गर्मियों में भी फूलों से लदा रहेगा गुलाब का पौधा, बस अप्रैल के महीने में कर लें ये 3 काम
गर्मी के मौसम में गुलाब के फूलों की खास देखभाल करना जरूरी है, ताकि उस पर फूल आने बंद न हो।

इन तरीकों से गुलाब के पौधे पर आएंगे खूब सारे फूल (AI Generated Image)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। गुलाब का पौधा देखने में काफी खूबसूरत लगता है। इसके लाल-गुलाबी फूल और उनकी खुशबू हर किसी को खूब पसंद आती है। लेकिन पौधे को फूलों से लदा हुआ रखने के लिए सही देखभाल जरूरी है।
अक्सर लोग शिकायत करते हैं कि सर्दियों में तो गुलाब खूब खिले, लेकिन गर्मी शुरू होते ही फूल छोटे होने लगे या पौधे ने फूल देना बंद कर दिया। अगर आप भी इस समस्या से जूझ रहे हैं, तो घबराइए मत। बस ये 3 आसान उपाय अपनाएं और देखिए कैसे आपका बगीचा अप्रैल की चिलचिलाती धूप में भी गुलाबों की खुशबू से महक उठता है।
प्रूनिंग और डेडहेडिंग
गुलाब के पौधे में फूल पाने का सबसे पहला नियम है पुरानी और सूखी चीजों को हटाना।
- डिडहेडिंग- जो फूल खिलकर मुरझा चुके हैं, उन्हें पौधे पर न रहने दें। मुरझाए हुए फूल पौधे की एनर्जी सोखते रहते हैं और बीज बनाने की प्रक्रिया शुरू कर देते हैं। जैसे ही फूल सूखने लगे, उसे टहनी के थोड़े नीचे से काट दें।
- सफाई- पौधे के नीचे गिरी हुई सूखी पत्तियों को हटा दें। हल्की प्रूनिंग करने से पौधे के भीतर हवा और धूप का संचार बेहतर होता है, जिससे नई शाखाएं निकलती हैं।
सही पोषण और फर्टिलाइजर
अप्रैल की गर्मी में पौधे को ज्यादा पोषण की जरूरत होती है। इस समय केमिकल फर्टिलाइजर के बजाय ऑर्गेनिक खाद पर जोर दें-
- केले के छिलके और चाय पत्ती- गुलाब के लिए पोटेशियम बहुत जरूरी है। सूखे हुए केले के छिलकों का पाउडर या इस्तेमाल की हुई चाय पत्ती मिट्टी में मिलाएं। यह मिट्टी का pH बैलेंस बनाए रखता है, जो गुलाब के लिए काफी फायदेमंद है।
- गोबर की खाद या वर्मीकंपोस्ट- महीने में एक बार दो मुट्ठी अच्छी तरह सड़ी हुई गोबर की खाद डालें। यह नाइट्रोजन का अच्छा सोर्स है, जो पत्तियों को हरा-भरा रखने और जड़ों को मजबूती देने में मदद करता है।
वाटरिंग और मल्चिंग
अप्रैल की धूप मिट्टी की नमी को बहुत जल्दी सोख लेती है। गुलाब की जड़ों को ठंडक और नमी की जरूरत होती है-
- मल्चिंग- यह सबसे जरूरी उपाय है। पौधे की मिट्टी के ऊपर सूखी घास, गन्ने की खोई या लकड़ी के बुरादे की एक परत बिछा दें। इसे मल्चिंग कहते हैं। यह नमी को उड़ने से रोकता है और सीधी धूप से जड़ों को बचाता है।
- पानी देने का सही समय- हमेशा सुबह सूरज निकलने से पहले या शाम को सूरज ढलने के बाद ही पानी दें। याद रखें, गमले की ऊपरी मिट्टी सूखने पर ही पानी दें, लेकिन मिट्टी को पूरी तरह पत्थर जैसा न होने दें। साथ ही, सीधा मिट्टी में पानी दें, पौधे के ऊपर से नहीं। ऐसा करने से फंगस और बीमारियों का खतरा कम होता है।
सही धूप भी है जरूरी
हालांकि गुलाब को धूप पसंद है, लेकिन अप्रैल की दोपह की तीखी धूप फूलों को झुलसा सकती है। अगर हो सके, तो अपने पौधों को ऐसी जगह रखें जहां उन्हें सुबह की 5-6 घंटे की अच्छी धूप मिले और दोपहर में थोड़ी छाया रहे।
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