कम लगना, तेजी से वजन गिरना आदि