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    गर्मियों में फ्रिज से बेहतर है मटके का पानी, लेकिन सफाई में की गई लापरवाही बना सकती है बीमार

    Updated: Tue, 07 Apr 2026 02:02 PM (GMT+05:30)

    गर्मी के मौसम में फ्रिज की जगह मिट्टी के मटके का पानी पीना काफी फायदेमंद हो सकता है, लेकिन इसकी साफ-सफाई का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। ...और पढ़ें

    मिट्टी के मटके की नियमित सफाई है जरूरी (Picture Courtesy: AI Generated Image)

    मिट्टी के मटके की नियमित सफाई है जरूरी (Picture Courtesy: AI Generated Image)

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    संक्षेप में पढ़ें

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। गर्मियों के मौसम में फ्रिज के ठंडे पानी की जगह मटके का पानी पीना सेहत के लिए काफी फायदेमंद हो सकता है। मटका प्राकृतिक तरीके से पानी को ठंडा रखता है और उसका pH बैलेंस बनाए रखने में भी मदद करता है। 

    लेकिन अगर मटके के रख-रखाव में लापरवाही बरती जाए, तो यही पानी आपको बीमार भी बना सकता है। इसलिए मटके को सही तरीके से साफ करना जरूरी है। आइए जानें मटके को साफ रखने के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

    नए मटके को साफ करने का सही तरीका

    • जब आप बाजार से नया मटका लाते हैं, तो उसे सीधे इस्तेमाल न करें।
    • सबसे पहले मटके को कम से कम 5-6 घंटे के लिए साफ पानी से भरे टब में डुबोकर रखें। इससे मटके की मिट्टी पूरी तरह हाइड्रेट हो जाती है और बाद में पानी लीक नहीं होगा।
    • इसके बाद मटके को हाथों या किसी मुलायम ब्रश से रगड़कर धोएं और थोड़ी देर धूप में सुखाएं।
    • जब मटका अच्छी तरह सूख जाए, तभी इसमें पानी भरें। 
    Earthen pot (2)
    (Picture Courtesy: Freepik)

    नियमित सफाई है जरूरी

    मटके में पानी लंबे समय तक जमा रहने से उसकी भीतरी दीवारों पर काई जम सकती है। इसके अलावा, ढक्कन खुला रहने या गंदगी होने पर कीड़ों के लार्वा पनप सकते हैं। इसलिए हर दिन मटका भरने से पहले उसका पुराना पानी पूरी तरह निकाल दें और मटके को खंगालकर ही नया पानी भरें।

    मटके से पानी निकालने के लिए हमेशा लंबे हैंडल वाले बर्तन का इस्तेमाल करें। सीधे हाथ या गिलास अंदर डालने से कीटाणु पानी में मिल सकते हैं।

    Earthen pot
    (Picture Courtesy: Freepik)

    साबुन का इस्तेमाल बिल्कुल न करें

    मिट्टी के घड़े में बहुत छोटे पोर्स होते हैं, जिनसे ईवापोरेशन होता है और पानी ठंडा रहता है। अगर आप मटके को बर्तन धोने वाले साबुन या लिक्विड से धोते हैं, तो साबुन के कण उन पोर्स में जमा हो जाते हैं। यह न केवल पानी के स्वाद को बिगाड़ता है, बल्कि आपके पेट में जाकर इन्फेक्शन भी पैदा कर सकता है।

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    इसकी जगह मटके को साफ करने के लिए बेकिंग सोडा या नमक का इस्तेमाल करें। यह गंध और कीटाणुओं को प्राकृतिक रूप से खत्म कर देता है।

    गंध और जिद्दी गंदगी से छुटकारा

    लगातार इस्तेमाल के बाद कभी-कभी मटके से मिट्टी की सोंधी खुशबू के बजाय अजीब सी गंध आने लगती है। इससे बचने के लिए हर 15 दिन में एक बार पानी में थोड़ा-सा सिरका मिलाकर मटके को अंदर से साफ करें। इससे बैक्टीरिया खत्म होते हैं और किसी भी तरह की बदबू दूर हो जाती है। मटके के बाहरी हिस्से पर जमने वाली सफेद परत को भी समय-समय पर साफ करते रहें, ताकि पोर्स बंद न हों।

    मटके के नीचे भी करें सफाई

    जहां मटका रखा है, उसके नीचे भी सफाई करना जरूरी है। ऐसा न करने से वहां काई जम सकती है और मच्छर पनप सकते हैं।  

    सही जगह रखें

    मटके को हमेशा किसी हवादार जगह पर रखें। खिड़की के पास या ऐसी जगह जहां हवा का सर्कुलेशन अच्छा हो, वहां ईवापोरेशन तेज होता है और पानी ज्यादा ठंडा रहता है। मटके को किसी गीले सूती कपड़े से लपेटकर रखना भी ठंडक बढ़ाने का एक बेहतरीन तरीका है।