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    हजारों फॉलोअर्स, फिर भी महसूस होती है तन्हाई? पढ़ें क्यों बढ़ रहा है अकेलापन और कैसे निकलें इससे बाहर

    Updated: Thu, 15 Jan 2026 03:28 PM (IST)

    सोशल मीडिया पर हजारों फॉलोअर्स होने के बावजूद क्या आप भी खुद को अकेला महसूस करते हैं? अगर हां, तो आप अकेले नहीं हैं। दरअसल, यह अकेलेपन (Loneliness) की ...और पढ़ें

    अकेलेपन से खुद को कैसे बचाएं? (Picture Courtesy: Freepik)

    अकेलेपन से खुद को कैसे बचाएं? (Picture Courtesy: Freepik)

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    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। आज की भागदौड़ भरी और डिजिटल दुनिया में एक अजीब विरोधाभास देखने को मिल रहा है, हम हजारों लोगों से सोशल मीडिया पर जुड़े हैं, फिर भी अंदर से खुद को काफी अकेला महसूस (Loneliness Causes) करते हैं। यह समस्या सिर्फ एक व्यक्ति की नहीं है, बल्कि आज कई युवा इस समस्या से जूझ रहे हैं। 

    अंदरुनी अकेलापन युवाओं और वर्किंग प्रोफेशनल्स के लिए एक गंभीर मानसिक समस्या बनता जा रहा है। आइए जानें ऐसा क्यों हो रहा है और इस समस्या से बचने के लिए किन बातों (Tips to Fight Loneliness) का ध्यान रखना चाहिए।  

    Loneliness (1)

    (Picture Courtesy: Freepik)

    अकेलेपन के बढ़ते कारण क्या हैं?

    डिजिटल दिखावा बनाम वास्तविक जुड़ाव- हम घंटों सोशल मीडिया पर बिताते हैं, लेकिन यह जुड़ाव सतही है। दूसरों की परफेक्ट लाइफ की तस्वीरें देखकर व्यक्ति अक्सर अपने जीवन की तुलना उनसे करने लगता है, जिससे हीन भावना और अकेलेपन की भावना पैदा होती है। यह समझना जरूरी है लाइक्स और कमेंट्स कभी भी आमने-सामने की बातचीत की जगह नहीं ले सकते।

    न्यूक्लीयर फैमिली का चलन- जॉइन्ट फैमिली का चलन कम होने और नौकरी के सिलसिले में दूसरे शहरों में बसने के कारण लोगों का अपना पारंपरिक सपोर्ट सिस्टम खत्म हो गया है। फ्लैट्स में लोग अपने पड़ोसी तक को नहीं जानते, जो सामाजिक दायरे को सीमित कर देता है। इसके कारण भी लोग अकेला महसूस करते हैं। 

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    काम का ज्यादा दबाव- करियर की अंधी दौड़ में लोगों के पास खुद के लिए और अपनों के लिए समय नहीं बचा है। 'वर्कहोलिक' होना आजकल गर्व की बात मानी जाती है, लेकिन यह धीरे-धीरे व्यक्ति को सामाजिक रूप से काट देता है। हमेशा काम में व्यस्त होने की वजह से व्यक्ति अपने आस-पास के लोगों से जुड़ नहीं पाता।

    अकेलेपन से निपटने के लिए क्या करें?

    खुद से दोस्ती करें

    अकेले होने और अकेला महसूस करने में अंतर है। खाली समय में खुद को कोसने के बजाय अपनी हॉबीज पर ध्यान दें। पेंटिंग, डायरी लिखना या गार्डनिंग जैसी एक्टिविटीज आपको खुद से जोड़ती हैं। जब आप खुद के साथ कम्फर्टेबल महसूस करने लगते हैं, तो अकेलेपन का डर भी खत्म हो जाता है।

    स्क्रीन टाइम घटाएं, पीपल टाइम बढ़ाएं

    सोशल मीडिया का इस्तेमाल सीमित करें। फोन पर चैट करने के बजाय कॉल पर बात करें या हो सके तो मिलकर बात करें। सप्ताह में कम से कम एक बार दोस्तों या परिवार के साथ बिना फोन के समय बिताने का नियम बनाएं।

    कम्युनिटी और ग्रुप्स से जुड़ें

    अपने आसपास के किसी एनजीओ, स्पोर्ट्स क्लब, बुक क्लब या योग क्लास से जुड़ें। जब आप एक जैसी हॉबीज वाले लोगों से मिलते हैं, तो स्वाभाविक रूप से नए रिश्ते बनते हैं। दूसरों की मदद करना अकेलेपन को दूर करने का सबसे बेहतरीन तरीका है, क्योंकि यह आपको अच्छा महसूस होता है।

    छोटी बातचीत की शुरुआत करें

    जरूरी नहीं कि हर बातचीत डीप हो। अपने ऑफिस के सहयोगी, कैब ड्राइवर या सब्जी वाले से मुस्कुराकर बात करना भी आपके दिमाग में 'हैप्पी हार्मोन्स' रिलीज करता है और आपको समाज का हिस्सा महसूस कराता है।

    प्रोफेशनल मदद लेने में न हिचकिचाएं

    अगर अकेलापन डिप्रेशन या एंग्जायटी का रूप ले रहा है, तो किसी थेरेपिस्ट या काउंसलर से बात करें। मानसिक स्वास्थ्य के लिए मदद मांगना कमजोरी नहीं, बल्कि समझदारी है।


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