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    महिलाओं के लिए वरदान हैं ये योगासन! PCOD हो या थायरॉइड, हार्मोन्स बैलेंस करने का है सबसे अचूक तरीका

    By Meenakshi NaiduEdited By: Harshita Saxena
    Updated: Wed, 31 Dec 2025 09:04 AM (IST)

    आजकल की तेज रफ्तार और स्ट्रेसफुल लाइफ स्टाइल के कारण हार्मोनल असंतुलन आम हो गया है, जिससे थकान, अनियमित पीरियड्स, मूड स्विंग और स्किन रिलेटेड प्रॉब्लम ...और पढ़ें

    हार्मोनल असंतुलन से पाएं छुटकारा, इन योगासनों से करें प्राकृतिक उपचार (Picture Credit- Freepik)

    हार्मोनल असंतुलन से पाएं छुटकारा, इन योगासनों से करें प्राकृतिक उपचार (Picture Credit- Freepik)

    HighLights

    1. हार्मोनल असंतुलन के लिए योग प्राकृतिक समाधान है

    2. सर्वांगासन, भुजंगासन जैसे आसन ग्रंथियों को सक्रिय करते हैं

    3. नियमित अभ्यास से थकान, मूड स्विंग में सुधार

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। आज की स्ट्रेसफुल और असंतुलित लाइफ स्टाइल  में हार्मोनल इम्बैलेंस एक आम समस्या बन चुकी है। थकान, मूड स्विंग, वजन बढ़ना, बाल झड़ना, पीरियड्स में अनियमितता जैसी प्रॉब्लम्स इसी का नतीजा हैं।

    हार्मोंस शरीर की महत्वपूर्ण ग्रंथियों द्वारा बनाए जाते हैं और शरीर के लगभग हर फंक्शन को प्रभावित करते हैं। इनका संतुलन बनाए रखना जरूरी है और योग इसमें एक नेचुरल और प्रभावी उपाय है। कुछ खास योगासन हार्मोन-संबंधी ग्रंथियों को उत्तेजित कर उन्हें संतुलन में बनाए रखने में मदद करते हैं। तो आइए जानते हैं ऐसे ही कुछ योगासन और उन्हें करने के सही तरीकों के बारे में

    सर्वांगासन

    ये आसन थायरॉयड और पिट्यूटरी ग्लैंड को एक्टिव कर पूरे स्वास्थ्य को बनाए रखने में सहायक होता है।

    • कैसे करें- पीठ के बल लेट जाएं, दोनों पैरों को धीरे-धीरे ऊपर उठाएं और कमर को हाथों से सपोर्ट देकर शरीर को ऊपर उठाएं। शरीर का वजन कंधों पर हो। 30 सेकंड से 1 मिनट तक रोकें।

    भुजंगासन

    ये आसन एड्रिनल ग्रंथियों को एक्टिव कर तनाव को कम करता है।

    • कैसे करें- पेट के बल लेट जाएं, हथेलियों को कंधों के पास रखें और सांस लेते हुए सिर और छाती को ऊपर उठाएं। नाभि तक शरीर ऊपर आए। कुछ सेकंड रोकें और फिर धीरे से नीचे आएं।

    धनुरासन

    ये आसन ओवरी, थायरॉयड और प्रजनन अंगों के लिए काफी फायदेमंद है।

    • कैसे करें- पेट के बल लेटें, पैरों को मोड़कर हाथों से टखनों को पकड़ें। सांस लेते हुए शरीर को खींचें जिससे कमर से शरीर ऊपर उठे और धनुष का आकार बने।

    विपरीत करणी

    ये आसन मेंटल स्ट्रेस को कम करता है और हार्मोनल बैलेंस में मदद करता है।

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    • कैसे करें- दीवार के पास लेटें और पैरों को दीवार पर टिकाकर ऊपर करें। हाथ आराम से रखें और आंखें बंद कर 5–10 मिनट तक रहें।

    पश्चिमोत्तानासन

    इस आसन से प्रजनन प्रणाली और पाचन में सुधार होता है।

    • कैसे करें- सीधे बैठें, दोनों पैरों को सामने फैलाएं, फिर धीरे-धीरे आगे झुकें और हाथों से पैरों की उंगलियां छूने की कोशिश करें।

    अर्ध मत्स्येन्द्रासन

    ये आसन लिवर, पाचन और पैंक्रियास को उत्तेजित करता है।

    • कैसे करें- बैठकर एक पैर को मोड़ें और दूसरे पैर के ऊपर रखें। फिर शरीर को घुमाते हुए विपरीत हाथ से घुटने को पकड़ें और दूसरी दिशा में देखें।

    इन योगासनों को रोज सुबह खाली पेट 15–30 मिनट तक करें। साथ में बैलेंस्ड डाइट और पर्याप्त नींद लें। कुछ ही हफ्तों में हार्मोनल संतुलन में सुधार महसूस होगा।

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    Disclaimer: लेख में उल्लेखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो, तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।