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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 20, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    सोते वक्त आप भी करते हैं खूब करते हैं ओवरथिंकिंग, तो इससे बचने के लिए अपनाएं ये 5 टिप्स

    Updated: Sun, 20 Jul 2025 04:59 PM (IST)

    क्या आपके साथ भी ऐसा होता कि जैसे ही तकिए पर सिर रखते हैं आपके दिमाग में तरह-तरह के ख्याल आने लगते हैं। ओवरथिंकिंग (Overthinking at Night) की इस परेशा ...और पढ़ें

    इन टिप्स से कम करें ओवरथिंकिंग (Picture Courtesy: Freepik)
    इन टिप्स से कम करें ओवरथिंकिंग (Picture Courtesy: Freepik)

    HighLights

    1. ओवरथिंकिंग के कारण रात को अच्छी नींद नहीं आती
    2. ओवरथिंकिंग की आदत कई लोगों को होती है
    3. कुछ टिप्स की मदद से ओवरथिंकिंग को कंट्रोल कर सकते हैं

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। क्या आप रात को सोने से पहले बहुत ज्यादा सोचने लगते हैं? क्या आपके मन में भविष्य की चिंताएं या बीतती बातें घूमती रहती हैं, जिससे आपकी नींद खराब हो जाती है? अगर हां, तो आप अकेले नहीं हैं। आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में ओवरथिंकिंग (Overthinking at Night) एक आम समस्या बन गई है।

    ज्यादा सोचने की वजह से नींद भी प्रभावित होती है। यहीं कारण है कि कई लोग बिस्तर पर लेट तो जाते हैं, लेकिन उन्हें घंटों नींद नहीं आती है। हालांकि, रात में ओवरथिंकिंग की समस्या से बचने और नींद को बेहतर बनाने में कुछ टिप्स (Tips to Stop Overthinking) मददगार साबित हो सकते हैं। आइए जानें क्या हैं वो तरीके।

    रूटीन बनाएं और सोने का समय तय करें

    हमारा शरीर एक फिक्स रूटीन के अनुसार काम करता है। अगर आप रोजाना एक ही समय पर सोने और उठने की आदत डालेंगे, तो आपका शरीर उसी के अनुसार एडजस्ट हो जाएगा। सोने से पहले की रूटीन भी जरूरी है, जैसे- सोने से 1 घंटे पहले मोबाइल और लैपटॉप का इस्तेमाल बंद कर दें, कोई किताबें पढ़ें या शांत म्युजिक सुनें, गुनगुने पानी से नहाएं या हल्की स्ट्रेचिंग करें। फिक्स रूटीन से दिमाग को संकेत मिलता है कि अब सोने का समय हो गया है, जिससे ओवरथिंकिंग कम होती है।

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    माइंडफुलनेस और मेडिटेशन की प्रैक्टिस करें

    मेडिटेशन और डीप ब्रीदिंग एक्सरसाइज मन को शांत करने में मदद करती हैं। सोने से पहले 5-10 मिनट का माइंडफुलनेस मेडिटेशन करने से स्ट्रेस कम होता है और नेगेटिव विचारों पर कंट्रोल मिलता है। इसके लिए आराम से बिस्तर पर लेट जाएं या सुखासन में बैठ जाएं। अब धीरे-धीरे सांस लें और छोड़ें, अपना ध्यान सांसों पर फोकस करें। अगर कोई ख्याल आए, तो उसे जाने दें और वापस सांसों पर फोकस करें। इस प्रैक्टिस से मन शांत होगा और नींद अच्छी आएगी।

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    राइटिंग की आदत डालें

    कई बार हमारे मन में इतने सारे विचार होते हैं कि वे हमें परेशान करने लगते हैं। ऐसे में, एक डायरी में अपने विचार लिखना फायदेमंद हो सकता है। दिनभर की चिंताओं के बारे में एक डायरी में लिखें। अगले दिन की प्लानिंग करें, ताकि मन में कोई उलझन न रहे। इससे मन हल्का होगा और गैर जरूरी ख्याल सोने से पहले नहीं आएंगे।

    बेडरूम का माहौल शांत और आरामदायक बनाएं

    आपका सोने का स्थान शांत, अंधेरा और आरामदायक होना चाहिए। कुछ छोटे बदलाव करके आप बेडरूम को नींद के अनुकूल बना सकते हैं। कमरे का तापमान ठंडा रखें (18-22°C)। अगर शोर हो, तो इयरप्लग या व्हाइट नॉइज मशीन का इस्तेमाल करें। आरामदायक तकिए और गद्दे को चुनें। एक शांत वातावरण आपको जल्दी सोने में मदद करेगा।

    कैफीन और हैवी मील्स से परहेज करें

    रात को सोने से पहले कैफीन (चाय, कॉफी, सोडा) या हैवी डिनर लेने से नींद डिस्टर्ब हो सकती है। इसकी जगह- हर्बल टी (कैमोमाइल, लैवेंडर) पिएं। हल्का डिनर करें और सोने से 2-3 घंटे पहले खाना खा लें। गर्म दूध में केसर या हल्दी मिलाकर पीने से नींद अच्छी आती है।

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    Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।