यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 11, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Arthritis के दर्द ने कर दिया है उठना-बैठना मुश्किल, तो आज से ही शुरू करें ये 6 योगासन, जल्द ही दिखेगा फायदा
गठिया यानी अर्थराइटिस को पूरी तरह ठीक नहीं किया जा सकता है लेकिन इसे मैनेज जरूर कर सकते हैं। इसके दर्द से राहत पाने के लिए रोजाना कुछ योगासन (Yoga Pos ...और पढ़ें

HighLights
- अर्थराइटिस में जोड़ों में दर्द होने लगता है, जिससे काम करना मुश्किल हो जाता है।
- अर्थराइटिस के दर्द से राहत पाने के लिए योग करना फायदेमंद होता है।
- योग करते समय भी कुछ सावधानियों का ध्यान रखना चाहिए।
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। World Arthritis Day 2024: अर्थराइटिस एक ऐसी बीमारी है, जो जोड़ों में सूजन और दर्द का कारण बनती है। अर्थराइटिस के कई प्रकार होते हैं और ये किसी भी व्यक्ति को जीवन के किसी भी पड़ाव में प्रभावित कर सकता है। अर्थराइटिस से पीड़ित लोगों के लिए रोजमर्रा के काम करना भी मुश्किल हो जाता है। हालांकि, कुछ उपायों की मदद से इसे मैनेज किया जा सकता है। इनमें योग (Yoga Poses Reduce Arthritis Pain) भी शामिल है। कुछ योगासन अर्थराइटिस के दर्द से आराम दिलवाने और इसके दर्द को कम करने में मदद कर सकते हैं। आइए जानें अर्थराइटिस से आराम पाने के लिए कुछ असरदार योगासन (Yoga Poses for Arthritis)।
.jpg)
(Picture Courtesy: Jagran Files)
अर्थराइटिस के मरीजों के लिए योगासन क्यों हैं फायदेमंद?
- फ्लेक्सिबिलिटी में सुधार- योगासन शरीर को अधिक लचीला बनाते हैं, जिससे जोड़ों पर दबाव कम होता है।
- मजबूत मांसपेशियां- मजबूत मांसपेशियां जोड़ों को सहारा देती हैं और दर्द को कम करती हैं।
- तनाव कम करना- योगासन तनाव को कम करने में मदद करते हैं, जो दर्द को बढ़ा सकता है।
- ब्लड सर्कुलेशन में सुधार- योगासन ब्लड सर्कुलेशन में सुधार करते हैं, जो जोड़ों को पोषण पहुंचाता है।
- मन को शांत मिलता है- योग करने से मन को शांत मिलती है, जिससे तनाव कम करने में मदद मिलती है। इसके कारण सूजन कम करने में भी मदद मिलती है।
यह भी पढ़ें: गठिया से करना चाहते हैं बचाव, तो आज ही अपना लें ये आसान उपाय, जोड़ों का दर्द रहेगा कोसों दूर
आर्थराइटिस के दर्द से राहत पाने के लिए योगासन
- वृक्षासन (Tree Pose)- यह आसन संतुलन और ताकत बढ़ाता है, जो जोड़ों को मजबूत बनाने में मदद करता है।
- त्रिकोणासन (Triangle Pose)- यह आसन पीठ, कूल्हे और पैरों को खींचता है, जो कठोरता को कम करता है।
- अधोमुखश्वानासन (Downward-Facing Dog)- यह आसन रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाता है और पैरों को मजबूत करता है।
- भुजंगासन (Cobra Pose)- यह आसन रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाता है और चेस्ट ओपन करता है।
- शशांक आसन (Hare Pose)- यह आसन पीठ और कूल्हों को खींचता है और तनाव को कम करता है।
- बालासन (Child’s Pose)- यह आसन शरीर को आराम देता है और तनाव को कम करता है।
योगासन करते समय इन बातों का रखें ध्यान
- अपने डॉक्टर से सलाह लें- योगासन शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लें, खासकर अगर आपको कोई चोट या बीमारी है।
- धीरे-धीरे शुरू करें- योगासन को धीरे-धीरे शुरू करें और अपनी सीमाओं का ध्यान रखें।
- दर्द को नजरअंदाज न करें- अगर आपको कोई दर्द होता है, तो तुरंत रुक जाएं।
यह भी पढ़ें: Arthritis का दर्द कम करने के लिए इन एंटी इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर फूड्स को बनाएं अपनी डाइट का हिस्सा
Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।