यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 08, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
हर सिरदर्द साधारण नहीं होता, डॉक्टर ने बताए क्या हैं Brain Tumor के खतरनाक संकेत
हर साल 8 जून को वर्ल्ड ब्रेन ट्यूमर डे मनाया जाता है जिसका उद्देश्य इस गंभीर बीमारी के प्रति लोगों में जागरुकता बढ़ाना है। कई बार इसके लक्षण नजन आने ल ...और पढ़ें

HighLights
- ब्रेन ट्यूमर के शुरुआती लक्षणों को पहचानना जरूरी है।
- हर साल 8 जून को वर्ल्ड ब्रेन टयूमर डे मनाया जाता है।
- ब्रेन ट्यूमर एक नहीं बल्कि दो प्रकार के होते हैं।
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। हर साल 8 जून को वर्ल्ड ब्रेन ट्यूमर डे मनाया जाता है। इस दिन लोगों को इस गंभीर बीमारी के प्रति जागरुक किया जाता है। आज के समय में अनहेल्दी लाइफस्टाइल और गलत खानपान के कारण कैंसर और ट्यूमर जैसी गंभीर बीमारियों के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। 8 जून को इस बीमारी के बारे में लोगों को जागरुक करने के लिए कई तरह के कैंप और सेमिनार का आयोजन किया जाता है।
कहते हैं समय रहते इनके लक्षणों की पहचान कर ली जाए तो इसका इलाज संभव हो सकता है। इसके बारे में जानने के लिए हमने डॉ. योगेश कटारिया (कंसल्टेंट न्यूरोसर्जरी, न्यूरोसांइस, स्पाइन सर्जरी, मैक्स हॉस्पिटल गुरुग्राम) से बातचीत की। उन्होंने बताया कि ब्रेन ट्यूमर के सबसे आम लक्षणों में सिर दर्द शामिल है। अक्सर लोग सिरदर्द काे सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। उन्हें लगता है कि ये थकान के कारण हो रहा है। लेकिन कुछ सिरदर्द (Headache) खतरनाक भी हो सकते हैं।
गंभीर हो सकता है लक्षण
उन्होंने कहा कि ये ब्रेन ट्यूमर जैसे गंभीर बीमारी का लक्षण हो सकता है। कहा कि ज्यादातर सिरदर्द नॉर्मल होते हैं और आराम या ओवर-द-काउंटर दवाओं से ठीक हो जाते हैं। हालांकि कुछ खास लक्षण ऐसे होते हैं, जिनके नजर आने पर तुरंत डॉक्टर से कंसल्ट करने की जरूरत होती है। इन्हें इग्नोर करने पर मामला गंभीर हो सकता है।
कब सिरदर्द को लेकर सतर्क हो जाएं?
डॉक्टर ने बताया कि अगर सिरदर्द के साथ ये लक्षण भी नजर आएं तो सतर्क हो जाने की जरूरत है। इनमें ये शामिल हैं-
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- सिरदर्द अचानक और बहुत तेज हो
- सिरदर्द किसी चोट के बाद शुरू हो
- सिरदर्द के साथ बुखार
- गर्दन में अकड़न
- शरीर पर चकत्ते
- उलझन या मानसिक स्थिति में बदलाव
- शरीर का एक हिस्सा सुन्न होना
- बोलने में दिक्कत
- बातों को समझने में परेशानी होना
- धुंधला दिखाई देना
- संतुलन बिगड़ना
- बार-बार गिरने जैसा महसूस होना
- दौरे पड़ना
- पलकों का लटक जाना
- अचानक उल्टी आना
- सिरदर्द इतना तेज हो कि नींद से जगा दे
डॉक्टर योगेश ने जानकारी दी कि कुछ खास स्थितियों में ज्यादा सतर्क होने की जरूरत होती है। अगर सिरदर्द पहली बार हो और आपकी उम्र 50 साल या उससे ज्यादा है, सिरदर्द लगातार बढ़ता जा रहा है और आराम करने या दवा लेने से भी राहत न मिल रही हो तो आपको फौरन अस्पताल भागना चाहिए।
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कब बढ़ जाता है खतरा?
इसके अलावा उन्होंने बताया कि अगर आपको पहले से ही कोई गंभीर बीमारी है, या आपके शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर है तो इस बीमारी का खतरा और भी ज्यादा बढ़ जाता है। अगर खांसी या छींकने पर भी सिरदर्द बढ़ जाता है तो इसे हल्के में न लें।