यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 26, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
बच्चों में क्यों बढ़ रहे Mumps के मामले, एक्सपर्ट से जानें इसकी वजह और बचाव के तरीके
महाराष्ट्र आंध्र प्रदेश और तेलंगाना सहित देश के कई हिस्सों में लगातार मंप्स (Mumps) के मामले बढ़ रहे हैं। यह एक तरह का संक्रमण है जो बच्चों में बुखार ...और पढ़ें

HighLights
- देश के कई हिस्सों में मंप्स के मामले बढ़ रहे हैं।
- कई बच्चे लगातार इस संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं।
- ऐसे में एक्सपर्ट बता रहे हैं इससे निपटने के कुछ तरीके-
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। बीते कुछ समय देश में लगातार मंप्स (Mumps) के मामलों में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना सहित देश के कई हिस्सों में बच्चों लगातार इस संक्रमण का शिकार हो रहे हैं। ऐसे में लगातार बढ़ते मंप्स के मामले माता-पिता के लिए चिंता का विषय बन गए हैं। यह एक तरह का वायरल संक्रमण है, जो बुखार के साथ शुरू होता है और फिर कान के आसपास के दोनों क्षेत्रों में दर्दनाक सूजन की वजह बनता है।
ऐसे में मंप्स के बढ़ते मामलों से अपने बच्चों का बचाने के लिए जरूरी है कि इस संक्रमण से जुड़ी सभी जरूरी बातों की सही जानकारी हासिल की जाए, ताकि बच्चों को इससे बचाया जा सकें। इस बीमारी के बारे में विस्तार से जानने के लिए हमने गुड़गांव के सीके बिड़ला हॉस्पिटल में नियोनेटोलॉजी और बाल रोग के प्रमुख सलाहकार डॉ. सौरभ खन्ना से बातचीत की।
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क्यों बढ़ रहे मंप्स के मामले?
तेजी से बढ़ रहे मंप्स के मामलों की वजह बताते हुए डॉक्टर सौरभ खन्ना ने कहा कि किसी भी इन्फेक्शन के बढ़ने के पीछे ब्रेकआउट एक बड़ी वजह होती है। ब्रेकआउट का मतलब कहीं से भी जब किसी इन्फेक्शन की शुरुआत हुई और यह किसी एक बच्चे तक पहुंचा, जिसे मंप्स का टीका नहीं लगा है, तो वह आसानी से इसका शिकार हो जाएगा और इस तरह एक बार चेन टूटने पर इन्फेक्शन बढ़ने लगेगा। खासकर इस मौसम में इस तरह के इंन्फेक्शन काफी बढ़ते हैं।
मंप्स से कैसे करें बचाव-
बच्चों को मंप्स से बचाने के तरीकों के बारे में बताते हुए डॉक्टर कहते हैं कि इस इन्फेक्शन से बचने का सबसे प्रभावी तरीका टीकाकरण है। अगर किसी बच्चे को मंप्स के दो टीके लग जाते हैं, तो उसे इस संक्रमण के खिलाफ 88% प्रोटेक्शन मिल जाता है। भारत सरकार की तरफ से इसके तीन टीके लगाने की सलाह दी जाती है। एक नौ महीने में, एक 15 महीने में और एक 4-5 साल के बीच में। इसके अलावा निम्न बातों को भी ध्यान में रख अपने बच्चे की मंप्स से बचाया जा सकता है-
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- मंप्स एक वायरल इन्फेक्शन है। ऐसे में इससे बचने के लिए भी कोरोना के दौरान रखी गई सावधानियों का पालन करना जरूरी है।
- अगर किसी बच्चे को मंप्स है, तो उसे कोरोना की ही तरह आइसोलेशन में रखें।
- घर के सभी हिस्सों को कीटाणु से बचाने के लिए सैनिटाइज करें।
- मास्क पहनें और अपने हाथों को बार-बार साबुन और पानी से धोएं।
- अपने चेहरे, नाक और आंखों को बार-बार छुने से बचें।
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