यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 08, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
मरने से पहले आत्मा को संकेत देता है दिमाग, नई स्टडी में हुए चौंकाने वाले खुलासे
एक इंसान की जब मौत होती है तो उनका शरीर पहले से ही संकेत दे देता है। हाल ही में अमेरिका के एरिजोना यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर और एनेस्थेसियोलॉजिस्ट डॉ. ...और पढ़ें

HighLights
- अमेरिका के एरिजोना यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर ने मौत पर रिसर्च किया।
- प्रोफेसर ने बताया कि मरने के बाद भी दिमाग एक्टिव रहता है।
- मौत के समय इंसान के दिमाग में एनर्जी का तेज उछाल होता है।
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। जो दुनिया में आया है उसे एक न एक दिन जाना ही है। मौत बेहद दर्दनाक होती है। लेकिन क्या आपने कभी ये साेचा है कि मरने से पहले और उसके बाद इंसान के शरीर में क्या-क्या होता है। इस बात की तह तक जाने के लिए वैज्ञानिक शोध करने लगे हैं। सबसे आश्चर्य की बात यह है कि इस विषय पर जो किताबें लिखी गईं हैं उनके ज्यादातर लेखक डॉक्टर हैं।
हाल ही में हुए शोध से पता चला है कि मौत के समय हमारा दिमाग एक्टिव रहता है। यहां तक कि क्लीनिकल डेथ के बाद भी दिमाग एक्टिव पाया गया है। मेडिकल रिसर्चर्स का का मानना है कि यह एनर्जी आत्मा के शरीर छोड़ने का संकेत हो सकता है। शोध में मरने की प्रक्रिया और उसके बाद के रहस्य को सुलझाने की ओर इशारा किया गया है।
दिमाग में आया तेज उछाल
आपको बता दें कि अमेरिका के एरिजोना यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर और एनेस्थेसियोलॉजिस्ट डॉ. स्टुअर्ट हैमरॉफ ने इस विषय पर एक शोध किया है। उन्होंने बताया कि मौत के समय इंसान के दिमाग में अचानक एनर्जी का तेज उछाल देखा गया है है। जबकि उस मृत इंसान के शरीर में न तो ब्लड प्रेशर था और न ही हार्टबीट।
आत्मा को शरीर छोड़ने का संकेत देता है दिमाग
उन्होंने बताया कि यह वो एनर्जी होती है जब दिमाग आत्मा को शरीर छोड़ने का संकेत देता है। एरिजोना यूनिवर्सिटी द्वारा की गई स्टडी मरने वाले मरीजों के दिमाग की जांच पर आधारित है। जिसमें इलेक्ट्रोएन्सेफेलोग्राम (EEG) का इस्तेमाल किया गया है। EEG एक ऐसी मशीन है जो दिमाग की इलेक्ट्रिकल एक्टिविटी को रिकॉर्ड करती है।
खबरें और भी
देखी गई गामा ब्रेन एक्टिविटी
इस रिसर्च में गामा ब्रेन एक्टिविटी देखी गई है, जिसे आमतौर पर कॉग्निटिव कार्यों से जोड़ा जाता है। इस रिसर्च ने मौत के बाद भी दिमाग के सक्रिय रहने का संकेत दिया है। डॉक्टर ने बताया कि जब मरीज की सांस, ब्लड प्रेशर और दिल की धड़कनें सब बंद हो गई थी, इसके बावजूद उनके दिमाग में एक्टिविटी देखी गई। ये गामा ब्रेन वेव्स थीं, जो आमतौर पर सोचने-समझने से जुड़ी होती हैं।
इस विषय पर हुआ शोध
शोध में इस बात का खुलासा हुआ कि ये चेतना आमतौर पर मौत से पहले ही ब्रेन में देखी गई। ये मौत के करीब दिमाग के एक अनोखे व्यवहार का संकेत देती है। हालांकि यह अध्ययन मृत्यु के बाद के जीवन या आत्मा के अस्तित्व के बारे में कोई उत्तर नहीं देता है। स्टडी का नाम 'Surge of neurophysiological coupling and connectivity of gamma oscillations in the dying human brain' है।