मैसेज भेजने के बाद बार-बार करते हैं फोन चेक, तो अपनाएं टेक्स्टिंग एंग्जायटी मैनेज करने के 5 टिप्स
किसी को मैसेज करते समय घबराहट महसूस करना या मैसेज के रिप्लाई का इंतजार करते रहना टेक्स्टिंग एंग्जायटी कहलाता है। ...और पढ़ें
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टेक्स्टिंग एंग्जायटी से कैसे करें डील? (Picture Courtesy: Freepik)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। आज के दौर में मैसेजिंग बातचीत का सबसे अहम जरिया बन चुका है, लेकिन क्या कभी आपके साथ ऐसा हुआ है कि किसी को मैसेज भेजने के बाद आप बार-बार फोन चेक करते हैं या किसी का मैसेज आने पर उसे खोलने से डरते हैं और घंटों रिप्लाई नहीं कर पाते?
अगर हां, तो आप टेक्स्टिंग एंग्जायटी का शिकार हैं। यह किसी तरह की मानसिक बीमारी नहीं है, बल्कि एक साइकोलॉजिकल कंडीशन है, जो हमारी मानसिक शांति को प्रभावित कर रही है। आइए जानते हैं कि यह क्या है और इससे कैसे निपटें।
टेक्स्टिंग एंग्जायटी क्या है?
टेक्स्टिंग एंग्जायटी का मतलब है कि मैसेज करने या भेजने के बाद उसके रिप्लाई का इंतजार करने के दौरान होने वाली घबराहट या तनाव। क्योंकि मैसेज में हम सामने वाले के चेहरे के हाव-भाव और आवाज का लहजा नहीं देख और सुन सकते, इसलिए हमारा दिमाग अक्सर नेगेटिव अटकलें लगाने लगता है।

(AI Generated Image)
ओवरथिंकि करके एक छोटा-सा मैसेज भेजने से पहले उसे दस बार पढ़ना या मैसेज भेजकर उसे डिलीट कर देना। यह देखना कि सामने वाले ने मैसेज पढ़ लिया है, लेकिन जवाब नहीं दिया, और फिर यह सोचना कि क्या मैंने कुछ गलत कह दिया? या बिना गलती के सॉरी बोल देना, फोन का नोटिफिकेशन बजते ही घबराहट महसूस करना या देर से रिप्लाई करने पर घबराना टेक्स्टिंग एंग्जायटी के क्लासिक संकेत हैं।
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टेक्स्टिंग एंग्जायटी को मैनेज कैसे करें?
- रीड रिसीट्स बंद करें- अगर ब्लू टिक आपकी धड़कनें बढ़ाता है, तो इसे सेटिंग्स में जाकर बंद कर दें। जब आप यह नहीं देख पाएंगे कि मैसेज कब पढ़ा गया, तो आपका दिमाग जवाब क्यों नहीं आया वाली लूप से बाहर निकल पाएगा।
- अपनी बाउंड्री सेट करें- यह समझें कि आपको हर मैसेज का जवाब तुरंत देने की जरूरत नहीं है। आप एक डिजिटल कर्फ्यू सेट कर सकते हैं, जैसे रात 9 बजे के बाद आप किसी भी गैर-जरूरी मैसेज का जवाब नहीं देंगे।
- टोन को लेकर धारणा न बनाएं- मैसेज में भावनाएं स्पष्ट नहीं होतीं। अगर किसी ने सिर्फ Ok या K लिखा है, तो इसका मतलब यह नहीं कि वह आपसे नाराज है। हो सकता है वह बिजी हो। शब्दों के पीछे छिपे मतलब ढूंढना बंद करें।
- सीधे कॉल करना बेहतर है- अगर कोई विषय गंभीर है या आपको लग रहा है कि टेक्स्ट पर बात बिगड़ रही है, तो टाइप करना छोड़ें और फोन घुमाएं। 5 मिनट की बातचीत उन 50 मैसेज से बेहतर है जो गलतफहमी पैदा कर सकते हैं।
- रिप्लाई को अपनी वैल्यू से न जोड़ें- किसी का रिप्लाई न आना आपकी काबिलियत या आपकी अहमियत का पैमाना नहीं है।