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    मौजा-ही-मौजा...पंजाबी नहींं असमिया में गाया गया है गाने का ये हिस्सा, 19 साल बाद आज भी है पार्टियों की जान

    Updated: Fri, 26 Jun 2026 01:35 PM (IST)

    फिल्म 'जब वी मेट' का मशहूर गाना 'मौजा-ही-मौजा' आज भी पार्टियों की शान है, जिसके शुरुआती बोल पंजाबी या हिंदी नहीं बल्कि एक असमी लोकगीत से लिए गए हैं। ...और पढ़ें

    जब वी मेट के हिट ट्रैक में छिपा असमी लोकगीत (Picture Credit- AI Generated)

    जब वी मेट के हिट ट्रैक में छिपा असमी लोकगीत (Picture Credit- AI Generated)

    HighLights

    1. मौजा ही मौजा की शुरुआती पंक्तियां असमिया लोकगीत हैं

    2. यह गीत बच्चों द्वारा धूप मांगने के लिए गाया जाता है

    3. प्रीतम और ध्रुवज्योति फुकन ने किया सांस्कृतिक मेल

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। शाहिद-करीना की सुपरहिट फिल्म जब-वी-वेट आज भी कई लोगों की फेवरेट फिल्मों में से एक है। इस फिल्म की कहानी के साथ-साथ इसके गानों को भी लोगों में काफी पंसद किया था। इन्हीं में से एक गाना मौजा-ही मौजा है, जो आप भी पार्टियों पर खूब बजाया जाता है। 

    इस गाने पर डांस करते हुए हमने कभी न कभी इसे गुनगुनाया जरूर होगा, लेकिन शायद ही कभी इसके लिरिक्स पर ध्यान दिया होगा। इस गाने की शुरुआत में कुछ शब्द आते हैं, जो हिंदी या पंजाबी नहीं, बल्कि एक दूसरी भाषा के शब्द हैं। असल में यह शब्द एक पुराने लोकगीत के हैं। आइए आपको बताते हैं इस गाने के इन बोल और उनके असली मतलब के बारे में- 

    असमी भाषा का गीत

    साल 2007 में आई इस फिल्म के इस गाने की शुरुआत में सुनाई देने वाली लाइंस न तो पंजाबी है और न ही हिंदी? यह बोल असल में असम के एक फेमस लोकगीत का है, जिसे आज भी वहां गुनगुनाया जाता है। सदियों से असम की लोक संस्कृति का हिस्सा रहे इस गीत के कुछ बोलों को गाने में इस्तेमाल किया गया है, जो वहां के बच्चों की एक पारंपरिक कविता हैं, जिसे 'रोडाली ए रोड दे' कहा जाता है। आइए जानते हैं असमी भाषा के इन शब्दों का मतलब।

    गाने में छिपी असली असमिया लाइन्स:

    "आली काटी जाली दिम, बोर पीरा पारी दिम

    ताते बोही बोही रोड दे,

    रोडाली ए रोड दे, ताते बोही बोही रोड दे"

    कब गाया जाता है यह गाना?

    मौजा-ही-मौजा गाने में इस्तेमाल होने की वजह से कई लोगों का यह मानना है कि इन शब्दों का मतलब भी पार्टी या मौज-मस्ती से ही जुड़ा होता, लेकिन असल में ऐसा बिल्कुल नहीं है। यह असम के ग्रामीण इलाकों में गाए जाने वाले 'उमाला गीत' का हिस्सा है। बच्चे इसे तब गाते हैं जब कई दिनों तक लगातार बारिश होती रहती है और वे बाहर खेलने नहीं जा पाते।

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    क्या है इन पंक्तियों का मतलब?

    बच्चे इस गाने को अक्सर बारिश या सर्दी के दिनों में गाते हैं, जो धूप न निकलने की वजह से घर में फंसे हुए हैं। अगर हम इस कविता का आसान हिंदी में अनुवाद करें, तो इसमें बच्चे सूरज से बात करते नजर आ रहे हैं:-

    ‘बच्चे कहते हैं कि हम तुम्हारे लिए रास्ता साफ कर देंगे और बैठने के लिए बांस की एक छोटी-सी चौकी भी बिछा देंगे। हे धूप की देवी, तुम आकर इस चौकी पर बैठो और हमें ढेर सारी धूप दो।’

    यह कमाल हुआ कैसे?

    गाने के शुरुआत में इस्तेमाल होने वाले इन शब्दों का असली मतलब जानने के बाद यह कहना गलत नहीं है कि मौजा-ही मौजा गाना असल में दो संस्कृति और भाषाओं का मिलन है। इसका पूरी श्रेय संगीतकार प्रीतम और उनके अरेंजर ध्रुवज्योति फुकन को जाता है।