45+ महिलाएं सावधान! मेनोपॉज के बाद बढ़ सकता है कैंसर का खतरा? डॉक्टर ने दी चेतावनी
मेनोपॉज के बाद महिलाओं में कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। डॉ. तृप्ति सक्सेना बताती हैं कि हार्मोनल बदलाव और बढ़ती उम्र के कारण ब्रेस्ट, गर्भाशय, ओवेरियन औ ...और पढ़ें

मेनोपॉज के बाद महिलाओं में कैंसर का खतरा (Picture Credit- AI Generated)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। एक महिला को अपने जीवन में कई तरह के पड़ाव पार करने होते हैं। मेनोपॉज इन्हीं में से एक है, जिसमें महिलाओं को पीरियड्स आना बंद हो जाता है। यह जीवन का एक सामान्य हिस्सा है। हालांकि, इस दौरान महिलाओं में कई तरह की समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है।
कैंसर ऐसी ही एक गंभीर बीमारी है, जिसका खतरा मेनोपॉज के बाद महिलाओं में बढ़ जाता है। यही वजह है कि 45-50 की उम्र के बाद महिलाओं को अपनी सेहत पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत होती है। आइए जानते हैं इस बारे में विस्तार से-
मेनोपॉज और कैंसर का कनेक्शन
इस बारे में मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, पटपड़गंज में रेडिएशन ऑन्कोलॉजी की डायरेक्टर डॉ. तृप्ति सक्सेना बताती हैं कि यह अपने आप में कैंसर का कारण नहीं बनता, लेकिन इस दौरान शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलाव और बढ़ती उम्र के कारण कुछ खास तरह के कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए मेनोपॉज के बाद कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है।
ब्रेस्ट कैंसर
मेनोपॉज के बाद महिलाओं में होने वाला सबसे आम कैंसर ब्रेस्ट कैंसर है। मोटापा, शारीरिक मेहनत की कमी और लंबे समय तक हार्मोन की दवाइयां (HRT) लेने की वजह से इसका खतरा बढ़ सकता है।
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- किन बातों का ध्यान दें: अगर ब्रेस्ट में कोई गांठ महसूस हो, त्वचा में बदलाव दिखे या निप्पल से कोई डिस्चार्ज हो, तो तुरंत डॉक्टर से मिलें।
गर्भाशय या यूटेरिन कैंसर
मेनोपॉज के बाद अगर किसी महिला को दोबारा ब्लीडिंग (खून आना) शुरू हो जाए, तो इसे कभी भी सामान्य नहीं मानना चाहिए। यह गर्भाशय के कैंसर का शुरुआती संकेत हो सकता है।
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- किन्हें ज्यादा खतरा: जिन महिलाओं का वजन ज्यादा है या जिन्हें डायबिटीज की बीमारी है, उन्हें इसका खतरा ज्यादा होता है।
ओवेरियन कैंसर
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यह महिलाओं में होने वाला एक खतरनाक कैंसर है। ओवेरियन कैंसर को अक्सर "साइलेंट कैंसर" कहा जाता है, क्योंकि इसके लक्षण शुरुआत में आसानी से पकड़ में नहीं आते।
- किन बातों पर ध्यान दें: अगर आपको अक्सर ब्लोटिंग महसूस हो, पेट में भारीपन महसूस हो या थोड़ा खाने पर ही पेट भर जाए, तो बिना इग्नोर किए तुरंत इसकी जांच करवानी चाहिए।
पेट और आंतों का कैंसर
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50 साल की उम्र के बाद इस कैंसर का खतरा काफी बढ़ जाता है। खान-पान की गलत आदतें और मोटापा अक्सर इसका खतरा बढ़ा देते हैं। इसके अलावा डाइट में फाइबर की कमी इसका एक बड़ा कारण है।
कैंसर से बचने के लिए कुछ उपाय?
कैंसर भले ही एक गंभीर और जानलेवा बीमारी है, लेकिन सही खानपान और लाइफस्टाइल की मदद से इसके खतरे को काफी हद कम किया जा सकता है।
- इससे बचने के लिए वजन कंट्रोल में रखना बेहद जरूरी है। बढ़ता वजन कई तरह के कैंसर का कारण बनता है।
- सेहतमंद रहने के लिए एक्सरसाइज हमेशा से ही जरूरी मानी गई है। इसलिए कैंसर के खतरे को कम करने के लिए रोजाना कम से कम 30 मिनट वॉक या योग करें।
- आपकी डाइट भी काफी हद तक इस बीमारी के खतरे को कम करती है। इसलिए अपनी डाइट में फल, हरी सब्जियां और फाइबर शामिल करें। साथ ही शराब और तंबाकू से पूरी तरह दूर रहें।
- लक्षणों का इंतजार न करें। समय-समय पर मेमोग्राफी (Mammography) और पैप स्मीयर (Pap smear) जैसे टेस्ट करवाते रहें।