यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 15, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Walnut Benefits: रोजाना अखरोट खाने के गजब के फायदे जानकर आप हो जाएंगे हैरान
Walnut Benefits बार्सिलोना अस्पताल और लोमा लिंडा विश्वविद्यालय की संयुक्त शोध में खुलासा हुआ है कि रोजाना 30 से 60 ग्राम अखरोट खाने से हृदय संबंधी रोग ...और पढ़ें

दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। Walnut Benefits: अखरोट को अंग्रेजी में Walnut कहा जाता है। वहीं, वैज्ञानिक भाषा में Juglans Regia कहा जाता है। इसमें प्रोटीन, कैल्शियम, वसा, कार्बोहाइड्रेट, विटामिन-ई, बी6, कैलोरी समेत कई आवश्यक पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो विभिन्न प्रकार की बीमारियों में प्रभावी होते हैं। इसके सेवन से मधुमहे समेत दिल की बीमारियों में आराम मिलता है। खासकर, ह्रदय के लिए अखरोट किसी वरदान से कम नहीं है। आइए, इसके फायदे के बारे में सबकुछ जानते हैं-
हृदय रोग में फायदेमंद
बार्सिलोना अस्पताल और लोमा लिंडा विश्वविद्यालय की संयुक्त शोध में खुलासा हुआ है कि रोजाना 30 से 60 ग्राम अखरोट खाने से हृदय संबंधी रोगों का खतरा कम हो जाता है। साथ ही सूजन 11.5 प्रतिशत कम हो जाती है। इसके अलावा, अखरोट में ओमेगा-3 फैटी एसिड पाया जाता है। इससे बैड कोलेस्ट्रॉल कम होता है और गुड कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है। इससे हृदय सेहतमंद रहता है। वहीं, अखरोट खाने से अस्थमा में भी आराम मिलता है।
दिमाग तेज होता है
अखरोट खाने से दिमाग तेज होता है। इसमें पाया जाने लगा ओमेगा-3 फैटी एसिड प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। इसके सेवन से तनाव में राहत मिलता है। वहीं, दिमाग तेज होता है। इसके अलावा, स्मरण शक्ति बढ़ती है। इसके लिए रोजाना सुबह में अखरोट का सेवन करें।
कब्ज में आराम मिलता है
अगर आप कब्ज की समस्या से परेशान हैं और इससे निजात पाना चाहते हैं, तो अखरोट का सेवन कर सकते हैं। इसके सेवन से पाचन संबंधी विकारों में आराम मिलता है। इसमें मौजूद फाइबर कब्ज के लिए दवा समान होता है। इसके लिए रोजाना अखरोट का सेवन करें।
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हड्डियां मजबूत होती हैं
शरीर में कैल्शियम और विटामिन की कमी की वजह से हड्डियां कमजोर होने लगती हैं। वहीं, अखरोट में अल्फा-लिनोलेनिक एसिड पाया जाता है। इससे हड्डियां मजबूत होती हैं। इसके लिए अखरोट सेहत के लिए दवा समान है।
डिस्क्लेमर: स्टोरी के टिप्स और सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन्हें किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर नहीं लें। बीमारी या संक्रमण के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।