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    दीपिका पादुकोण पर फिल्माए गए इस गाने में छिपा है गुजरात का लोकगीत, आज भी गरबा नाइट्स में मचाता है धूम

    Updated: Tue, 21 Jul 2026 10:08 AM (IST)

    गोलियों की रासलीला राम-लीला के गाने नगाड़ संग ढोल में गुजरात का एक पुराना लोकगीत इस्तेमाल हुआ है। ...और पढ़ें

    गरबा नाइट्स में खूब बजता है ये लोकगीत (AI Generated Image)

    गरबा नाइट्स में खूब बजता है ये लोकगीत (AI Generated Image)

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    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। दीपिका पादुकोण की फिल्म गोलियों की रासलीला राम-लीला का गरबा सॉन्ग नगाड़ संग ढोल सुपरहिट हुआ था। 13 साल बाद भी गरबा नाइट्स में इस गाने को जरूर बजाया जाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं इस गाने का अंतरा गुजरात का एक लोकगीत है?

    जी हां, नगाड़ संग ढोल गाने में एक अंतरा आता है, जिसके बोल हैं लीली लेमडी रे, जो गुजरात का मशहूर और काफी पुराना लोकगीत है। सालों से ये गीत गरबा में गाया जाता रहा है। आइए जानें गुजरात के इस लोकगीत के बारे में।  

    संवाद शैली में बना है ये गीत

    लीली लेमडी रे गुजरात का एक बहुत पुराना लोकगीत है और वहां की लोक संस्कृति में रच-बस चुका है। इस गाने को खासतौर से नवरात्र के अवसर पर गाया जाता है और इस पर गरबा खेला जाता है। 

    इस गाने के बोल लीली लेमडी रे, लीलो नागरवेल नो छोड़ से शुरू होते हैं और ये एक भक्त और भगवान के बीच के बहुत सुंदर संवाद को दर्शाता है। इस लोकगीत में भक्त भगवान को लुभाने के लिए अपने हरे-भरे नींबू और पान के बगीचों का हवाला देता है और कहता है कि उसके घर में सभी सुख-सुविधाएं हैं, आप यहां रुकें, स्नान करें, दातन करें और खाना खाकर जाएं। 

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    हालांकि, भगवान बहुत ही सुंदर तरीके से उसकी फरियाद को ठुकरा देते हैं और कहते हैं कि वे उसके घर नहीं रुक सकते, क्योंकि कुटिया में माता सीता अकेली हैं और वो राम-लक्षमण का इंतजार कर रही हैं। पूरे गाने में भक्त और भगवान के बीच यहीं संवाद चलता है, जिसे बहुत खूबसूरत तरीके से बयां किया गया है। 

    त्रण ताली गरबा शैली पर गाते हैं ये गीत

    लीली लेमडी रे एक गरबा गीत है, जिसे महिलाएं तीन ताली गरबा शैली के साथ गाती हैं। गरबा की इस शैली में लोग गोलाकार में घूमते हुए तीन-तीन ताली की थाप के साथ मां अंबे की स्तुति करते हैं। इसकी शुरुआत धीमी गति से होती है, जो धीरे-धीरे बढ़ती जाती है। कई सालों से इस गीत को गरबा खेलने के दौरान गाया जाता है। 

    बॉलीवुड में हुई इस लोकगीत की एंट्री

    संजयलीला भंसाली की फिल्म गोलियों की रासलील राम-लीला में इस गीत को नगाड़ संग ढोल बाजे गाने के साथ मिक्स किया गया है। इस गीत का पहला अंतरा गाने के बीच में गाया जाता है, जिसपर दीपिका पादुकोण ने बहुत खूबसूरत गरबा किया है। इस गाने की धुन के साथ ये लोकगीत और भी मजेदार लगा, जिसे सुनते ही पैर अपने आप थिरकने लगते हैं।