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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 12, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    World Sepsis Day 2023: जानलेवा तक साबित हो सकता है सेप्सिस, जानें इसके लक्षण,कारण और बचाव के तरीके

    By Harshita SaxenaEdited By: Harshita Saxena
    Updated: Tue, 12 Sep 2023 06:36 PM (GMT+05:30)

    World Sepsis Day 2023 लोग इस दिनों कई बीमारियों का शिकार होते जा रहे हैं। सेप्सिस इन्हीं बीमारियों में से एक है जो कई बार जानलेवा तक साबित हो सकती है। ...और पढ़ें

    जानें क्या सेप्सिस और इसके लक्षण और कारण
    जानें क्या सेप्सिस और इसके लक्षण और कारण

    नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। World Sepsis Day 2023: इन दिनों लोग आए दिन कई तरह की बीमारियों का शिकार होते जा रहे हैं। तेजी से बदलती लाइफस्टाइल और कामकाज के बढ़ते बोझ की वजह से लोग अक्सर कई समस्याओं की चपेट में आ जाते हैं। सेप्सिस इन्हीं में से एक है, जो एक गंभीर जानलेवा बीमारी है। ऐसे में इस बीमारी के प्रति लोगों को जागरूक करने के मकसद से हर साल 13 सितंबर को वर्ल्ड सेप्सिस डे मनाया जाता है। इस खास मौके पर जानते हैं क्या है यह गंभीर बीमारी, इसके लक्षण और इसके कारण-

    क्या है सेप्सिस?

    क्लीवलैंड क्लिनिक के मुताबिक सेप्सिस एक जानलेवा मेडिकल इमरजेंसी है, जिसकी वजह से शरीर में जल्दी-जल्दी इन्फेक्शन होने लगता है। यह बीमारी तब विकसित होती है, जब शरीर में मौजूद इन्फेक्शन प्रतिरक्षा प्रणाली को काफी ज्यादा सक्रिय कर देता है। तुरंत इलाज न मिलने पर इसकी वजह से टिशू डैमेज, ऑर्गन फेल और मौत तक हो सकती है।

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    सेप्सिस के लक्षण क्या हैं?

    सेप्सिस पीड़ित व्यक्ति के शरीर के कई अलग-अलग क्षेत्रों को प्रभावित कर सकता है, इसलिए इसके विभिन्न संभावित लक्षण हो सकते हैं। इसके प्रमुख लक्षणों में निम्न शामिल हैं-

    • लो ब्लड प्रेशर
    • तेज हृदय गति
    • सांस की तकलीफ
    • भ्रम या व्याकुलता
    • बुखार या हाइपोथर्मिया
    • कांपना या ठंड लगना
    • यूरिन संबंधी समस्याएं
    • एनर्जी की कमी/कमजोरी
    • बहुत तेज दर्द या परेशानी
    • चिपचिपी/पसीने से भरी त्वचा
    • हाइपरवेंटिलेशन (तेजी से सांस लेना)

    सेप्सिस का कारण

    आमतौर पर सेप्सिस बैक्टीरिया की वजह से होता है। हालांकि, यह फंगल, पैरासाइट और वायरल संक्रमण के कारण भी हो सकता है। इसकी वजह से बुखार, दिल की धड़कन तेज होना, सांस लेने में परेशानी आदि हो सकते हैं। हालांकि, ज्यादा गंभीर मामलों में पीड़ित को सेप्टिक शॉक भी हो जाता है।

    सेप्सिस से बचान के लिए अपनाए ये टिप्स

    सेप्सिस को रोकने या इससे बचाव के लिए आप कुछ बातों का ध्यान रख सकते हैं। इस बीमारी से बचने के लिए आप, जो कदम उठा सकते हैं उनमें निम्न शामिल हैं:-

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    • बार-बार साबुन और पानी से अपने हाथों को धोते रहें।
    • किसी भी तरह की चोट और अन्य घावों को साफ रखें।
    • घाव या चोट को ठीक होने तक ढककर रखें।
    • किसी पुरानी बीमारी पर नजर रखने के लिए नियमित रूप से चेकअप कराते रहें।
    • अगर आपको किसी संक्रमण का संदेह हो, तो तुरंत डॉक्टर या किसी विशेषज्ञ की मदद लें।

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    Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।

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