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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 13, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    महंगी पड़ सकती है Winter Flu के लक्षणों की अनदेखी, बचाव के लिए इन बातों का जरूर रखें ध्यान

    Updated: Mon, 13 Jan 2025 02:03 PM (IST)

    सर्दी के मौसम में फ्लू का खतरा काफी बढ़ जाता है। बच्चों और बुजुर्गों को इसका खास खतरा रहता है क्योंकि उनकी इम्युनिटी कमजोर होती है। ये फ्लू के वायरस क ...और पढ़ें

    सीजनल फ्लू और रेस्पिरेटरी इन्फेक्शन का सर्दियों में बढ़ जाता है खतरा (Picture Courtesy: Freepik)
    सीजनल फ्लू और रेस्पिरेटरी इन्फेक्शन का सर्दियों में बढ़ जाता है खतरा (Picture Courtesy: Freepik)

    HighLights

    1. सर्दी के मौसम में फ्लू का खतरा काफी बढ़ जाता है।
    2. रेस्पिरेटरी इन्फेक्शन के शुरुआती लक्षण कई बार सीजनल फ्लू जैसे भी लगते हैं।
    3. इससे बचाव करने के लिए हाइजीन का ध्यान रखना जरूरी है।

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। सर्दी के मौसम में सबसे आम समस्या फ्लू की होती है, जो बच्चों और बुजुर्गों को आसानी से अपना शिकार बना लेता है। हालांकि, फ्लू को हम ज्यादा खतरनाक नहीं मानते हैं और इसके लक्षणों (Winter Flu Symptoms) को बस खांसी-बुखार तक ही सीमित मानते हैं, लेकिन ऐसा नहीं है। ये रेस्पिरेटरी इन्फेक्शन की वजह भी बन सकते हैं, जिनमें निमोनिया जैसी बीमारियां शामिल हैं।

    फ्लू के बैक्टीरिया काफी तेजी से इवॉल्व होते हैं, जिसके कारण कई बार इनका पता लगाना मुश्किल हो जाता है। सिर्फ बैक्टीरिया ही नहीं, इन्फ्लूएंजा वायरस भी काफी तेजी से इवॉल्व होते हैं, जिसके कारण इनका पता लगाना मुश्किल हो जाता है। इसलिए इनसे बचाव करना बेहद जरूरी है। इस आर्टिकल में हम इसी बारे में जानेंगे कि विंटर फ्लू के लक्षण कैसे होते हैं और इससे बचने (Winter Flu Prevention Tips) के लिए किन सावधानियों का ध्यान रखना चाहिए।

    सर्दियों में विंटर फ्लू क्यों होता है?

    सर्दियों में विंटर फ्लू होने के कई कारण (Winter Flu Causes) हैं-

    • वायरस- सर्दियों में लोग ज्यादातर घर के अंदर रहते हैं, जिससे वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में आसानी से फैल जाते हैं।
    • ठंडी और शुष्क हवा- ठंडी और शुष्क हवा नाक के अंदर की नमी को कम कर देती है, जिसके कारण म्यूकस ज्यादा रिलीज होता है। इससे वायरस और बैक्टीरिया आसानी से शरीर में घुस जाते हैं। साथ ही, ठंडे और नमी वाले वातावरण में वे तेजी से पनपते हैं।
    • कमजोर इम्युनिटी- सर्दियों में विटामिन-डी की कमी के कारण शरीर का इम्यून सिस्टम कमजोर हो जाता है, जिससे हम इन्फेक्शन का शिकार हो जाते हैं।

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    विंटर फ्लू के लक्षण कैसे होते हैं?

    • बुखार
    • खांसी
    • गला खराब होना
    • नाक बहना
    • शरीर में दर्द
    • थकान
    • सिरदर्द

    इन लक्षणों पर भी ध्यान दें-

    • सांस लेने में तकलीफ
    • सीने में दर्द
    • तीन दिन से ज्यादा बुखार

    ये लक्षण नजर आने पर तुरंत डॉक्टर से मिलकर जांच करवाएं, क्योंकि ये रेस्पिरेटरी इन्फेक्शन के लक्षण हो सकते हैं। 

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    विंटर फ्लू से कैसे बचें?

    • हाथों को बार-बार धोएं- बार-बार हाथ धोना वायरस को फैलने से रोकने का सबसे अच्छा तरीका है।
    • मुंह और नाक को ढकें- खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को रुमाल या टिश्यू से ढकें।
    • दूरी बनाए रखें- बीमार लोगों से दूरी बनाए रखें।
    • स्वस्थ आहार लें- हेल्दी डाइट लें, ताकि आपका इम्यून सिस्टम मजबूत बने।
    • पूरी नींद लें- पर्याप्त नींद लेने से आपका शरीर इन्फेक्शन से लड़ने में ज्यादा सक्षम होगा।
    • एक्सरसाइज करें- नियमित रूप से एक्सरसाइज करने से आपका इम्यून सिस्मट मजबूत रहेगा
    • फ्लू की वैक्सीन लगवाएं- फ्लू की वैक्सीन भी इसके प्रति आपको इम्युनिटी देती है।

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    Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।