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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 03, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    माइक्रोस्लीप हो सकती है खतरनाक, जानें क्या है इसका कारण और कैसे रहें इससे अलर्ट

    Updated: Thu, 03 Jul 2025 07:06 PM (IST)

    माइक्रोस्लीप एक ऐसी स्थिति है जिसमें ड्राइविंग या फोकस का काम करते समय अचानक झपकी आ जाती है। यह स्थिति कुछ सेकंड तक रहती है और जानलेवा हो सकती है। नीं ...और पढ़ें

    कैसे नुकसान पहुंचा सकती है माइक्रोस्लीप? (Picture Credit- Freepik)
    कैसे नुकसान पहुंचा सकती है माइक्रोस्लीप? (Picture Credit- Freepik)

    HighLights

    1. क्या आपको भी ड्राइविंग करते समय अचानक झपकी आती है ?
    2. कुछ सेकंड की नींद या झपकी माइक्रोस्लीप कहलाती है।
    3. हालांकि, यह कई बार जानलेवा साबित हो सकता है।

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। लंबे समय तक ड्राइविंग करते हुए अक्सर ऐसा देखा गया है कि ड्राइव करने वाले को अचानक ही झपकी आ जाती है या वो कुछ सेकंड के लिए सो जाता है। माइक्रोस्लीप की यह स्थिति ड्राइविंग या कोई फोकस का काम करने के दौरान जानलेवा साबित हो सकती है।

    कुछ सेकंड की नींद या झपकी माइक्रोस्लीप कहलाती है। कई बार लोगों को पता भी नहीं चलता कि नींद का यह झोंका कब आया और चला गया। चाहे काम कर रहे हों, स्कूल में हों या फिर टीवी देख रहे हों, माइक्रोस्लीप आप पर कभी भी हावी हो जाती है, लेकिन ड्राइविंग के दौरान या कोई हैवी मशीन इस्तेमाल करने के दौरान ऐसा होना जानलेवा साबित हो सकता है। आखिर ऐसा क्यों होता है आइए जानते हैं।

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    क्या है माइक्रोस्लीप

    काफी सारे रिसर्चर माइक्रोस्लीप को 15 सेकंड या उससे कम की नींद के रूप में बताते हैं। इस दौरान लोगों का उस काम से कंट्रोल खत्म हो जाता है, जो वो कर रहे होते हैं। वैज्ञानिक इस बात को समझने की कोशिश कर रहे हैं कि माइक्रोस्लीप के दौरान ब्रेन में क्या होता है। वैसे अलग-अलग लोगों में इसमें फर्क नजर आ सकता है लेकिन ज्यादातर लोगों की आंखें बंद हो जाती हैं और उनका अटेंशन खत्म हो जाता है।

    आंखें खोलकर भी सो सकते हैं

    वैसे तो माइक्रोस्लीप में लोगों की आंखें हल्की या पूरी बंद हो जाती है, वहीं कुछ लोग खुली आंख में भी सो जाते हैं। इसका एक और लक्षण है कि वह व्यक्ति सिर हिला रहा होता है। ज्यादातर लोगों को कई बार पता भी नहीं चलता कि उन्हें थोड़ी देर के लिए झपकी आ गई थी। इस दौरान लोगों का ध्यान आस-पास की आवाज या विजुअल से भी हट जाता है।

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    ये हो सकते हैं कारण

    माइक्रोस्लीप का सबसे मुख्य कारण होता है-

    • नींद आना या नींद की कमी।
    • स्लीप डिसऑर्डर- जिसमें नींद कम आती है या ज्यादा आती है
    • शिफ्ट में काम करने से
    • इनसोम्निया और ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एप्निया
    • लगातार एक ही तरह का ऊबाऊ काम करने पर

    हो सकता है खतरा

    ड्राइविंग, हैवी मशीनरी ऑपरेट करने, सर्जरी या कोई महत्वपूर्ण काम करने के दौरान माइक्रोस्लीप का सबसे बड़ा जोखिम एक्सीडेंट का होता है।

    ऐसे रहें सतर्क

    हमेशा ही माइक्रोस्लीप की स्थिति रोक पाना आसान नहीं होती। लेकिन कुछ ऐसे काम जहां आपको ज्यादा फोकस की जरूरत है तो इस तरह अलर्ट रह सकते हैं:

    • खुद को जगाए रखने या अलर्ट रहने के लिए कैफीन जैसी चीजों का इस्तेमाल ना करें।
    • ऐसी दवाएं या चीजें लेने से बचें जोकि आपकी अलर्टनेस कम करती हों।
    • रोजाना 7-9 घंटे की नींद जरूर लें।
    • अगर लंबी दूरी के लिए ड्राइविंग करनी है तो नींद का कोटा जरूर पूरा करें।

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