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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 25, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Gardening Tips: जानें किस तरह के प्लांट्स के लिए चुनना चाहिए कैसा गमला

By Priyanka SinghEdited By: Priyanka Singh
Published: Fri, 25 Aug 2023 08:04 AM (IST)

Gardening Tips प्लांट्स की ग्रोथ अच्छी होगी अगर उनके गमलों का चयन सही होगा तो। वैसे तो आजकल मार्केट में ...और पढ़ें

Gardening Tips: पौधों के लिए ऐसे चुनें सही गमले
Gardening Tips: पौधों के लिए ऐसे चुनें सही गमले

HighLights

  1. पौधों के लिए कैसे चुनें सही गमले
  2. आमतौर पर 12 इंच, 10 इंच और 8 इंच के गमले पौधों के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं।

नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। Gardening Tips: इनडोर हो या आउटडोर पौधों के लिए गमले खरीदने से पहले कई छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखना जरूरी है, जैसे- पौधा कितना बड़ा है या उसकी ऊंचाई कितनी होगी, उसकी जड़ें घनी हैं, पौधा बड़े पत्तों वाला है या छोटा। वैसे ज्यादातर 12 इंच, 10 इंच और 8 इंच के गमले इस्तेमाल किए जाते हैं। अगर आपके पास जगह नहीं है, तो प्लास्टिक के छोटे-छोटे गमले रख सकते हैं। घर बड़ा है, तो छतों और आंगन में मिट्टी के गमले रखे जा सकते हैं।

मिट्टी के गमले Vs डिज़ाइनर प्लांटर्स

- बड़े पत्तों वाले पौधों के लिए कम से कम 12 इंच के प्लास्टिक के गमले लेना बेहतर होगा। बड़े पत्तों वाले किसी पौधों को लिविंग रूम में रखना चाहते हैं, तो सिरामिक के बड़े गमलों में इन्हें लगाना सही रहेगा।

- अगर आप सिर्फ मिट्टी के ही गमलों का इस्तेमाल अपने पौधों के लिए करना चाहती हैं, तो टेराकोटा गमले लगाएं। हैंगिंग प्लांट के लिए लटकाने वाले गमले भी आपको मार्केट में आसानी से मिल जाएंगे। 

- बहुत बड़े प्लांट्स के लिए सीमेंट के गमले चुन सकती हैं। लेकिन आपको बता दें कि इन गमलों की लाइफ कम होती है, बहुत जल्दी ही ये भुरभुरे हो जाते हैं। साथ ही सीमेंट की गर्मी की वजह से पौधे का विकास भी सही से नहीं हो पाता।

- आजकल ग्रो बैग भी काफी पॉपुलर हो रहे हैं। इसमें लगे पौधे सांस लेते हैं और उनकी ग्रोथ अच्छी होती है।

- सक्यूलेंट पौधों के लिए आप डाइरेक्ट सिरेमिक प्लांटर चुन सकते हैं।

पौधों में कितना पानी

गमले चुनने के साथ ही इस बात को भी जान लें कि सभी पौधों को एक ही मात्रा में पानी की जरूरत नहीं होती। पौधे के प्रकार, जरूरत और मौसम के मुताबिक पानी की मात्रा तय की जाती है। 

- शाम का समय पानी देने के लिए सबसे अच्छा माना जाता है, लेकिन तेज गर्मी में सुबह-शाम पानी देना चाहिए। 

- फुहारों के साथ पानी देने के लिए पाइप या खास स्प्रेअर का इस्तेमाल करें। बहुमंजिया इमारतों में पौधों को 10-15 दिन में एक बार फुहारों के साथ पानी दें।

- जिन गमलों में कोकोपीट मिली मिट्टी होती है, उनमें ज्यादा पानी देने की जरूरत नहीं होती। इससे पौधे की जड़ गल जाती है। सक्यूलेंट प्लांट को भी कम पानी की जरूरत होती है।

 

Pic credit- freepik