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दिमाग में चलती रहती है उथल-पुथल? ये छोटे-छोटे जापानी हैक्स सिखाएंगे सुकून से जीना, डेली रूटीन में करें फॉलो

Published: Fri, 30 Oct 2026 11:40 AM (IST)

काम के तनाव और चिंताओं से घिरे मन को शांत करने के लिए जापानी हैक्स अपनाएं।

रोज के तनाव को कम कर जिंदगी आसान बनाएंगे ये जापानी हैक्स (Image Source: AI Generated)

रोज के तनाव को कम कर जिंदगी आसान बनाएंगे ये जापानी हैक्स (Image Source: AI Generated)

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समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। ऐसा कई बार होता है कि हम काम तो कर रहे होते हैं, पर हमारा सारा ध्यान किसी चिंता में लगा रहता है। कभी भविष्य की चिंता, कभी प्रोमोशन की चिंता, कभी घर का कोई विवाद तो कभी बिगड़े हुए रिश्ते का तनाव। 

अगर आपकी जिंदगी बीते कुछ समय से इन्हीं सब चीजों में उलझकर मुश्किल हो गई है, तो ऐसे कई जापानी हैक्स हैं, जिन्हें डेली लाइफ में अपनाकर हम अपनी जिंदगी आसान बना सकते हैं। 

सोउजी 

घर की साफ-सफाई को एक काम समझना सभी की एक बड़ी भूल है, क्योंकि जापानी लोग इसे माइंडफुलनेस के तौर पर देखते हैं। यह देखभाल और अटेन्शन दोनों के लिए एक बेहतरीन तरीका है, क्योंकि जब हम अपने आसपास की चीजों की सफाई करते हैं, तो हम अपने मन को भी सुकून दे रहे होते हैं। इस तरह क्लीनिंग हमें दोबारा रिसेट होने का मौका देती है। 

इतादाकिमास 

वैसे तो जापानी संस्कृति का इतादाकिमास भारतीय संस्कृति की जड़ों में पहले से है, पर मॉडर्न दुनिया की दौड़ में हम उसे भूलते जा रहे हैं। इसका मतलब खाना खाते समय उसे विनम्रतापूर्वक स्वीकारने यानी प्रकृति को खाने के लिए ग्रैटिट्यूड या आभार व्यक्त प्रकट करना है। 

युबुने नि त्सुकारु 

गुनगुने पानी से नहाना शरीर और मन दोनों को आराम दे सकता है। जापान में इसे युबुने नि त्सुकारु नाम दिया गया है, इसका मतलब है बाथटब में नहाना या बैठना। गुनगुने पानी में थोड़ी देर रोजाना बैठकर आप अपने दिनभर की थकान और तनाव को गायब कर खुद तक वापिस लौट सकते हैं। 

मोत्ताईनाई 

जापानी शब्द मोत्ताईनाई कहता है कि किसी भी चीज की बर्बादी मत करो। आप इस विचार को अपनी दिनचर्या में अपनाकर चीजों की देखभाल ठीक से कर सकते हैं, उन्हें रिपेयर कर सकते हैं और पानी, खाना जैसी चीजों को बर्बाद होने से बचा सकते हैं। 

हायाओकी 

इसका मतलब है कि सुबह जल्दी उठना, ठीक वैसे ही जैसे आयुर्वेद में ब्रह्म मुहूर्त में उठने की सलाह दी गई है। यह अभ्यास हमें सुबह तुरंत उठकर काम में लग जाने या जिम्मेदारियां संभाल लेने के बजाय थोड़ा वक्त शांति में बिताने की बात कहता है। जापानी लोगों का मानना है कि सुबह के सुकून भरे 5-6 मिनट्स पूरे रूटीन को आसान बना सकते हैं। इससे स्ट्रेस भी कम होता है और शरीर भी थका हुआ महसूस नहीं करता।